20 अक्टूबर से पेराई शुरू: गन्ना बेचने से पहले कर लें ये 7 काम, वरना भुगतान अटकेगा

एक अक्टूबर से चीनी का नया सीजन शुरू हो चुका है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मिलें 20 अक्टूबर के आसपास पेराई शुरू करने की तैयारी में हैं। यही नहीं, इस बार गन्ने का नया FRP भी लागू हो गया है: ₹365 प्रति क्विंटल। यानी नया सत्र पुराने से कुछ अलग होगा। जो किसान कागज और तैयारी पहले से दुरुस्त कर लेगा, उसकी ट्रॉली मिल गेट पर अटकेगी नहीं और भुगतान की लाइन में भी वह आगे रहेगा। नीचे वही 7 काम दिए गए हैं, जिन्हें पेराई शुरू होने से पहले निपटा लेना समझदारी है।
1. पर्ची कैलेंडर और सट्टा इंडेंट पहले जांच लें
eGanna ऐप या cane.up.gov.in पर अपना पर्ची कैलेंडर अभी देख लें। सट्टा, क्षेत्रफल और क्रय केंद्र की जानकारी सही है या नहीं, यह जांचना सबसे जरूरी काम है। अगर सर्वे में क्षेत्रफल कम दर्ज है या क्रय केंद्र गलत लगा है, तो पेराई शुरू होने के बाद सुधार में वक्त लगेगा और आपकी पर्ची पिछड़ जाएगी। गड़बड़ी दिखे तो अपनी गन्ना समिति से तुरंत संपर्क करें।
2. बैंक खाता सक्रिय रखें, KYC अधूरी न छोड़ें
गन्ने का भुगतान सीधे बैंक खाते में आता है। खाता निष्क्रिय हो, KYC अधूरी हो या आधार से लिंक न हो। ऐसी छोटी सी चूक भुगतान रोक सकती है। पेराई से पहले बैंक जाकर खाते की स्थिति पक्की कर लें। खाता बदलना हो तो उसकी सूचना भी समय पर समिति को दें।
3. नया FRP ₹365: अपना न्यूनतम मूल्य जान लें
केंद्र सरकार ने चीनी सीजन 2026-27 के लिए गन्ने का FRP बढ़ाकर ₹365 प्रति क्विंटल कर दिया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू है। यह वह न्यूनतम मूल्य है जो मिलों को किसानों को देना अनिवार्य है। अपनी पर्ची और भुगतान की गणना इसी दर से मिलाकर देखें। 2019-20 में यही FRP ₹275 था, यानी सात साल में ₹90 की बढ़ोतरी हुई है।
4. SAP 2026-27 की घोषणा अभी बाकी है
एक बात साफ रहे: प्रदेश सरकार की ओर से पेराई सत्र 2026-27 के लिए राज्य परामर्श मूल्य (SAP) की घोषणा अभी नहीं हुई है। पिछले सत्र 2025-26 में SAP ₹400 प्रति क्विंटल (अगेती) था, लेकिन यह दर इस सत्र की नहीं है। जब तक नया SAP घोषित नहीं होता, तब तक FRP ₹365 ही आधार मूल्य रहेगा। SAP की खबर आए तो आधिकारिक घोषणा से ही पुष्टि करें।
5. क्रय केंद्र और तौल की जानकारी समिति से लें
आपका गन्ना किस क्रय केंद्र पर तौलेगा और वहां तौल कांटों की क्या व्यवस्था है, यह पहले से जान लें। नया सत्र शुरू होने पर पहले हफ्ते में भीड़ ज्यादा रहती है। अपनी पर्ची की तारीख के हिसाब से गन्ना काटने का प्लान बनाएं, ताकि खेत में कटा गन्ना ज्यादा दिन न पड़ा रहे। सूखा गन्ना वजन भी घटाता है और चीनी परता भी।
6. ट्रॉली और मजदूर की व्यवस्था समय पर करें
कटाई के समय मजदूर मिलना हर साल की समस्या है। पेराई शुरू होने से पहले ही कटाई करने वाले मजदूरों से बात पक्की कर लें। ट्रॉली के पहिए, रस्सी और जाल की मरम्मत भी अभी करा लें। मिल गेट पर लंबी लाइन में खराब ट्रॉली फंस जाए तो पूरा दिन बर्बाद होता है।
7. पुराना बकाया हो तो शिकायत का रास्ता अपनाएं
अगर पिछले सत्र का भुगतान अभी तक पूरा नहीं मिला है, तो नया सत्र शुरू होने से पहले उसका हिसाब साफ कराएं। eGanna ऐप में भुगतान की स्थिति देखें और गड़बड़ी पर जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय या टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-121-3203 और 1800-180-5129 पर शिकायत दर्ज कराएं। बकाया रहते नया सत्र शुरू हो जाए तो पुरानी रकम वसूलना और मुश्किल हो जाता है।
पेराई सत्र 2026-27 की तैयारी सिर्फ मिलों की जिम्मेदारी नहीं है। प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हैं और त्योहारी सीजन में चीनी की मांग को देखते हुए सरकार ने 1 से 15 अक्टूबर के लिए 14 लाख टन चीनी बिक्री का कोटा भी तय किया है। यानी मिलें पूरी रफ्तार से चलेंगी। जो किसान इन 7 कामों को पहले से निपटा लेगा, उसके लिए यह सत्र परेशानी नहीं, कमाई का सत्र बनेगा।
मुख्य बातें
- पश्चिमी यूपी में 20 अक्टूबर के आसपास पेराई सत्र 2026-27 शुरू होने की तैयारी; महाराष्ट्र में 15 अक्टूबर से।
- नया FRP ₹365 प्रति क्विंटल 1 अक्टूबर 2026 से लागू; SAP 2026-27 की घोषणा अभी बाकी है।
- पर्ची कैलेंडर, बैंक KYC, क्रय केंद्र की जानकारी और पुराने बकाये की शिकायत: ये काम पहले निपटा लें।
स्रोत: एनडीटीवी, दैनिक जागरण (1-2 अक्टूबर 2026), एबीपी लाइव, चिनीमंडी
