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आज शाहजहांपुर में मिठास मेला: 3 लाख बीज की किट बंटेंगी, ये 2 कागज साथ लाएं

✍️ Aamir Raza · 🗓 30 Oct 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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आज शाहजहांपुर में मिठास मेला: 3 लाख बीज की किट बंटेंगी, ये 2 कागज साथ लाएं

जिन किसानों ने 9 अक्टूबर को गन्ने की नई किस्मों के बीज के लिए ऑनलाइन बुकिंग कराई थी, उनका इंतजार आज खत्म हो रहा है। उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर में आज 30 अक्टूबर को मिठास मेला-2026 लग रहा है, और इसी मेले में नई अगेती किस्मों की मिनी सीड किट किसानों को सौंपी जाएंगी। मेले का उद्घाटन गन्ना एवं चीनी उद्योग विभाग की अपर मुख्य सचिव वीना कुमारी करेंगी। यह जानकारी परिषद के निदेशक अभिषेक आनंद ने दी है।

मेले का सबसे बड़ा आकर्षण बीज वितरण ही है। इस बार परिषद ने दो नई किस्मों के कुल 3 लाख सिंगल बड वितरण के लिए रखे हैं। इनमें नई अगेती किस्म को.शा. 23232 के 2 लाख सिंगल बड और को.शा. 19231 के 1 लाख सिंगल बड शामिल हैं। तीन हजार से अधिक किसानों ने इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। एक किसान अपने कृषक कोड से सिर्फ एक किट बुक करा सका था।

आवेदन संख्या न मिली हो, तब भी किट मिलेगी

पिछले कुछ दिनों से कई किसानों के मन में एक ही सवाल घूम रहा था। बुकिंग तो करा ली, भुगतान भी हो गया, लेकिन मोबाइल पर आवेदन संख्या वाला एसएमएस ही नहीं पहुंचा। ऐसे किसान अब परेशान न हों। परिषद के ऑनलाइन बुकिंग नोडल अधिकारी डॉ. गोरखनाथ गुप्ता ने साफ किया है कि आवेदन क्रमांक न मिलने पर भी किट दी जाएगी।

मेला स्थल पर पहुंचते समय किसान को सिर्फ दो चीजें साथ लानी हैं। पहली, भुगतान की रसीद यानी ट्रांजैक्शन डिटेल, चाहे भुगतान यूपीआई से किया हो या नेट बैंकिंग से। दूसरी, आधार कार्ड की कॉपी। परिषद के काउंटर पर अधिकारी ट्रांजैक्शन आईडी के आधार पर ऑनलाइन पोर्टल में लॉगइन करके बुकिंग का पूरा विवरण जांच लेंगे और निर्धारित किट सौंप देंगे। नोडल अधिकारी के मुताबिक कई किसानों के मोबाइल नंबर काम न करने, इनबॉक्स फुल होने या इंटरनेट की दिक्कत की वजह से एसएमएस नहीं पहुंच पाया था, लेकिन पोर्टल पर उनका पूरा भुगतान और बुकिंग दर्ज है। इसलिए तकनीकी टीम मौके पर ही जांच करके तुरंत समाधान कर देगी।

बुकिंग की प्रक्रिया 9 अक्टूबर को सुबह 10 बजे गन्ना विभाग के पोर्टल enquiry.caneup.in पर शुरू हुई थी। को.शा. 23232 के बीज को लेकर किसानों में ऐसा उत्साह दिखा कि 2 लाख सिंगल बड की बुकिंग महज पांच मिनट में पूरी हो गई।

क्यों खास हैं ये दोनों किस्में

को.शा. 23232 को सितंबर 2026 में ही प्रदेश में खेती के लिए जारी किया गया था, और जारी होने के एक महीने के भीतर ही उसका बीज किसानों तक पहुंचाना परिषद की एक नई पहल मानी जा रही है। परिषद के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार के मुताबिक यह तेजी से बढ़ने वाली अगेती किस्म है, जिसमें जमाव, कल्लों की संख्या, मिल योग्य गन्नों की संख्या और शर्करा प्रतिशत सभी बेहतर बताए गए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि यह किस्म लाल सड़न रोग के प्रति रोगरोधी है।

यह बात पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए खास मायने रखती है। को.0238 लंबे समय तक प्रदेश की सबसे भरोसेमंद किस्म रही, लेकिन कई इलाकों में लाल सड़न ने उसे भारी नुकसान पहुंचाया। परिषद को उम्मीद है कि को.शा. 23232 बेहतर उपज और शर्करा के साथ को.0238 का उपयोगी विकल्प बन सकती है। को.शा. 19231 भी एक नई अर्ली किस्म के तौर पर जारी की गई है।

मेले में सिर्फ बीज नहीं, और भी बहुत कुछ

मिठास मेले को सिर्फ बीज वितरण तक सीमित नहीं रखा गया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक मेले में गन्ना विभाग और चीनी मिलों की ओर से तकनीकी प्रदर्शनी और स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों पर किसान नई गन्ना किस्मों, वैज्ञानिक खेती की विधियों, कृषि यंत्रीकरण और विभागीय योजनाओं की जानकारी ले सकेंगे।

किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न कृषक प्रतियोगिताएं भी रखी गई हैं। प्रदेश के विभिन्न परिक्षेत्रों से चुने गए प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया जाएगा, और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। यानी मेले में पहुंचने वाले किसान को नई तकनीक और योजनाओं की जानकारी भी एक ही जगह मिल जाएगी।

जो किसान पहली खेप से चूक गए, उनके लिए क्या रास्ता है

जिन किसानों को इस बार किट नहीं मिली, उनके लिए रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। परिषद के निदेशक अभिषेक आनंद के मुताबिक नई किस्म का बीज तेजी से बढ़ाने के लिए सिंगल बड और टिशू कल्चर जैसी तकनीकों से संवर्धन किया जा रहा है। लक्ष्य यही है कि अगली बुवाई के मौसम में ज्यादा से ज्यादा किसानों तक इस किस्म का बीज पहुंच सके। ऐसे किसान अपने क्षेत्र के गन्ना कार्यालय या जिला गन्ना अधिकारी से नई किस्म के बीज की उपलब्धता पर नजर रखें।

आज मेले में पहुंचने वाले किसानों के लिए सलाह सीधी है। भुगतान रसीद और आधार कार्ड संभालकर रखें, काउंटर पर बुकिंग सत्यापन कराएं और किट लेने के बाद परिषद के स्टॉलों पर नई किस्म की बुवाई और देखभाल की जानकारी जरूर लें।

मुख्य बातें

  • शाहजहांपुर गन्ना शोध परिषद में आज 30 अक्टूबर को मिठास मेला-2026 लग रहा है, उद्घाटन अपर मुख्य सचिव वीना कुमारी करेंगी।
  • को.शा. 23232 के 2 लाख और को.शा. 19231 के 1 लाख सिंगल बड की मिनी सीड किट तीन हजार से अधिक पंजीकृत किसानों को बंटेंगी।
  • आवेदन संख्या न मिलने पर भी भुगतान रसीद और आधार कार्ड दिखाकर काउंटर पर बुकिंग सत्यापित कराकर किट ली जा सकती है।

स्रोत: अमर उजाला (29 अक्टूबर 2026), न्यूज18 हिंदी (26 अक्टूबर 2026), चीनीमंडी (6 अक्टूबर 2026), रूरल वॉयस (9 अक्टूबर 2026)

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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