पेराई सत्र

गन्ने की लागत ₹2,22,520 प्रति हेक्टेयर पहुंची, अब ₹500 भाव की मांग और तेज़ गन्ना भाव गन्ने की लागत ₹2,22,520 प्रति हेक्टेयर पहुंची, अब ₹500 भाव की मांग और तेज़ किसान संगठनों के आंकलन में इस सत्र गन्ने की औसत उत्पादन लागत ₹2,22,520 प्रति हेक्टेयर पहुंच गई है, जो पिछले साल से ₹10,477 ज्यादा है। चीनी के बढ़े दाम और पेराई शुरू होने के बीच ₹500 प्रति क्विंटल भाव की मांग तेज हो गई है, जबकि 2026-27 के SAP की घोषणा अभी बाकी है। ₹4,500 पहली किस्त नहीं तो मिल बंद: 185 किमी रैली के बाद कोल्हापुर में 80 ट्रैक्टर रोके गए ताज़ा ख़बर ₹4,500 पहली किस्त नहीं तो मिल बंद: 185 किमी रैली के बाद कोल्हापुर में 80 ट्रैक्टर रोके गए कोल्हापुर में 25 अक्टूबर की 185 किमी बाइक रैली के बाद रविवार रात भोसे में गन्ना लदे करीब 80 ट्रैक्टर रोके गए। पहली किस्त ₹4,500 प्रति टन की मांग पर बैठक बेनतीजा रही, और UP के किसानों के लिए भी भाव की इस लड़ाई से सबक है। गन्ना ट्रॉली में एक टन ज़्यादा लोड पड़ा तो ₹20,000 जुर्माना, जानें बचने के 5 नियम खेती गाइड गन्ना ट्रॉली में एक टन ज़्यादा लोड पड़ा तो ₹20,000 जुर्माना, जानें बचने के 5 नियम पेराई सत्र में गन्ना ढोते वक्त ओवरलोडिंग पर मोटर वाहन कानून में ₹20,000 जुर्माना और हर अतिरिक्त टन पर ₹2,000 का प्रावधान है। यूपी गन्ना विभाग के ट्रांसपोर्ट नियम, ट्रैक्टर-ट्रॉली का पेंच और किसान के लिए 5 काम की बातें जानें। 1 नवंबर से थमेगा 5 लाख मजदूरों का कोयता, UP के किसानों पर भी पड़ेगा असर ताज़ा ख़बर 1 नवंबर से थमेगा 5 लाख मजदूरों का कोयता, UP के किसानों पर भी पड़ेगा असर महाराष्ट्र में 5 लाख गन्ना कटाई मजदूरों ने 1 नवंबर से कोयता बंद की चेतावनी दी है। तीन साल पुराना मजदूरी समझौता खत्म हो चुका है और नया समझौता अब तक नहीं हुआ। जानें पूरा विवाद और UP के किसानों पर इसका क्या असर होगा। महाराष्ट्र में 75 मिलें चालू, 26 लाख टन गन्ना पिसा — UP के किसानों पर पड़ेगा ये असर ताज़ा ख़बर महाराष्ट्र में 75 मिलें चालू, 26 लाख टन गन्ना पिसा — UP के किसानों पर पड़ेगा ये असर महाराष्ट्र में 23 अक्टूबर तक 75 चीनी मिलों में पेराई शुरू हो चुकी है और 26 लाख टन गन्ना पिसा जा चुका है। पश्चिमी महाराष्ट्र में आंदोलन के चलते रफ्तार धीमी है, और इसका असर चीनी भाव व UP के पेराई सीजन पर भी पड़ सकता है। 162 करोड़ बकाया, 55 करोड़ का चेक बाउंस: बहेड़ी केसर मिल के गन्ना केंद्र छिनकर दूसरी मिलों को ताज़ा ख़बर 162 करोड़ बकाया, 55 करोड़ का चेक बाउंस: बहेड़ी केसर मिल के गन्ना केंद्र छिनकर दूसरी मिलों को गन्ना आयुक्त के आदेशों से बरेली की केसर मिल बहेड़ी का गन्ना क्षेत्र कट गया। 