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सहारनपुर में किसानों का हल्लाबोल: ₹600 भाव और बजाज बकाये पर 7 सूत्रीय ज्ञापन

✍️ Aamir Raza · 🗓 28 Oct 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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सहारनपुर में किसानों का हल्लाबोल: ₹600 भाव और बजाज बकाये पर 7 सूत्रीय ज्ञापन

पेराई सत्र सिर पर है और सहारनपुर के किसानों का धैर्य अब कागजों पर उतर आया है। बुधवार को भारतीय किसान यूनियन रक्षक की मासिक बैठक सहारनपुर कलेक्ट्रेट में हुई, और बैठक के बाद संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम सात सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंप दिया। इसमें गन्ना मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल और बजाज गांगनौली मिल के बकाये समेत कई मांगें हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ओहलान के नेतृत्व में संगठन ने चेतावनी दी है कि ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन होगा। प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी और प्रदेश प्रभारी सुनील ठाकुर ने भी यही बात दोहराई।

ज्ञापन में क्या-क्या मांगा गया

यह ज्ञापन सिर्फ गन्ने तक सीमित नहीं है, इसमें सड़क, विश्राम गृह, जमीन विवाद और कथित ठगी भी शामिल हैं:

  • गन्ने का मूल्य बढ़ाकर ₹600 प्रति क्विंटल किया जाए।
  • नागल क्षेत्र की गांगनौली स्थित बजाज शुगर मिल से किसानों का बकाया गन्ना भुगतान जल्द कराया जाए। संगठन ने इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला दिया है।
  • नागल में स्टेट हाईवे पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए निर्माण समिति गठित की जाए।
  • सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में किसान विश्राम गृह बनाया जाए।
  • ग्राम लखनौर मुस्तकम में सरकारी भूमि के खसरा नंबर 296 से कथित अवैध कब्जा हटाया जाए।
  • ग्राम लाखनौर में कथित फर्जी खसरे से पावर ग्रिड मुआवजा लेने के आरोपों की जांच और वसूली की जाए।
  • छुटमलपुर की गोल्डन सिटी कॉलोनी में प्लॉट के नाम पर कथित ठगी का पैसा ग्रामीणों को वापस दिलाया जाए।

नागल फ्लाईओवर: 19 दिन के धरने के बाद भी मांग अधूरी

नागल क्रॉसिंग का मुद्दा इस ज्ञापन की सबसे पुरानी मांगों में से एक है। संगठन का कहना है कि वहां आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। ओहलान ने बताया कि फ्लाईओवर की मांग पर संगठन ने 19 दिनों तक धरना भी दिया था, लेकिन समाधान नहीं हो पाया है।

ओहलान का आरोप है कि धरने के दौरान जनप्रतिनिधि मौके पर ध्यान नहीं दे पाए। चेतावनी दी गई है कि संबंधित व्यक्ति को फिर टिकट मिला तो किसान विरोध करेंगे।

₹600 का भाव: मांग अब हर जिले से उठ रही है

गन्ने के ₹600 प्रति क्विंटल मूल्य की मांग अब किसी एक संगठन तक सीमित नहीं है। 24 अक्टूबर को लखनऊ में भाकियू नेता राकेश टिकैत ने भी ₹600 से अधिक दाम मांगा था, और एक दिन पहले रालोद नेता राजपाल सिंह बालियान ने भी मूल्य वृद्धि को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था।

किसान संगठनों की दलील है कि डीजल, खाद, सिंचाई और मजदूरी की लागत बढ़ रही है, जबकि गन्ने का दाम उस रफ्तार से नहीं बढ़ा। केंद्र ने 2026-27 के लिए एफआरपी ₹365 प्रति क्विंटल तय किया है (10.25 प्रतिशत रिकवरी पर)। यूपी के एसएपी की घोषणा का इंतजार है।

गांगनौली का बकाया: ₹88.51 करोड़ का पुराना हिसाब

गांगनौली मिल के बकाये का मुद्दा इसलिए अहम है, क्योंकि यह रकम कागजों में दर्ज है। 7 अक्टूबर को जिलाधिकारी की बैठक में बताया गया था कि गत सत्र 2025-26 का बकाया सिर्फ गांगनौली मिल पर है: ₹88.51 करोड़।

उस बैठक में जिलाधिकारी ने मिल प्रबंधन को दो दिन में भुगतान कार्ययोजना देने का निर्देश दिया था, और चेतावनी दी थी कि भुगतान नहीं हुआ तो मिल का गन्ना दूसरी मिलों को आवंटित करा दिया जाएगा। इसके बाद भी किसानों की शिकायत है कि बकाया पूरी तरह नहीं चुकाया गया। पिछले सत्र का गन्ना तुल चुका है, लेकिन खाते में पैसा अटका है तो अगली फसल और घर के खर्च, दोनों पर असर पड़ता है।

विश्राम गृह, जमीन के मामले और कथित ठगी भी ज्ञापन में

एक मांग सीधे किसान की रोजमर्रा की दिक्कत से जुड़ी है: कलेक्ट्रेट परिसर में किसान विश्राम गृह, क्योंकि दूर के गांवों से आने वाले किसानों के ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं है। जमीन के दो मामलों में जांच मांगी गई है: लखनौर मुस्तकम में खसरा नंबर 296 से कथित अवैध कब्जा हटाना, और लाखनौर में कथित फर्जी खसरे से पावर ग्रिड मुआवजा लेने के आरोपों की जांच। छुटमलपुर की गोल्डन सिटी कॉलोनी में प्लॉट के नाम पर कथित ठगी का पैसा वापस दिलाने की मांग भी है। इनमें रकम और मुकदमे का विवरण ज्ञापन में नहीं है, इसलिए इन्हें आरोप ही मानें।

किसान पर इसका क्या असर पड़ेगा

इस ज्ञापन का सीधा मतलब यह है कि किसानों की तीन सबसे बड़ी चिंताएं, भाव, बकाया और पेराई, एक साथ प्रशासन के सामने फिर रखी गई हैं। गांगनौली का बकाया समय पर नहीं चुकता हुआ तो पर्ची और भुगतान दोनों पर असर पड़ सकता है।

किसानों को इस समय तीन काम करने चाहिए: मिल का पेराई कार्यक्रम ई-गन्ना ऐप पर देखते रहें, पिछली पर्चियों का भुगतान समिति और ऐप से जांचते रहें, और जमीन-मुआवजे के कागजात संभालकर रखें। देरी दिखे तो जिला गन्ना अधिकारी से शिकायत करें, या टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 और 1800-180-5129 पर संपर्क करें। एसएमएस के लिए 51969 नंबर है।

अब नजर इस पर रहेगी कि जिलाधिकारी इन मांगों को विभागों तक कितनी तेजी से पहुंचाते हैं और मिल प्रबंधन बकाया भुगतान पर क्या रुख अपनाता है।

मुख्य बातें

  • भारतीय किसान यूनियन रक्षक ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री के नाम 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
  • गन्ना मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल करने और बजाज गांगनौली मिल का बकाया भुगतान कराने की मांग प्रमुख है।
  • नागल फ्लाईओवर, किसान विश्राम गृह और जमीन से जुड़े विवादों की जांच भी ज्ञापन में शामिल है।

स्रोत: डायनामाइट न्यूज़ (28 अक्टूबर 2026), नवभारत टाइम्स (24 अक्टूबर 2026), द ट्रिब्यून (26 अक्टूबर 2026)

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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