आज 18 मंडलों में गन्ना किसानों का धरना: ₹500 भाव की मांग, मंडलायुक्त को ज्ञापन

गन्ने का भाव तय हुए बिना पेराई शुरू हो गई है, और आज किसान उसी सवाल के साथ मंडल मुख्यालयों पर खड़े हैं। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के आह्वान पर मंगलवार, 3 नवंबर को उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडलों में धरना-प्रदर्शन और पंचायत हो रही है। हर मंडल में किसान मंडलायुक्त को ज्ञापन देंगे और गन्ने का मूल्य घोषित करने की मांग दोहराएंगे।
संगठन की सबसे बड़ी मांग साफ है। गन्ने का मूल्य कम से कम 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए। भाकियू अराजनैतिक के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी हरनाम सिंह वर्मा ने आरोप लगाया है कि कुछ अधिकारी किसानों की आर्थिक स्थिति और उत्पादन लागत को ध्यान में रखकर रिपोर्ट तैयार करने के बजाय चीनी मिलों के पक्ष में रिपोर्ट भेज रहे हैं। संगठन का कहना है कि इसी वजह से भाव की घोषणा अटक रही है, जबकि पेराई सत्र शुरू हो चुका है।
पिछले सत्र का भाव, इस सत्र का इंतजार
तुलना के लिए पिछले सत्र के आंकड़े याद रखना जरूरी है। SAP 2025-26 में अगेती गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल और पछेती का 390 रुपये प्रति क्विंटल था। 2026-27 SAP की घोषणा अभी बाकी है, सरकार ने इस सत्र का भाव अब तक घोषित नहीं किया है।
इसी बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई मिलों का पहिया घूम चुका है। मलकपुर, मोदीनगर, बुलंदशहर और मोरना जैसी मिलों में पेराई शुरू हो गई है और नवंबर के पहले सप्ताह में ज्यादातर मिलें चलने लगेंगी। इसका सीधा मतलब यह है कि किसान बिना तय भाव के मिल को गन्ना दे रहे हैं। भाव पहले तय हो, फिर गन्ना जाए, यही मांग का सार है।
500 की मांग, 600 की लाइन
मांग के भीतर दो सुर सुनाई दे रहे हैं, और दोनों को समझना जरूरी है। संगठन की आधिकारिक मांग कम से कम 500 रुपये प्रति क्विंटल की है। वहीं मुरादाबाद मंडल में संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह रंधावा ने साफ कहा है कि 600 रुपये प्रति क्विंटल से कम गन्ना मूल्य किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं होगा।
रंधावा ने कांठ तहसील के गांवों में नुक्कड़ सभाएं करके किसानों से मंडल मुख्यालय पहुंचने की अपील की है। उनका तर्क है कि चीनी के दाम बढ़े हैं, खेती की लागत बढ़ी है, इसलिए मिल चलने से पहले भाव घोषित होना चाहिए।
कहां क्या तैयारी हुई है
मुरादाबाद में पिछले कई दिन से गांव-गांव जनसंपर्क चला है। कांठ क्षेत्र के संदलीपुर, मानपुर, पचोकरा, खानपुर, सलावा, सीमला और सराय खजूर जैसे गांवों में पदाधिकारियों ने किसानों से संपर्क किया।
मेरठ में आज किसान महापंचायत हो रही है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मेरठ मंडल प्रभारी धर्मेंद्र मलिक इसे संबोधित करेंगे। मेरठ जिला इकाई ने जिलाधिकारी, एसएसपी और अन्य अधिकारियों को पहले ही ज्ञापन देकर कार्यक्रम की सूचना दे दी थी। हापुड़ जिले से 400 किसानों के मेरठ रवाना होने की तैयारी की खबर है।
बरेली मंडल में पीलीभीत के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह के आवास पर हुई बैठक में बरेली मंडलायुक्त कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन का फैसला लिया गया। वहां भी मांग वही है, न्यूनतम 500 रुपये लाभकारी मूल्य। साथ में पिछले सत्र के बकाया गन्ना मूल्य का ब्याज सहित तत्काल भुगतान भी मांगा गया है।
भाव के अलावा ये मुद्दे भी उठ रहे हैं
इस धरने को सिर्फ भाव तक सीमित समझना गलत होगा। संगठन ने धान की समर्थन मूल्य पर खरीद, बेमौसम बारिश से खराब हुई फसलों का मुआवजा और जलभराव की समस्या भी मुद्दों में शामिल की है। लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, हरदोई और शाहजहांपुर समेत कई जिलों में जलभराव से किसानों को नुकसान की बात कही गई है।
मेरठ के ज्ञापन में सहकारी गन्ना समितियों से जुड़े मुद्दे भी हैं। अंश निर्धारण में त्रुटि और समितियों के जरिये किसानों को मिलने वाली ब्याज अनुदान की छूट का मामला उठाया गया है। किसान की रोजमर्रा की दिक्कतें, पर्ची से लेकर समिति तक, इस बार धरने के एजेंडे में साथ-साथ चल रही हैं।
किसान पर इसका क्या असर पड़ेगा
सबसे सीधा असर भाव की घोषणा पर पड़ेगा। अगर सरकार धरने के बाद जल्द SAP घोषित करती है तो इस सत्र की कमाई की तस्वीर साफ हो जाएगी। अगर घोषणा और टलती है तो संगठन ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। ऐसे में किसान के लिए सबसे काम की बात यही है कि अपनी पर्ची, तौल पर्ची और भुगतान का रिकॉर्ड संभालकर रखें।
जो किसान इस सत्र में गन्ना दे रहे हैं, वे यह जरूर नोट करें कि किस तारीख को, किस मिल और किस केंद्र पर गन्ना दिया है। भाव घोषित होने के बाद भुगतान की गणना उसी रिकॉर्ड से होगी। और जो किसान धरने में शामिल होना चाहते हैं, वे अपने मंडल मुख्यालय पर संगठन के स्थानीय पदाधिकारियों से कार्यक्रम का समय और स्थान पहले से पता कर लें।
मुख्य बातें
- 3 नवंबर को यूपी के सभी 18 मंडलों में भाकियू अराजनैतिक का धरना-प्रदर्शन और पंचायत, मंडलायुक्त को ज्ञापन दिया जाएगा।
- मुख्य मांग: गन्ने का मूल्य कम से कम ₹500 प्रति क्विंटल घोषित हो; मुरादाबाद में नेता ₹600 से कम मानने को तैयार नहीं।
- 2026-27 SAP की घोषणा अभी बाकी है, जबकि पश्चिम यूपी में पेराई शुरू हो चुकी है; पिछले सत्र का SAP अगेती ₹400 और पछेती ₹390 था।
स्रोत: अमर उजाला (बदायूं/पीलीभीत, 2 नवंबर 2026; मुरादाबाद, 30 अक्टूबर व 1-2 नवंबर 2026; गाजियाबाद/हापुड़, 1 नवंबर 2026), नवभारत टाइम्स (पश्चिम यूपी पेराई सत्र व गन्ना मूल्य रिपोर्ट)।