162 करोड़ के बकाये और 55 करोड़ के बाउंस चेक के बाद मिल के गन्ना केंद्र फरीदपुर, मीरगंज समेत दूसरी मिलों को दे दिए गए। किसानों के लिए आगे की राह क्या है, जानिए। बरेली के किसानों का गन्ना अब 3 जिलों में, 2 मिलें बंद — 10 नवंबर से पेराई ताज़ा ख़बर बरेली के किसानों का गन्ना अब 3 जिलों में, 2 मिलें बंद — 10 नवंबर से पेराई बरेली की बहेड़ी और नवाबगंज चीनी मिलों को इस पेराई सत्र में गन्ना नहीं मिलेगा. किसानों का गन्ना पीलीभीत, शाहजहांपुर और रोजा की मिलों में भेजा जाएगा; 10-15 नवंबर के बीच पेराई शुरू होने की उम्मीद है. 25 अक्टूबर को गन्ना लेकर पहुंचेंगे किसान: मोरना मिल में धरना, तैयारियां पूरी करो ताज़ा ख़बर 25 अक्टूबर को गन्ना लेकर पहुंचेंगे किसान: मोरना मिल में धरना, तैयारियां पूरी करो मुजफ्फरनगर की मोरना चीनी मिल में भाकियू (टिकैत) का धरना। 25 अक्टूबर से पेराई की मांग पर किसानों ने गन्ना लेकर मिल पहुंचने का ऐलान किया, ब्याज और सब्सिडी के ब्योरे की भी मांग। 24 अक्टूबर से गन्ना पेराई: मुजफ्फरनगर की 8 मिलों की तिथियां घोषित, मोरना में धरना क्यों? ताज़ा ख़बर 24 अक्टूबर से गन्ना पेराई: मुजफ्फरनगर की 8 मिलों की तिथियां घोषित, मोरना में धरना क्यों? मुजफ्फरनगर जिले की सभी 8 चीनी मिलों के पेराई सत्र की तिथियां घोषित हो गई हैं। मंसूरपुर से 24 अक्टूबर और खतौली से 1-2 नवंबर से पेराई शुरू होगी। वहीं मोरना मिल पर भाकियू ने 25 अक्टूबर से पेराई की मांग को लेकर धरना दिया। बरेली: मिल में 45, दुकान पर 60 - चीनी के दाम पर स्टॉक-लिमिट भी बेअसर ताज़ा ख़बर बरेली: मिल में 45, दुकान पर 60 - चीनी के दाम पर स्टॉक-लिमिट भी बेअसर अक्तूबर की शुरुआत में बरेली में चीनी 50 रुपये किलो थी, अब 60 रुपये। मिलों के स्टॉक के आंकड़े भी एक जैसे नहीं, 85 हजार बनाम 1.24 लाख क्विंटल। जमाखोरी पर स्टॉक-सीमा के बावजूद दाम क्यों नहीं घट रहे, पूरी पड़ताल। गन्ना भाव 2026-27: कमेटी की बैठक में ₹600 की मांग उठी, लागत ₹392 बताई, फैसला अभी बाकी गन्ना भाव गन्ना भाव 2026-27: कमेटी की बैठक में ₹600 की मांग उठी, लागत ₹392 बताई, फैसला अभी बाकी लखनऊ में गन्ना आयुक्त कार्यालय में 7 अक्टूबर की उप-समिति बैठक में 2026-27 के लिए ₹600 प्रति क्विंटल SAP की मांग उठी। किसान संगठनों का दावा: लागत ₹392, जबकि चीनी के दाम ऊंचे। घोषणा अभी बाकी है। गन्ने में फूल (तुण) दिखा? इस खेत की कटाई सबसे पहले कराओ — 3-4 महीने में वजन-चीनी सुरक्षित खेती गाइड गन्ने में फूल (तुण) दिखा? इस खेत की कटाई सबसे पहले कराओ — 3-4 महीने में वजन-चीनी सुरक्षित गन्ने में फूल (पुष्पन/तुण) आने के बाद नुकसान तुरंत नहीं, देर करने पर होता है। फूल आने के 3-4 महीने के अंदर कटाई हो जाए तो वजन और चीनी सुरक्षित रहती है — जानिए मिल के कैलेंडर में फूल वाली फसल को प्राथमिकता दिलाने की पूरी रणनीति।