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28 अक्टूबर से देवबंद में गन्ना पेराई शुरू, बाकी मिलें पीछे: आज ही निपटाएं ये 5 तैयारी

✍️ Aamir Raza · 🗓 16 Oct 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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28 अक्टूबर से देवबंद में गन्ना पेराई शुरू, बाकी मिलें पीछे: आज ही निपटाएं ये 5 तैयारी

सहारनपुर के गन्ना किसानों का सबसे बड़ा सवाल — “मिल कब चलेगी?” — का जवाब अब मिल गया है। त्रिवेणी ग्रुप की देवबंद चीनी मिल 28 अक्टूबर से जिले में सबसे पहले गन्ना पेराई शुरू करेगी। दैनिक जागरण की 16 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक जिले की 8 चीनी मिलों का संभावित पेराई कार्यक्रम सामने आ गया है, लेकिन खबर सिर्फ तारीखों की नहीं है। अक्टूबर के महीने में जिले की सिर्फ एक मिल — देवबंद — पेराई शुरू कर पाएगी। बाकी सात मिलों को अभी मरम्मत और तैयारी में समय चाहिए। इसलिए जिनका गन्ना देवबंद में जाएगा, उन्हें पर्ची, सट्टा और कैलेंडर का काम अब नहीं टालना चाहिए, और बाकी मिलों से जुड़े किसान इन कुछ हफ्तों का इस्तेमाल तैयारी में करें।

8 मिलों का पूरा पेराई कार्यक्रम

जिले में कुल 8 चीनी मिलें हैं, लेकिन टोडरपुर चीनी मिल पिछले साल से बंद पड़ी है। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, मिलों ने पेराई शुरू करने की संभावित तारीखें इस तरह घोषित की हैं:

  • देवबंद (त्रिवेणी ग्रुप): 28 अक्टूबर
  • शेरमऊ (उत्तम ग्रुप): 1 नवंबर
  • नानौता (सहकारी क्षेत्र): 1 नवंबर
  • सरसावा (सहकारी क्षेत्र): 1 नवंबर
  • गांगनौली (बजाज ग्रुप): 2 नवंबर
  • बिडवी (वेव ग्रुप): 8 नवंबर
  • गागलहेड़ी (दया शुगर): 15 नवंबर

अक्टूबर में सिर्फ देवबंद चलने का मतलब है कि जिले की बाकी मिलें नवंबर के पहले दो हफ्तों में चरणबद्ध तरीके से मैदान में उतरेंगी।

बाकी मिलें कहां अटकी हैं — डीएम की समीक्षा में सामने आई तस्वीर

मरम्मत की धीमी रफ्तार ही देरी की असली वजह है। 5 अक्टूबर को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में जो आंकड़े सामने आए, उनसे साफ है कि काम अभी अधूरा है। रॉयल बुलेटिन की 5 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, देवबंद में 82 प्रतिशत, गांगनौली में 89.75 प्रतिशत, शेरमऊ में 79.75 प्रतिशत, बिडवी में 80.25 प्रतिशत, नानौता में 75.25 प्रतिशत और सरसावा में 79.75 प्रतिशत मरम्मत कार्य पूरा हुआ था। सबसे बुरी हालत गागलहेड़ी मिल की रही, जहां सिर्फ 51.25 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका था।

इसी बैठक में जिलाधिकारी ने दया शुगर मिल गागलहेड़ी के यूनिट हेड को मरम्मत में देरी पर कड़ी फटकार लगाई और नवंबर 2026 के पहले सप्ताह तक मिल का संचालन अनिवार्य रूप से शुरू करने का निर्देश दिया। गागलहेड़ी से जुड़े किसानों के लिए यह संदेश दोधारी है — मिल चालू होगी, लेकिन तारीख 15 नवंबर से पहले की उम्मीद मत रखें। उसी बैठक में डीएम ने बकाया गन्ना मूल्य का जल्द भुगतान करने के निर्देश भी दिए थे, ताकि नई पेराई के साथ पुराना बकाया साफ हो सके।

