सीतापुर गन्ना पेराई 2026-27: 5 मिलें अक्टूबर अंत में शुरू, जानें कब आएगी आपकी पर्ची

सीतापुर के करीब पौने चार लाख गन्ना किसानों के लिए बड़ी जानकारी सामने आई है। जिले की सभी छह चीनी मिलों ने जिला प्रशासन और गन्ना विभाग को लिखित में बता दिया है कि पेराई सत्र 2026-27 कब से शुरू होगा। अच्छी खबर यह है कि पांच निजी मिलें अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में ही चल जाएंगी। यानी दीपावली से पहले गन्ना डालने का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
यह शेड्यूल किसान के लिए सिर्फ तारीखों की सूची नहीं है। मिल कब चलेगी, इसका सीधा असर इस बात पर पड़ता है कि गन्ना कब छिलेगा, पर्ची कब आएगी और भुगतान का चक्र कब शुरू होगा। इसीलिए दैनिक जागरण में 26 सितंबर को प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर मिल-वार पूरा ब्योरा नीचे दिया गया है।
कौन सी मिल, कब चलेगी
मिलों ने जो लिखित जानकारी दी है, उसके मुताबिक कार्यक्रम तय हो चुका है:
- बिसवां, हरगांव, रामगढ़, जवाहरपुर और कमलापुर : ये पांचों निजी क्षेत्र की मिलें अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में पेराई शुरू करेंगी। सबसे पहले इन्हीं मिलों के गेट खुलेंगे।
- महमूदाबाद : यह सहकारी क्षेत्र की मिल है। यह नवंबर के पहले सप्ताह में चलेगी, यानी सबसे आखिर में।
मिलों की ओर से तैयारी भी शुरू हो गई है। मिल गेट और गन्ना क्रय केंद्रों पर तौल के इंतजाम और कांटा लगाने का काम चल रहा है। जिन किसानों का गन्ना इन मिलों के क्षेत्र में है, उन्हें अब अपनी पर्ची और इंडेंट पर नजर रखनी होगी।
कितने किसान, कितने क्रय केंद्र
सीतापुर में गन्ने की खेती का पैमाना बड़ा है। जिले में करीब 3.67 लाख गन्ना किसान हैं। मिल-वार ब्योरा इस तरह है:
- हरगांव मिल: 82 गन्ना क्रय केंद्र, 1.22 लाख किसान
- बिसवां मिल: 38 गन्ना क्रय केंद्र, 1.17 लाख किसान
- रामगढ़ मिल: 26 गन्ना क्रय केंद्र, 56 हजार किसान
- जवाहरपुर मिल: 47 गन्ना क्रय केंद्र, 55 हजार किसान
- महमूदाबाद मिल: 26 गन्ना क्रय केंद्र, 15 हजार से अधिक किसान
ध्यान रहे, सीतापुर के किसान सिर्फ जिले की मिलों को गन्ना नहीं भेजते। हरदोई की हरियावां, बाराबंकी की हैदरगढ़ और लखीमपुर की ऐरा व अजबापुर मिलों को भी यहां से आपूर्ति होती है। अगर आपकी मिल का शेड्यूल लेट है तो पास के विकल्प की जानकारी भी रखना समझदारी होगी।
कमलापुर: 17 साल बाद लौटी मिल इस बार पूरी क्षमता से
कमलापुर चीनी मिल की कहानी अलग है। यह मिल करीब 17 साल से बंद पड़ी थी और इसका ट्रायल इसी साल मार्च में सफल रहा। नवीन सत्र में यह पूरी क्षमता से पेराई करेगी। फिलहाल इस मिल को गन्ना केंद्र आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। पहले इस मिल के अधिकांश क्रय केंद्र हैदरगढ़ मिल को आवंटित थे, बाकी का कुछ हिस्सा बिसवां, हरगांव और रामगढ़ को मिला था। अब गन्ना आयुक्त से अनुमोदन के बाद नया आवंटन होगा। जिन किसानों का सट्टा पहले दूसरी मिलों से जुड़ा था, वे अपने समिति से आवंटन की स्थिति जरूर पूछ लें।
बारिश की चिंता: जलमग्न खेत, देरी का डर
खुशखबरी के साथ एक चेतावनी भी है। लगातार बारिश से जिले में गन्ने की फसल के कई खेत जलमग्न हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इससे पेराई में देरी की आशंका बनी हुई है। यानी तारीखें तय तो हैं, लेकिन खेत से गन्ना निकलकर मिल तक पहुंचना मौसम पर भी निर्भर करेगा।
राज्य स्तर पर भी संकेत मिले-जुले हैं। द हिंदू बिजनेसलाइन की 16 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 11 प्रमुख चीनी उत्पादक जिलों (इनमें सीतापुर भी शामिल) में पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का रकबा 1.6 फीसदी घटकर 17.14 लाख हेक्टेयर रह गया है। इन 11 जिलों ने चालू सत्र में कुल 60.96 लाख टन चीनी का उत्पादन किया था। गन्ना विशेषज्ञ डी. के. त्यागी का कहना है कि सरकार जल्दी पेराई पर जोर दे रही है, लेकिन समय से पहले शुरू होने से चीनी रिकवरी घट सकती है।
किसान के लिए इसका मतलब क्या है
तारीखें सुनकर रुकना नहीं है, तैयारी करनी है।
सबसे पहले, अपनी मिल के गन्ना विभाग या समिति से पर्ची और इंडेंट का समय पूछें। मिल चलने से कुछ दिन पहले ही पर्ची जारी होने लगती है। दूसरा, eGanna ऐप या पोर्टल पर अपना सट्टा और घोषणापत्र (घोषणा-पत्र) की स्थिति देख लें। इस साल सर्वे में घोषणापत्र अनिवार्य किया गया है, बिना इसके सट्टा बंद होने की बात भी सामने आई थी। तीसरा, बारिश से भीगा गन्ना साफ-सुथरा करके ही मिल को भेजें। गीली मिट्टी और पत्ती ज्यादा होने पर तौल में कटौती की नौबत आती है।
एक और काम का सुझाव: जिन किसानों की पेड़ी फसल है, वे छिलाई की तैयारी अभी से रखें। दीपावली से पहले मिल चलने का मतलब है कि छिलाई का समय जल्दी आएगा। मजदूर और ट्रॉली की व्यवस्था पहले से कर लेंगे तो पर्ची आने पर भागदौड़ नहीं होगी।
मुख्य बातें
- सीतापुर की 5 निजी मिलें (बिसवां, हरगांव, रामगढ़, जवाहरपुर, कमलापुर) अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में पेराई शुरू करेंगी।
- सहकारी महमूदाबाद मिल नवंबर के पहले सप्ताह चलेगी, सबसे आखिर में।
- जिले में 3.67 लाख किसान और मिलों के 300 से अधिक गन्ना क्रय केंद्र हैं; कमलापुर मिल का केंद्र आवंटन अभी चल रहा है।
स्रोत: दैनिक जागरण, सीतापुर (26 सितंबर 2026); द हिंदू बिजनेसलाइन (16 सितंबर 2026); दैनिक जागरण सर्वे रिपोर्ट (2026)।
