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परसों पुणे में गन्ना सुनवाई, 20 नवंबर तक फैसला: यूपी किसान क्या करें

✍️ Aamir Raza · 🗓 02 Nov 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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परसों पुणे में गन्ना सुनवाई, 20 नवंबर तक फैसला: यूपी किसान क्या करें

परसों, 4 नवंबर को पुणे में गन्ने के दाम पर दिनभर सुनवाई होगी। केंद्र सरकार की रमेश चंद समिति सुबह से शाम तक अलग-अलग पक्षों से एक-एक करके बात करेगी। कर्नाटक के दौरे के बाद यह समिति का महाराष्ट्र पड़ाव है, और किसान नेता राजू शेट्टी के अनुसार इसी दौरे के बाद केंद्र 20 नवंबर तक गन्ना दाम पर फैसला ले सकता है।

यूपी के किसान इसे दूर की खबर न समझें। पुणे में जो तय होगा, उसका सीधा असर चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य पर पड़ेगा। चीनी का दाम बढ़ा, तो मिलों की भुगतान क्षमता बढ़ेगी। यूपी में पेराई शुरू हो चुकी है, पर 2026-27 सत्र का एसएपी अभी घोषित नहीं हुआ है।

पुणे में दिनभर क्या होगा

समिति की बैठक पुणे के गन्ना आयुक्त कार्यालय में होगी। सुबह साढ़े नौ से सवा दस बजे तक वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों से चर्चा होगी। साढ़े दस से दोपहर एक बजे तक किसान संगठनों की बारी है। दोपहर पौने दो से तीन बजे तक राज्य सहकारी चीनी संघ और वेस्ट इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से बात होगी। आखिर में पौने चार से पौने पांच बजे तक गन्ना आयुक्त डॉ. संजय कोलते और राज्य सरकार के दूसरे अधिकारियों के साथ बैठक है।

समिति के सामने पांच मुद्दे हैं: लाभकारी मूल्य, चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य में संशोधन, रिकवरी की स्वतंत्र जांच, तौल की सटीकता और मशीन से कटे गन्ने के वजन में कटौती। शीरे, खोई और इथेनॉल जैसे सह-उत्पादों की कमाई में किसानों की हिस्सेदारी पर भी विचार हो रहा है।

समिति के अध्यक्ष नीति आयोग के पूर्व सदस्य प्रोफेसर रमेश चंद हैं। इसमें कृषि आयुक्त और दो संयुक्त सचिव शामिल हैं। केंद्र ने इस समिति का गठन 14 अक्टूबर को किया था।

बैंक के फैसले ने मांग को दी नई ताकत

सुनवाई से ठीक पहले महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक के फैसले ने किसान संगठनों की मांग को बल दे दिया है। बैंक ने चीनी के स्टॉक की मूल्यांकन दर 3,700 रुपये से बढ़ाकर 4,200 रुपये प्रति क्विंटल कर दी है। यह नई दर 1 नवंबर 2026 से लागू हो गई है। इस स्टॉक पर कर्ज की दर 3,780 रुपये प्रति क्विंटल तय हुई है।

राजू शेट्टी का तर्क है कि जब बैंक खुद चीनी को 4,200 रुपये प्रति क्विंटल आंक रहा है, तो मिलों को गन्ने की पहली किस्त के रूप में 4,500 रुपये प्रति टन देने में आनाकानी नहीं करनी चाहिए। महाराष्ट्र में 27 अक्टूबर से ‘चावणी आंदोलन’ चल रहा है, जिसमें मिलों तक गन्ना ले जाने वाले वाहन रोके जा रहे हैं। संगठन ने 3 नवंबर को राजमार्ग जाम की चेतावनी भी दी है। कोल्हापुर में पालक मंत्री प्रकाश आबिटकर की अध्यक्षता में हुई बैठक भी बिना सहमति खत्म हुई।

