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PM-Kisan के 6000: खाते में किस्त क्यों रुक गई, ये 3 काम अभी निपटा लें

✍️ GannaUP डेस्क · 🗓 09 Oct 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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PM-Kisan के 6000: खाते में किस्त क्यों रुक गई, ये 3 काम अभी निपटा लें

गन्ने की पर्ची मिल गई, खेत में पेड़ी की कटाई भी तय हो गई, लेकिन बैंक खाते में एक रकम ऐसी है जो हर चार महीने में आनी चाहिए और इस बार आई नहीं। पीएम-किसान सम्मान निधि की किस्त। पड़ोस के किसान के खाते में आ गई, आपके में नहीं। सबसे पहले ये समझ लें: किस्त रुकना आम तौर पर किसी बड़ी गलती का नतीजा नहीं होता, बल्कि तीन छोटे-छोटे सत्यापनों में से एक अधूरा रहने का नतीजा होता है। और अच्छी खबर ये है कि ये तीनों काम आप आज ही घर बैठे या नजदीकी CSC सेंटर से पूरे कर सकते हैं।

PM-Kisan में मिलता क्या है

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एक केंद्रीय योजना है, जिसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती है। पात्र किसान परिवार को हर साल 6000 रुपये की आय सहायता मिलती है। ये रकम एक साथ नहीं आती, बल्कि 2000-2000 रुपये की तीन समान किस्तों में, करीब चार-चार महीने के अंतराल पर सीधे किसान के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।

किसान परिवार से यहां मतलब पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे हैं, जिनके पास राज्य के भूमि रिकॉर्ड के अनुसार खेती योग्य जमीन दर्ज है। लाभार्थियों की पहचान और पात्रता का सत्यापन राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की सरकार करती है। यानी रजिस्ट्रेशन आप कराते हैं, लेकिन जमीन का रिकॉर्ड और पात्रता की पुष्टि प्रशासन की तरफ से होती है।

किसे मिलेगा, किसे नहीं मिलेगा

ये योजना छोटी और सीमांत जोत वाले किसानों के लिए बनी है, लेकिन कुछ श्रेणियां साफ तौर पर बाहर रखी गई हैं। अगर जमीन संस्थागत नाम पर है, परिवार का कोई सदस्य आयकर देता है, या परिवार में डॉक्टर, वकील, सीए, इंजीनियर जैसा पेशेवर है, तो लाभ नहीं मिलेगा।

गन्ना किसान के लिए एक जरूरी बात: आपके नाम पर जितनी जमीन का रिकॉर्ड है, उसी के आधार पर एक परिवार को एक लाभ मिलता है। अगर जमीन के रिकॉर्ड में नाम गलत, बंटवारा अधूरा, या विरासत का इंतकाल बाकी है, तो किस्त रुकने की सबसे बड़ी वजह यही बनती है। इसलिए योजना के फायदे से पहले अपने खसरा-खतौनी के नाम की जांच कर लें।

किस्त रुकने के 4 सबसे आम कारण

1. e-KYC अधूरी है। ये सबसे आम वजह है। बिना e-KYC के किस्त जारी नहीं होती। e-KYC दो तरह से होती है: पीएम-किसान पोर्टल या मोबाइल ऐप पर OTP आधारित e-KYC, और नजदीकी CSC सेंटर पर बायोमेट्रिक e-KYC। जिस किसान का आधार मोबाइल से लिंक नहीं है, उसके लिए CSC सेंटर का बायोमेट्रिक रास्ता आसान रहता है।

2. जमीन का सत्यापन (लैंड सीडिंग) लंबित है। आपका नाम लाभार्थी सूची में है, लेकिन जमीन के रिकॉर्ड से लिंक नहीं हुआ, तो पैसा अटकता है। कई मामलों में पोर्टल पर ही लाभ रोककर फिजिकल वेरिफिकेशन की जानकारी दिखाई जाती है। ऐसी स्थिति में अपने क्षेत्र के लेखपाल या कृषि विभाग से संपर्क करके रिकॉर्ड ठीक करवाएं।