पेराई से पहले किसान के 5 जरूरी काम

मिल की तारीख तय हो गई तो अब बारी किसान की तैयारी की है। ये पांच काम पेराई शुरू होने से पहले निपटा लें:

1. ई-गन्ना ऐप पर पर्ची-कैलेंडर की स्थिति देख लें। अपना सट्टा, पर्ची और कैलेंडर की तारीख मिल शुरू होने से पहले जरूर जांच लें। अगर सट्टा स्वीकृत नहीं हुआ या कैलेंडर में गड़बड़ी है तो अभी समिति केंद्र से संपर्क करें। मिल चलने के बाद इस काम में लाइन लगती है और गन्ना खेत में खड़ा रह जाता है।

2. गन्ना कटाई का कार्यक्रम पेराई तारीख से जोड़ें। ताजा कटा गन्ना मिल को जल्दी पहुंचे, इससे चीनी रिकवरी अच्छी रहती है और तौल में कटौती का डर कम होता है। गांगनौली, बिडवी या गागलहेड़ी से जुड़े किसान अपनी मिल की तारीख के हिसाब से कटाई का समय तय करें।

3. बकाए की शिकायत दर्ज हो तो कागज तैयार रखें। जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में बकाए की शिकायत पहले से दर्ज हो तो भुगतान मिलने पर रसीद और खाते का विवरण संभालकर रखें। बकायेदार मिलों के क्रय केंद्र घटाए जा चुके हैं, इसलिए अपनी मिल के क्षेत्र और केंद्र की पुष्टि भी कर लें।

4. नानौता-सरसावा क्षेत्र के किसान सहकारी मिलों की कैलेंडर तिथि नोट करें। दोनों सहकारी मिलें 1 नवंबर से चलेंगी। सहकारी मिलों में कैलेंडर के हिसाब से ही गन्ना जाता है, इसलिए अपनी पर्ची की तारीख से पहले गन्ना कटवाने की व्यवस्था कर लें।

5. नवंबर की रबी बुवाई के लिए खाद का इंतजाम अभी से करें। पेराई शुरू होने के बाद किसान का पूरा ध्यान गन्ना आपूर्ति में लग जाता है। गेहूं और सरसों की बुवाई के लिए एनपीके खाद और बीज का इंतजाम पहले से कर लें, ताकि बुवाई में देरी न हो।

गन्ने के भाव की घोषणा अभी बाकी

तारीखें तय होने के बावजूद एक बड़ा सवाल अब भी अनुत्तरित है — नए सत्र 2026-27 के गन्ने का भाव क्या होगा? 2026-27 सत्र के लिए उत्तर प्रदेश के एसएपी (राज्य परामर्श मूल्य) की घोषणा अभी तक नहीं हुई है। किसान संगठनों की मांग है कि पेराई शुरू होने से पहले ही भाव घोषित हो, ताकि किसान को पता रहे कि उसकी मेहनत का मोल क्या लगेगा।

मुख्य बातें

  • सहारनपुर में 28 अक्टूबर से देवबंद चीनी मिल सबसे पहले गन्ना पेराई शुरू करेगी; शेरमऊ, नानौता और सरसावा 1 नवंबर से, गांगनौली 2 नवंबर से, बिडवी 8 नवंबर से और गागलहेड़ी 15 नवंबर से पेराई करने की संभावना है।
  • 5 अक्टूबर की डीएम समीक्षा में सिर्फ गागलहेड़ी में 51.25 प्रतिशत मरम्मत पूरी मिली; डीएम ने नवंबर के पहले सप्ताह तक मिल संचालन का निर्देश दिया है।
  • 2026-27 सत्र के उत्तर प्रदेश एसएपी की घोषणा अभी बाकी है; मिल चलने से पहले पर्ची-कैलेंडर, कटाई का कार्यक्रम और बकाए की कागजी कार्रवाई निपटा लें।

स्रोत: दैनिक जागरण (सहारनपुर, 16 अक्टूबर 2026); रॉयल बुलेटिन (सहारनपुर, 5 अक्टूबर 2026); बिजनेस स्टैंडर्ड हिंदी (15 अक्टूबर 2026)।

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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