सहारनपुर में आज 3 मिलों का पेराई शुभारंभ: ननौता का 48वां सत्र, किसान भवन का उद्घाटन

सहारनपुर जिले के गन्ना किसानों के लिए आज का दिन खास रहा। जिले में एक साथ तीन चीनी मिलों का पेराई सत्र शुरू हुआ। किसान सहकारी चीनी मिल ननौता का शुभारंभ सुबह 11 बजे हुआ, सरसावा चीनी मिल का सत्र भी सुबह 11 बजे शुरू हुआ और उत्तम चीनी मिल लखनौती का शुभारंभ दोपहर 12 बजे हुआ।
ननौता में यह मिल का 48वां पेराई सत्र है। सत्र का शुभारंभ हवन-पूजन के साथ धूमधाम से किया गया। मिल के चेयरमैन रविंदर सिंह पुंडीर और प्रधान प्रबंधक अंकित कुमार ने कार्यक्रम का आयोजन किया। मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री जसवंत सिंह सैनी पहुंचे, उनके साथ गंगोह विधायक चौधरी किरत सिंह और रामपुर विधायक देवेंद्र निम भी मौजूद रहे। भाजपा के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह राणा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
ननौता में किसान भवन का उद्घाटन, पहले किसानों को इनाम
शुभारंभ के मौके पर मिल परिसर में किसानों के लिए बनाए गए किसान भवन का भी उद्घाटन किया गया। मिल में गन्ना लेकर पहुंचे पहले, दूसरे और तीसरे स्थान के किसानों को कांटे पर ही गन्ना बोगी के साथ मिल की ओर से इनाम दिया गया। इसके बाद मुख्य अतिथियों और किसानों ने चेन में गन्ना डालकर और बटन दबाकर मिल का शुभारंभ किया।
इससे पहले मिल प्रबंधन समिति ने बारिश को देखते हुए किसानों से एक अपील भी जारी की थी। समिति ने कहा था कि अगली सूचना तक किसान अपने खेतों में गन्ने की छिलाई न करें। जिन किसानों की गन्ना आपूर्ति की पर्चियां पहले ही जारी हो चुकी हैं, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बारिश के कारण छिलाई रोकने से प्रभावित किसानों की पर्चियों की तारीख आगे बढ़ाई जाएगी।
जिले की आठ मिलों का हाल: देवबंद सबसे पहले, टोडरपुर बंद
सहारनपुर जिले में कुल आठ चीनी मिलें हैं, जिनमें से टोडरपुर चीनी मिल पिछले साल से बंद पड़ी है। इस सत्र में सबसे पहले देवबंद चीनी मिल ने 28 अक्टूबर से पेराई शुरू की थी। इसके बाद शुक्रवार से शेरमऊ और खाईखेड़ी चीनी मिलों में भी पेराई शुरू हो गई। सरसावा और बिडवी की मिलों में एक नवंबर से पेराई शुरू हो रही है।
अक्टूबर के मध्य में ही जिला गन्ना अधिकारी ने बताया था कि ननौता, सरसावा और शेरमऊ मिलों के एक नवंबर से पेराई शुरू करने की उम्मीद है। आज का शुभारंभ उसी उम्मीद के मुताबिक हुआ है। जिले की बाकी मिलें भी नवंबर के पहले सप्ताह में अपना सत्र शुरू कर देंगी।
किसानों के लिए इसका मतलब क्या है
पेराई शुरू होने का मतलब है कि अब पर्ची का कैलेंडर तेजी से चलेगा। किसान को अपनी पर्ची की तारीख पर ध्यान रखना है और तय सेंटर पर समय से गन्ना पहुंचाना है। पर्ची SMS से मिलती है, इसलिए विभाग में दर्ज मोबाइल नंबर ठीक रखें। नंबर बदल गया हो तो समिति पर जाकर अपडेट करा लें, वरना पर्ची का SMS अटक सकता है।
एक बात और ध्यान रखने वाली है। 2026-27 के लिए गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य (SAP) अभी घोषित नहीं हुआ है, जबकि पिछले सत्र 2025-26 में अगेती किस्म का भाव 400 रुपये और सामान्य किस्म का भाव 390 रुपये प्रति क्विंटल था। पुराने भाव को इस साल का भाव समझना गलत होगा। पर्ची, तौल पर्ची और भुगतान का रिकॉर्ड संभालकर रखें, ताकि भाव घोषित होने के बाद हिसाब में कोई दिक्कत न आए। पर्ची या भुगतान से जुड़ी शिकायत के लिए गन्ना विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर संपर्क किया जा सकता है।
मिल शुरू होने के साथ ही सेंटरों पर भीड़ बढ़ेगी। गन्ना ले जाते समय पर्ची पर दर्ज तारीख और सेंटर का नाम दोबारा जांच लें, ताकि गलत सेंटर पर पहुंचकर समय बर्बाद न हो। तौल के समय पर्ची पर वजन साफ दर्ज करवाएं और उसकी फोटो अपने पास रखें। बारिश के बाद खेत गीले हैं, इसलिए ट्रॉली में गन्ना भरते समय मिट्टी और पत्ती कम से कम रखें, क्योंकि साफ गन्ने की तौल और रिकवरी दोनों पर फर्क पड़ता है।
मुख्य बातें
- सहारनपुर में आज तीन मिलों का पेराई सत्र शुरू हुआ: ननौता सुबह 11 बजे, सरसावा सुबह 11 बजे और उत्तम लखनौती दोपहर 12 बजे।
- ननौता सहकारी चीनी मिल का 48वां सत्र हवन-पूजन के साथ शुरू हुआ, किसान भवन का उद्घाटन हुआ और पहले गन्ना लाने वाले तीन किसानों को इनाम मिला।
- जिले की आठ मिलों में टोडरपुर बंद है, देवबंद ने 28 अक्टूबर से पेराई शुरू की थी, बाकी मिलें नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू हो जाएंगी।
स्रोत: अमर उजाला (1 नवंबर 2026), दैनिक जागरण (16 अक्टूबर 2026), नवभारत टाइम्स (30 अक्टूबर 2026), ननौता सत्र शुभारंभ रिपोर्ट (1 नवंबर 2026)।