3. बैंक खाते से आधार लिंक नहीं है। DBT तभी काम करता है जब बैंक खाता आधार से लिंक हो। खाता बदलने, नई शाखा में खाता खुलने, या आधार नंबर अपडेट होने पर ये लिंक टूट जाता है और किस्त रुक जाती है। बैंक में जाकर आधार सीडिंग की पुष्टि जरूर करवा लें।

4. नाम या रिकॉर्ड में गड़बड़ी। आधार कार्ड, बैंक खाते और भूमि रिकॉर्ड, तीनों में नाम की स्पेलिंग एक जैसी होनी चाहिए। एक जगह “रामपाल” और दूसरी जगह “राम पाल” लिखा हो, तो भी सिस्टम पैसा रोक देता है। ये गड़बड़ी छोटी लगती है, नुकसान बड़ा होता है।

ये 3 काम अभी निपटा लें

अगर आपकी किस्त रुकी है या रुकने का डर है, तो क्रम से ये तीन काम करें। पहला, e-KYC का स्टेटस चेक करें और अधूरी हो तो पूरी करें। दूसरा, जमीन के रिकॉर्ड की जांच करें और भू-सत्यापन लंबित हो तो विभाग से संपर्क करें। तीसरा, बैंक खाते और आधार की लिंकिंग की पुष्टि करें। ये तीनों काम पूरे होने पर अगली किस्त में आपका नाम फिर से शामिल हो जाता है।

एक बात और: पीएम-किसान की वेबसाइट पर “Know Your Status” सुविधा से आप भुगतान, पात्रता, लैंड सीडिंग और e-KYC, चारों की जानकारी एक जगह देख सकते हैं। किसानों की मदद के लिए पोर्टल पर Kisan-eMitra चैटबॉट भी उपलब्ध है, जहां आम सवालों के जवाब मिल जाते हैं।

नया आवेदन कैसे करें

जो किसान अभी तक योजना से जुड़े नहीं हैं, वे पीएम-किसान पोर्टल पर Farmer Corner में जाकर नया रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। आधार नंबर, जमीन के कागजात और बैंक खाते का विवरण देना होता है। इसके अलावा CSC सेंटर या राज्य के कृषि विभाग के माध्यम से भी आवेदन होता है। आवेदन के बाद राज्य सरकार पात्रता और जमीन का सत्यापन करती है, और सही पाए जाने पर लाभार्थी सूची में नाम जुड़ जाता है।

अगली किस्त को लेकर क्या खबर है

PM-KISAN पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी हुई थी, जिसमें 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली थी। किस्तें आम तौर पर करीब चार महीने के अंतराल पर आती हैं, इसलिए 24वीं किस्त अक्टूबर के आसपास आने की उम्मीद जताई जा रही है। लेकिन केंद्र सरकार ने 24वीं किस्त की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। इसलिए किसी भी तय तारीख की खबर पर तब तक भरोसा न करें, जब तक जानकारी पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट या सरकार की ओर से न आए।

मुख्य बातें

  • PM-Kisan में साल के 6000 रुपये 2000-2000 की 3 किस्तों में DBT से मिलते हैं; लाभ के लिए e-KYC, आधार-बैंक लिंकिंग और जमीन सत्यापन अनिवार्य है।
  • किस्त रुकने की सबसे आम वजहें: अधूरी e-KYC, लैंड सीडिंग लंबित होना, आधार-बैंक लिंक टूटना, या तीनों रिकॉर्डों में नाम की गड़बड़ी।
  • स्टेटस के लिए पोर्टल पर “Know Your Status” देखें, e-KYC पोर्टल/ऐप से OTP द्वारा या CSC सेंटर पर बायोमेट्रिक से पूरी करें; 24वीं किस्त की कोई आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।

स्रोत: NDTV India, Prabhat Khabar, ABP Live की रिपोर्टों के आधार पर।

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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