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हरगांव मिल 4 नवंबर से चलेगी: 2.5 करोड़ क्विंटल का लक्ष्य, 1.22 लाख किसान तैयार

✍️ Aamir Raza · 🗓 02 Nov 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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हरगांव मिल 4 नवंबर से चलेगी: 2.5 करोड़ क्विंटल का लक्ष्य, 1.22 लाख किसान तैयार

सीतापुर के हरगांव क्षेत्र के गन्ना किसानों का इंतजार अब खत्म होने को है। रविवार को अवध शुगर एंड एनर्जी लिमिटेड की हरगांव इकाई में विधि विधान के साथ डोंगा पूजन हुआ और इसके साथ ही पेराई सत्र 2026-27 की औपचारिक शुरुआत हो गई। मिल प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि 4 नवंबर से विधिवत गन्ना पेराई शुरू हो जाएगी। जिले की छह चीनी मिलों में हरगांव सबसे पहले चलने वाली मिल बन गई है।

पूजन बिड़ला मंदिर के पुजारी पंडित जगदीश चंद्र जोशी और पंडित शत्रुंजय बाजपेई ने कराया। मिल के अधिशासी अध्यक्ष एके दीक्षित ने वैदिक रीति से पूजन कराया और आरती के बाद नारियल फोड़कर डोंगे में गन्ना डाला। इस मौके पर कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही और भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

2 नवंबर की तारीख क्यों बदली

कुछ दिन पहले तक हरगांव मिल के 2 नवंबर से चलने की खबर थी। 24 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट में मिल प्रशासन ने 2 नवंबर से पेराई शुरू होने की बात कही थी। अब ताजा जानकारी के मुताबिक डोंगा पूजन 1 नवंबर को हुआ है और विधिवत पेराई 4 नवंबर से शुरू होगी। यानी पहले घोषित तारीख से दो दिन की देरी हुई है।

किसानों के लिए इसका सीधा मतलब यह है कि पर्ची और इंडेंट के हिसाब से ही कटाई और ढुलाई का कार्यक्रम बनाएं। जल्दबाजी में गन्ना छीलकर केंद्र पर पहुंचाना और फिर मिल न चलने पर गन्ना सूखने देना, दोनों ही नुकसानदायक होते हैं।

2.5 करोड़ क्विंटल का लक्ष्य, 83 क्रय केंद्र

इस सत्र के लिए हरगांव मिल ने 2.5 करोड़ क्विंटल गन्ना पेरने का लक्ष्य तय किया है। मिल से 83 गन्ना क्रय केंद्र जुड़े हैं और इनके जरिए करीब 1.22 लाख किसान गन्ने की आपूर्ति करेंगे।

मिल प्रबंधन के मुताबिक मशीनों की मरम्मत और साफ सफाई का काम समय से पूरा करा लिया गया है। किसानों को गन्ना आपूर्ति के लिए पर्ची और कार्यक्रम जारी किया जा रहा है। खेतों में गन्ने की फसल तैयार खड़ी है और समय से पेराई शुरू होने से आपूर्ति में सुविधा रहेगी, साथ ही फसल की गुणवत्ता भी बनी रहेगी।

भुगतान 14 दिन में, साफ गन्ने की अपील

अधिशासी अध्यक्ष एके दीक्षित ने किसानों से साफ सुथरा और अगोला रहित गन्ना पर्ची के अनुसार मिल को देने की अपील की है। अगोला लगा गन्ना तौल में भी दिक्कत करता है और पेराई में भी रुकावट बनता है। साफ गन्ना देने से किसान की अपनी तौल सही बैठती है।

भुगतान को लेकर मिल प्रबंधन ने कहा है कि शासन के दिशा निर्देशों के अनुसार किसानों के गन्ने का भुगतान 14 दिनों के अंदर उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा। बिचौलियों के जरिए औने पौने दामों पर गन्ना बेचने से बचना है, पर्ची के अनुसार सीधे मिल या केंद्र को गन्ना देना ही सुरक्षित रास्ता है।

सीतापुर की बाकी मिलों का क्या हाल है

सीतापुर जिले में कुल छह चीनी मिलें चलती हैं। अक्टूबर की समीक्षा बैठक में बताया गया था कि पिछले सत्र के गन्ना मूल्य के रूप में जिले की मिलों ने कुल 2,112 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। जिले में करीब 3.67 लाख गन्ना किसान हैं। हरगांव के बाद बाकी मिलों के भी नवंबर के पहले सप्ताह में चलने की उम्मीद है, लेकिन हर मिल की अपनी तारीख अलग होगी।

गन्ने का भाव अभी घोषित नहीं, पुराना भाव ही आधार

एक सवाल हर किसान के मन में है और वह है गन्ने के भाव का। पेराई सत्र 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से राज्य परामर्शित मूल्य यानी SAP की घोषणा अभी बाकी है। किसान संगठनों की मांग है कि भाव जल्द घोषित किया जाए, ताकि किसान को पता रहे कि उसकी फसल किस दर पर बिक रही है।

पिछले पेराई सत्र 2025-26 में यूपी का SAP अगेती किस्म के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल, सामान्य किस्म के लिए 390 रुपये प्रति क्विंटल और अनुपयुक्त किस्म के लिए 355 रुपये प्रति क्विंटल था। यह आंकड़ा पिछले सत्र का है, नए सत्र का नहीं। तब तक किसान को पर्ची, तौल पर्ची और भुगतान पर्ची जैसे कागज संभालकर रखने चाहिए, क्योंकि भाव घोषित होने के बाद भी भुगतान का हिसाब इन्हीं कागजों से मिलता है।

किसान के लिए काम की बातें

पेराई शुरू होने से पहले कुछ बातों पर ध्यान देना सीधे फायदे का सौदा है। पर्ची मिलने से पहले गन्ना काटकर खेत में रखना सूखत का नुकसान देता है, इसलिए कटाई पर्ची के कार्यक्रम से जोड़कर करें। तौल केंद्र पर पहुंचने से पहले गन्ने से अगोला और सूखी पत्तियां हटा लें और तौल पर्ची पर वजन, तारीख और केंद्र का नाम मिलाकर उसकी एक प्रति अपने पास रखें।

हरगांव मिल का 4 नवंबर से चलना सीतापुर के किसानों के लिए अच्छी शुरुआत है। जिले की सबसे पहले चलने वाली मिल होने के नाते इस पर नजर रहेगी कि पर्ची, तौल और भुगतान की व्यवस्था सत्र की शुरुआत से ही पटरी पर रहती है या नहीं।

मुख्य बातें

  • हरगांव चीनी मिल में 1 नवंबर को डोंगा पूजन हुआ, 4 नवंबर से विधिवत पेराई शुरू होगी।
  • इस सत्र में 2.5 करोड़ क्विंटल गन्ना पेरने का लक्ष्य है, 83 क्रय केंद्रों से करीब 1.22 लाख किसान गन्ना देंगे।
  • मिल प्रबंधन ने शासन के निर्देशों के अनुसार 14 दिनों के अंदर बैंक खाते में भुगतान का भरोसा दिया है, और 2026-27 के SAP की घोषणा अभी बाकी है।

स्रोत: अमर उजाला, सीतापुर (1 नवंबर 2026); अमर उजाला, सीतापुर (24 अक्टूबर 2026); दैनिक जागरण, सीतापुर (26 सितंबर 2026); नवभारत टाइम्स (30 अक्टूबर 2026)

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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