₹51,000 जीतने वाले 7 किसान! 2430 कुंतल उपज का रिकॉर्ड — अगले साल आपकी बारी?

गन्ने की खेती से आय बढ़ानी है, तो क्या रास्ता सिर्फ चीनी मिल से मिलने वाले भाव का इंतजार है? हरदोई के किसान अमर सिंह ने इस सवाल का जवाब 2430 कुंतल प्रति हेक्टेयर उपज से दिया है। गन्ना विकास विभाग, उत्तर प्रदेश ने इस सप्ताह राज्य गन्ना प्रतियोगिता 2025-26 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। पूरे प्रदेश से 1078 किसानों ने इसमें आवेदन किए थे, और सात संवर्गों में विजेता चुने गए। हर प्रथम पुरस्कार विजेता को 51,000 रुपये नकद मिलेंगे।
₹51,000 से ₹21,000: इनाम की पूरी व्यवस्था
गन्ना एवं चीनी आयुक्त के मुताबिक प्रथम पुरस्कार की राशि 51,000 रुपये, द्वितीय पुरस्कार की 31,000 रुपये और तृतीय स्थान की 21,000 रुपये रखी गई है। नकद राशि के साथ हर विजेता को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।
एक खास बात और हुई है। इस बार पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसान विजेताओं की सूची में नहीं आ पाए। विभाग ने इसलिए पूर्वांचल के 4 गन्ना किसानों को प्रोत्साहन पुरस्कार के तौर पर 5,000-5,000 रुपये देने की घोषणा की है। मकसद साफ है: पूर्वी जिलों में गन्ना खेती और इस प्रतियोगिता में भागीदारी दोनों को बढ़ावा देना।
सात संवर्ग, सात चैंपियन
प्रतियोगिता में सात संवर्ग थे: शीघ्र पौधा, पेड़ी, सामान्य पौधा, ड्रिप विधि से सिंचाई पौधा व पेड़ी, और युवा गन्ना किसान पौधा व पेड़ी। प्रथम पुरस्कार जीतने वालों की सूची इस प्रकार है:
- शीघ्र पौधा: अमर सिंह (हरदोई) - 2430 कुंतल प्रति हेक्टेयर। यह इस प्रतियोगिता की सबसे अधिक उपज है।
- पेड़ी: देवेन्द्र (शामली) - 1998.50 कुंतल प्रति हेक्टेयर।
- सामान्य पौधा: कौशल कुमार (शाहजहांपुर) - 1725.50 कुंतल प्रति हेक्टेयर।
- ड्रिप पौधा: अक्षांश सिंह (बिजनौर) - 2068.50 कुंतल प्रति हेक्टेयर।
- ड्रिप पेड़ी: इन्द्रपाल सिंह (शामली) - 1865 कुंतल प्रति हेक्टेयर।
- युवा किसान पौधा: नितिन चौधरी (मुजफ्फरनगर) - 1690 कुंतल प्रति हेक्टेयर।
- युवा किसान पेड़ी: उज्जवल देशवाल (शामली) - 1507 कुंतल प्रति हेक्टेयर।
विभाग द्वारा नामित कटाई अधिकारियों ने खेतों में जाकर उपज की वास्तविक पैमाइश की थी, और उन्हीं परिणामों के आधार पर विजेताओं का चयन हुआ।
ड्रिप और ट्रेंच ने बदला खेल
इस बार के परिणामों में एक चीज साफ दिखी है। ड्रिप विधि से सिंचाई वाले दोनों संवर्गों की उपज (2068.50 और 1865 कुंतल प्रति हेक्टेयर) सामान्य श्रेणियों से काफी आगे रही। बिजनौर के अक्षांश सिंह ने ड्रिप के दम पर ही 2068.50 कुंतल निकाले हैं।
बुलंदशहर के रतनपाल सिंह की कहानी और दिलचस्प है। उन्होंने ड्रिप पौधा संवर्ग में 1821 कुंतल प्रति हेक्टेयर उपज लेकर तृतीय स्थान हासिल किया। वे करीब 11 हेक्टेयर में गन्ना उगाते हैं, जिसमें 8 हेक्टेयर रासायनिक विधि से और करीब 3 हेक्टेयर प्राकृतिक विधि से खेती होती है।
रतनपाल सिंह ट्रेंच विधि से बुवाई करते हैं। उनके अनुभव के मुताबिक इस विधि से उपज सामान्य बुवाई की तुलना में 35 से 40 प्रतिशत तक ज्यादा निकल सकती है। जमाव भी 80 से 90 प्रतिशत तक बताया गया है, जबकि सामान्य विधि में यह 40 से 45 प्रतिशत के आसपास रहता है। यही नहीं, वे गन्ने के साथ सरसों, फूलगोभी, बैंगन, गेंदा, पत्तागोभी और करेले जैसी सहफसलें भी लगाते हैं, जिससे खेत की हर पट्टी से कमाई होती है।
उनकी एक और सलाह काम की है। रतनपाल सिंह का मानना है कि गन्ने की एक ही किस्म को 5 से 7 साल से ज्यादा लगातार नहीं बोना चाहिए, बल्कि समय-समय पर नई किस्म अपनानी चाहिए ताकि उपज और गुणवत्ता में निरंतरता बनी रहे। गन्ना बीज उत्पादन से जुड़े होने की वजह से वे नई किस्मों को खेत स्तर पर परखते रहते हैं।
अगले साल आप भी लड़ सकते हैं
यह प्रतियोगिता हर साल गन्ना विकास विभाग आयोजित करता है। इस बार के परिणामों से एक बात और सामने आई है कि विजेताओं ने वैज्ञानिक पद्धति, उन्नत बीज और ड्रिप जैसी तकनीकों का सही इस्तेमाल किया था। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अगले सत्र के लिए प्रतियोगिता का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि समय पर ज्यादा से ज्यादा किसानों को जानकारी मिल सके।
अगर आप अगले साल भाग लेना चाहते हैं, तो अभी से तैयारी शुरू कर दीजिए। ड्रिप सिंचाई पर सरकार अनुदान भी देती है। अपने जिले के जिला गन्ना अधिकारी से आवेदन की प्रक्रिया और अंतिम तारीख की जानकारी ले सकते हैं।
मुख्य बातें
- राज्य गन्ना प्रतियोगिता 2025-26 के परिणाम घोषित; 1078 आवेदनों में से 7 संवर्गों के विजेता चुने गए।
- प्रथम पुरस्कार ₹51,000, द्वितीय ₹31,000, तृतीय ₹21,000; स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भी मिलेंगे।
- सबसे अधिक उपज हरदोई के अमर सिंह की: 2430 कुंतल प्रति हेक्टेयर (शीघ्र पौधा संवर्ग)।
स्रोत: लाइव हिंदुस्तान (08 अक्टूबर 2026), हिंदी कृषि जागरण (07 अक्टूबर 2026)
