एथेनॉल

गन्ने के दाम पर किसान-मिल टकराव क्यों? 31 से 50 रुपये वाली मांग के पीछे का गणित ताज़ा ख़बर गन्ने के दाम पर किसान-मिल टकराव क्यों? 31 से 50 रुपये वाली मांग के पीछे का गणित पेराई सत्र शुरू हो गया है पर 2026-27 का यूपी SAP अभी घोषित नहीं हुआ। मिलें एक क्विंटल चीनी की लागत 4,200 से 4,300 रुपये बता रही हैं और चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य 31 से बढ़ाकर 50 रुपये करने की मांग कर रही हैं। एथेनॉल टेंडर में गन्ना बाहर होते ही चीनी शेयर 13% टूटे, यूपी की 122 मिलों की कमाई पर सवाल ताज़ा ख़बर एथेनॉल टेंडर में गन्ना बाहर होते ही चीनी शेयर 13% टूटे, यूपी की 122 मिलों की कमाई पर सवाल 19 अक्टूबर को चीनी मिलों के शेयर 13% तक टूटे। BPCL के एथेनॉल टेंडर में गन्ने के रस और बी-हेवी शीरे पर रोक और मक्के का दाम घटने से मिलों की कमाई पर दबाव। जानें यूपी के गन्ना किसानों पर इसका क्या असर पड़ेगा। 2.8 करोड़ टन चीनी का फैसला: एथेनॉल पर रोक, यूपी के किसानों को क्या मिलेगा? ताज़ा ख़बर 2.8 करोड़ टन चीनी का फैसला: एथेनॉल पर रोक, यूपी के किसानों को क्या मिलेगा? सरकार ने 2026-27 के लिए चीनी से एथेनॉल बनाने पर रोक लगा दी, इस्मा का उत्पादन 2.8 करोड़ टन रहने का अनुमान। महाराष्ट्र-कर्नाटक में उत्पादन गिरेगा, लेकिन यूपी लगभग स्थिर — किसानों के लिए इसका मतलब जानिए। चीनी MSP ₹60 की मांग पूरी हुई तो UP गन्ना किसानों को ये 3 फायदे मिलेंगे ताज़ा ख़बर चीनी MSP ₹60 की मांग पूरी हुई तो UP गन्ना किसानों को ये 3 फायदे मिलेंगे महाराष्ट्र-कर्नाटक में गन्ना आंदोलन जारी है और किसान चीनी का MSP ₹60 किलो चाहते हैं। अगर यह मांग मानी गई तो यूपी के गन्ना किसानों के भुगतान, गन्ना भाव और एथेनॉल दर पर सीधा असर पड़ेगा। गन्ने के रस से एथेनॉल पर रोक की तैयारी, 31 अक्टूबर तक अधिसूचना संभव ताज़ा ख़बर गन्ने के रस से एथेनॉल पर रोक की तैयारी, 31 अक्टूबर तक अधिसूचना संभव केंद्र सरकार एथेनॉल सप्लाई ईयर 2026-27 में गन्ने के रस, सिरप और बी-हेवी शीरे के डायवर्जन पर रोक की तैयारी में है। जानिए यूपी के गन्ना किसानों की खरीद, भाव और भुगतान पर क्या असर पड़ेगा। 2014 में गन्ना किसानों का ₹35,000 करोड़ अटका था, अब 97% भुगतान: केंद्रीय मंत्री का बड़ा बयान ताज़ा ख़बर 2014 में गन्ना किसानों का ₹35,000 करोड़ अटका था, अब 97% भुगतान: केंद्रीय मंत्री का बड़ा बयान केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के मुताबिक 2014 में ₹35,000 करोड़ का गन्ना बकाया था, जो अब 97% तक चुकाया जा चुका है। एफआरपी ₹210 से ₹355 हुई और एथेनॉल नीति ने मिलों को मजबूत किया। यूपी किसानों के लिए पूरा हिसाब।