20 नवंबर: उम्मीद है, सरकारी तारीख नहीं

यहां एक बात साफ रखना जरूरी है। 20 नवंबर सरकार की घोषित समय-सीमा नहीं है, यह राजू शेट्टी की ओर से जताई गई उम्मीद है। उन्होंने कहा है कि समिति दीपावली से पहले रिपोर्ट सौंप सकती है और केंद्र 20 नवंबर तक फैसला ले सकता है। सरकारी विज्ञप्ति में रिपोर्ट “यथाशीघ्र” देने की बात है, कोई तय तारीख नहीं है।

इसलिए 20 नवंबर को पक्का फैसला मानकर कोई सौदा या कटाई का फैसला मत कीजिए। समिति की सिफारिश अंतिम फैसला नहीं होगी, फैसला केंद्र सरकार लेगी। केंद्र के फैसले से यूपी का एसएपी अपने आप नहीं बढ़ेगा, वह राज्य कैबिनेट तय करती है।

आंकड़ों का विरोधाभास भी समझिए। चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य फरवरी 2019 से 31 रुपये प्रति किलो पर जमा है। इसी दौरान गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य 2,750 रुपये प्रति टन से बढ़कर 2026-27 सत्र के लिए 3,650 रुपये प्रति टन यानी 365 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। किसानों की मांग चीनी का न्यूनतम दाम 31 से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलो और इथेनॉल का खरीद मूल्य 70 रुपये प्रति लीटर करने की है।

यूपी के किसानों के लिए इसका मतलब

यूपी के किसान के लिए पुणे की सुनवाई से तीन सीधे संकेत निकलते हैं। चीनी का न्यूनतम दाम बढ़ा तो मिलों की आमदनी और भुगतान क्षमता बढ़ेंगी। तौल, रिकवरी और कटाई-ढुलाई कटौती पर पारदर्शी व्यवस्था की सिफारिश पूरे देश के लिए नजीर बनेगी। केंद्र के फैसले से राज्य सरकार पर 2026-27 का एसएपी जल्द घोषित करने का दबाव बढ़ेगा।

पिछले सत्र 2025-26 के लिए यूपी का एसएपी अगेती के लिए 400, सामान्य के लिए 390 और अनुपयुक्त किस्म के लिए 355 रुपये प्रति क्विंटल था। इस सत्र का एसएपी अभी घोषित नहीं हुआ है। जब तक घोषणा नहीं होती, पुराने सत्र का भाव इस सत्र का भाव नहीं है।

अगले दो हफ्तों में तीन काम जरूर करें। पर्ची, तौल रसीद और भुगतान का रिकॉर्ड संभालकर रखें। तौल में कमी या कटौती लगे तो उसी दिन जिला गन्ना अधिकारी से संपर्क करें। टोल-फ्री 1800-121-3203 और 1800-180-5129 तथा एसएमएस शॉर्टकोड 51969 का इस्तेमाल करें। किसी अपुष्ट दावे पर भरोसा करके गन्ना रोकने या बेचने का फैसला मत लीजिए।

मुख्य बातें

  • रमेश चंद समिति 4 नवंबर को पुणे में दिनभर सुनवाई करेगी।
  • महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक ने चीनी की मूल्यांकन दर 3,700 से बढ़ाकर 4,200 रुपये प्रति क्विंटल कर दी है।
  • राजू शेट्टी के अनुसार केंद्र 20 नवंबर तक गन्ना दाम पर फैसला ले सकता है, पर यह आधिकारिक समय-सीमा नहीं है।
  • यूपी का 2026-27 एसएपी अभी घोषित नहीं हुआ है। पर्ची और तौल रसीद संभालकर रखें।

स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया (30 अक्टूबर 2026), चीनीमंडी (31 अक्टूबर 2026), बिजनेस स्टैंडर्ड हिंदी, शुगर टुडे, आकाशवाणी।

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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