GANNAUP
6 अक्टूबर का फैसला — 14 दिन से देर हुई तो मिल को ब्याज देना ही होगा। 1,936 करोड़ के बकाए का अब क्या होगा?
फोटो: GannaUP
GANNAUP
सरकार का तर्क था कि 15% ब्याज से मिलें दिवालिया होंगी, और मिल बंद हुई तो नुकसान किसान का होगा। कोर्ट ने जवाब दिया: 14 दिन का नियम और 15% ब्याज किसान को कर्ज़ के जाल से बचाने की ज़रूरी सुरक्षा है, इस पर समझौता नहीं हो सकता।
फोटो: GannaUP
GANNAUP
रिकवरी सर्टिफिकेट में कुल 1,936 करोड़ दर्ज है। हाईकोर्ट ने कहा कि ब्याज का एक पैसा भी वसूल नहीं हुआ है। कई सर्टिफिकेट 15% की जगह 12% दर पर जारी कर दिए गए थे, इस पर अधिकारियों को फटकार भी लग चुकी है।
फोटो: GannaUP
GANNAUP
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वीएम सिंह ने 2006 में जनहित याचिका दायर की थी। 1990 के दशक से अटके बकाए पर उन्होंने कहा — यह बड़ी उपलब्धि है, 30 साल के इंतज़ार का दर्द किसान ही समझ सकता है।
फोटो: GannaUP
GANNAUP
तौल पर्चियां संभालकर रखें, समिति सचिव से सालवार ब्याज का लिखित हिसाब मांगें, रिकवरी सर्टिफिकेट में 15% दर ज़रूर जांचें। शिकायत के लिए 1800-121-3203। गन्ने की ताज़ा खबरें, हर दिन GannaUP पर।
फोटो: GannaUP