नई किस्म का गन्ना बीज ₹1.40/आंख: पीलीभीत में सरकारी दरें, 2 लाख बड 5 मिनट में बुक

9 अक्टूबर की सुबह 10 बजे। गन्ना विभाग का ऑनलाइन पोर्टल खुला और महज पांच मिनट के भीतर नई किस्म के दो लाख सिंगल बड बुक हो गए। यह किसी मोबाइल फोन की फ्लैश सेल नहीं थी। उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान को.शा. 23232 का बीज लेने के लिए स्क्रीन के सामने बैठे थे। इसी हफ्ते पीलीभीत के गन्ना विकास विभाग ने शरदकालीन और वसंतकालीन बुवाई के लिए प्रजनक बीज की सरकारी दर सूची जारी कर दी, ताकि बीज खरीदने के लिए किसान को भटकना न पड़े।
पीलीभीत में कौन सी दर तय हुई
उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर ने जो दरें अनुमोदित की हैं, वे इस प्रकार हैं। रिलीज के शुरुआती दो वर्षों की नई अगैती किस्मों का प्रजनक बीज ₹1.40 प्रति आंख पर मिलेगा। छोटे और नवाचारी किसानों के लिए नई किस्मों की मिनी सीड किट ₹2 प्रति आंख की दर से उपलब्ध होगी। तीन से छह वर्ष पुरानी नई अगैती किस्मों का बीज ₹500 प्रति क्विंटल, जबकि अगैती और सामान्य बीज ₹475 प्रति क्विंटल की दर से मिलेगा। ये दरें दोनों सीजन की बुवाई पर लागू हैं। जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम ने कहा है कि उच्च गुणवत्ता वाले प्रजनक बीज से खेतों में जमाव बेहतर होता है और उत्पादन क्षमता सीधे तौर पर बढ़ती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि शोध परिषद की निर्धारित दरों पर प्रमाणित बीज लेकर उन्नत खेती की ओर कदम बढ़ाएं। बीज चाहिए तो अपने गन्ना पर्यवेक्षक से संपर्क करना होगा।
पीलीभीत में एलएच चीनी मिल पीलीभीत, दि किसान सहकारी चीनी मिल पूरनपुर, दि किसान सहकारी चीनी मिल बीसलपुर और बजाज हिन्दुस्थान चीनी मिल बरखेड़ा, ये चारों मिलें पेराई सत्र 2026-27 के लिए अक्टूबर के अंत तक चलने की उम्मीद है।
₹1.40 का गणित आपके खेत पर कैसे उतरता है
बिजनौर के धामपुर से आई रिपोर्ट इस गणित को और साफ करती है। सामान्य रूप से प्रति आंख बीज की कीमत 280 पैसे है, लेकिन विभाग बुकिंग कराने वाले किसानों को यही बीज 140 पैसे प्रति बड के भाव से दे रहा है। बीच का 140 पैसे का अनुदान सरकार सीधे किसान के खाते में भेजेगी। धामपुर गन्ना परिषद ने शरदकालीन बुवाई के लिए तीन नई प्रजातियों का 530 क्विंटल बीज मंगाया है और करीब 4000 हेक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य रखा है। वहां को.शा. 18231 और सीओएलके 16202 का बीज ₹450 प्रति क्विंटल और को.शा. 0118 का बीज ₹425 प्रति क्विंटल की दर से मिल रहा है।
सीधी सी बात यह है कि प्रमाणित बीज पर आपकी जेब से आधा पैसा जाएगा, बाकी सरकार देगी। यह रकम सीधे खाते में आती है, बीच में किसी के हाथ नहीं रुकती।
बुकिंग के पांच मिनट: क्या हुआ और अब रास्ता क्या है
शाहजहांपुर स्थित उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद ने 9 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से enquiry.caneup.in पर मिनी सीड किट की ऑनलाइन बुकिंग खोली थी। इस साल 3 लाख सिंगल बड उपलब्ध कराए गए, 2 लाख को.शा. 23232 के और 1 लाख को.शा. 19231 के। को.शा. 23232 का पूरा स्टॉक पांच मिनट में बुक हो गया। परिषद के निदेशक अभिषेक आनंद के अनुसार, किस्म के रिलीज के एक महीने के भीतर ही किसानों तक बीज पहुंचाने की कोशिश शुरू हो गई है और सिंगल बड व टिशू कल्चर से बीज का गुणन तेज किया जा रहा है।
जो किसान ऑनलाइन बुकिंग में चूक गए, उनके लिए अक्टूबर का मिठास मेला 2026 एक और रास्ता है। वहां भी नई किस्मों की मिनी सीड किट वितरित की जानी हैं। समय और प्रक्रिया परिषद के आधिकारिक चैनलों से घोषित होगी, इसलिए घोषणाओं पर नजर बनाए रखें। धामपुर में को.शा. 19231 का सिंगल बड बीज सिर्फ बुकिंग कराने वाले किसानों को मिल रहा है, यानी बुकिंग ही असली हथियार है।
बीज लेने से पहले ये बातें याद रखें
बुवाई हमेशा एक आंख के टुकड़े से करें और बोने से पहले उन टुकड़ों को कवकनाशी दवा से उपचारित कर लें। यह छोटा सा कदम फसल को शुरू से ही रोगों से बचाता है। लगातार एक ही किस्म न लगाएं। कृषि अधिकारियों की सलाह है कि हर तीन वर्ष में बीज बदल दें, क्योंकि एक ही किस्म लगातार लगाने से कीट और रोग की आशंका बढ़ती है। बीज हमेशा प्रामाणिक स्रोत से लें, शोध परिषद, चीनी मिल फार्म या गन्ना विकास परिषद से मिला बीज ही भरोसेमंद होता है। अगर कोई तय दर से ज्यादा दाम मांगे तो गन्ना पर्यवेक्षक या जिला गन्ना अधिकारी को सूचना दें। और हां, बीज की व्यवस्था अभी से कर लें। बारिश के कारण बुवाई की रफ्तार धीमी है, धान और चारे की फसल खत्म होते ही बुवाई तेज होगी। देर से खरीदने पर भीड़ और जल्दबाजी दोनों बढ़ जाएंगी।
मुख्य बातें
- पीलीभीत में नई अगैती किस्मों का प्रजनक बीज ₹1.40 प्रति आंख और मिनी सीड किट ₹2 प्रति आंख की सरकारी दर पर मिलेगा। 3-6 वर्ष पुरानी किस्मों का बीज ₹500/क्विंटल, अगैती-सामान्य ₹475/क्विंटल।
- 9 अक्टूबर को को.शा. 23232 के 2 लाख सिंगल बड 5 मिनट में बुक हो गए। चूके किसानों को अक्टूबर के मिठास मेला 2026 में किट मिलने की उम्मीद है।
- बीज की असली कीमत 280 पैसे/आंख है, किसान को 140 पैसे देने होंगे, बाकी अनुदान सीधे खाते में आएगा। बीज अपने गन्ना पर्यवेक्षक से संपर्क करके ही लें।
स्रोत: लाइव हिंदुस्तान (पीलीभीत, 12 अक्टूबर 2026), अमर उजाला (बिजनौर, 28 सितंबर 2026), रूरल वॉइस (9 अक्टूबर 2026); ऑनलाइन बुकिंग व किस्म संबंधी जानकारी उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर के प्रेस बयान पर आधारित।
