Ganna Satta Calendar (बॉन्डिंग) क्या है?

सट्टा कैलेंडर (Bonding Calendar) वह सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो यह तय करता है कि एक किसान का गन्ना मिल में कब लिया जाएगा। यह कोई साधारण तारीखों का कैलेंडर नहीं है, बल्कि यह आपकी उपज (Yield), जमीन (Land Area) और कोटा (Quota) का गणित है।

सरल भाषा में: यह बताता है कि मिल चलने के बाद किस 'पक्ष' (15 दिन का समय) और किस 'कॉलम' में आपकी पर्ची कटेगी।

Basic Quota और Bonding कैसे तय होती है?

बहुत से किसान पूछते हैं कि "मेरा गन्ना ज्यादा खड़ा है पर सट्टा कम क्यों है?"। इसके 3 मुख्य नियम हैं:

1. Basic Quota

आपने पिछले 3 या 5 सालों में औसतन जितना गन्ना मिल को दिया है, वही आपका 'पक्का सट्टा' माना जाता है।

2. Bonding Area

सर्वे के दौरान आपकी जमीन में जितना गन्ना मापा गया है। सट्टा कभी भी सर्वे से ज्यादा नहीं हो सकता।

3. Yield Limit

जिले की औसत पैदावार (जैसे 600-800 क्विंटल/हेक्टेयर) से ज्यादा का सट्टा नहीं माना जाता।

Satta Calendar Online देखने का तरीका

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CaneUp Login

caneup.in वेबसाइट पर जाएं और "आंकड़े देखें" बटन पर क्लिक करके लॉगिन करें।

चरण 2: 'आंकड़े देखें' पर क्लिक करें

वेबसाइट के होमपेज पर "आंकड़े देखें" बटन पर क्लिक करें। इसके बाद कैप्चा (Captcha) कोड भरें।

Selecting District and Factory on CaneUp Portal

सही जिला और फैक्ट्री चुनकर अपना कैलेंडर देखें

चरण 3: अपनी जानकारी चुनें

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'Ganna Calendar' टैब

डैशबोर्ड में ऊपर की तरफ "Ganna Calendar" लिखा होगा। उस पर क्लिक करें। आपके सामने बॉक्स जैसा एक चार्ट खुलेगा।

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कॉलम और पक्ष समझें

Paksh (पक्ष): यह 15 दिन का समय होता है।
Column: पर्ची का नंबर।
* (Star): यदि बॉक्स में सितारा बना है, तो पर्ची मान्य है।

Pre-Calendar vs Main Calendar

Pre-Calendar (प्री-कैलेंडर) Main Calendar (मुख्य कैलेंडर)
सीजन शुरू होने से पहले जारी होता है। मिल चलने के बाद फाइनल होता है।
इसमें गलती सुधारी जा सकती है (आपत्ति)। इसमें कोई बदलाव नहीं होता।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q: Satta Calendar me sudhar kaise karein?

Ans: Sudhar ke liye 'Satta Pradarshan' (Display) ke samay samiti mein aavedan dein. Ye process aam taur par September-October mein hoti hai.

Q: Basic Quota kaise badhaya jaye?

Ans: Basic Quota aapki pichle 3 se 5 saal ki average supply par nirbhar karta hai. Agar aap har saal poora गन्ना dalenge, to quota badh jayega.

Rahul Yadav
Written & Fact-Checked By:

Rahul Yadav

CaneUp & Agriculture Expert

Rahul Yadav is a progressive farmer from Western UP with deep knowledge of sugarcane farming and digital portals like CaneUp. He helps farmers navigate government schemes easily.