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पर्ची सिर्फ SMS पर मिलेगी: 20 अक्टूबर से पेराई, मोबाइल में ये 5 काम अभी कर लो

✍️ Aamir Raza · 🗓 24 Oct 2026 · ⏱ 4 मिनट में पढ़ें

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पर्ची सिर्फ SMS पर मिलेगी: 20 अक्टूबर से पेराई, मोबाइल में ये 5 काम अभी कर लो

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चीनी मिलें इस बार पेराई सीजन पिछले साल से करीब 10 दिन पहले शुरू करने की तैयारी में हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया और चीनीमंडी की रिपोर्टों के मुताबिक बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली और मुरादाबाद की मिलों में बॉयलर पूजन और स्टीम ट्रायल अक्टूबर के पहले हफ्ते तक पूरे होने का अनुमान है, और असली पेराई 20 अक्टूबर के आसपास शुरू हो सकती है। मौसम ने साथ दिया तो किसानों को खेत जल्दी खाली करने और गेहूं की बुवाई समय पर करने का फायदा मिलेगा।

लेकिन एक खबर ऐसी है जिसे हर किसान को पेराई शुरू होने से पहले समझ लेना चाहिए। इस सीजन में भी गन्ना पर्ची सिर्फ SMS पर आएगी। कागज वाली पर्ची का दौर गया। मतलब सीधा है: मोबाइल ठीक, तो पर्ची ठीक। मोबाइल में गड़बड़, तो गन्ना तौल में देरी।

पर्ची क्यों अटक सकती है

गन्ना विभाग की SMS पर्ची व्यवस्था पिछले कुछ सीजनों से चल रही है। हर बार यही देखने को मिलता है कि कुछ किसानों तक पर्ची का SMS पहुंचता ही नहीं। वजह आमतौर पर तीन ही होती हैं: नंबर रजिस्टर्ड ही नहीं या बदल चुका है, फोन बंद या सिम बिना रिचार्ज, और मैसेज इनबॉक्स भर चुका है।

एक बात खास तौर पर जान लीजिए। अगर इनबॉक्स फुल हुआ और पर्ची का SMS नहीं डिलीवर हुआ, तो वह संदेश 24 घंटे के अंदर खुद रद्द हो जाता है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक पुरानी रिपोर्ट में विभाग के हवाले से यही चेतावनी दर्ज है। पर्ची का SMS गया, लेकिन पड़ा नहीं, तो गन्ना तौलने में अड़चन तय है।

ये 5 काम पेराई से पहले निपटा लें

1. मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड और अपडेट कराएं। पर्ची का SMS सिर्फ उसी नंबर पर आएगा जो स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल पर दर्ज है। नंबर बदल गया है या गलती से कोई पुराना नंबर दर्ज है, तो अपने गन्ना सुपरवाइजर या समिति के सचिव से संपर्क करके अपडेट करा लें। e-Ganna ऐप के जरिए भी सुधार का विकल्प है। यह काम सबसे पहले करें।

2. फोन चार्ज, इनबॉक्स खाली, DND बंद रखें। गन्ना विभाग किसानों से अपील करता रहा है कि फोन चार्ज रखें, SMS इनबॉक्स खाली रखें और DND (डू नॉट डिस्टर्ब) सेवा एक्टिव न करें। सिम में वैध रिचार्ज होना भी जरूरी है। ये बातें छोटी लगती हैं, लेकिन पर्ची इन्हीं छोटी बातों पर अटकती है।

3. अपना सर्वे रिकॉर्ड जांच लें। टाइम्स ऑफ इंडिया की ताजा रिपोर्ट में किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपना गन्ना सर्वे रिकॉर्ड जरूर जांचें, जिसमें रकबा और फसल की किस्म सही दर्ज होनी चाहिए। अगर सर्वे में रकबा गलत दर्ज हुआ, तो पर्ची और भुगतान दोनों पर असर पड़ता है। caneup.in के enquiry पोर्टल पर अपना रिकॉर्ड देखा जा सकता है।

4. बैंक खाता एक्टिव और पहचान दस्तावेज से लिंक रखें। भुगतान में देरी से बचने के लिए बैंक खाता चालू रखें और उसे जरूरी पहचान दस्तावेजों से जोड़कर रखें। हर सीजन में कई किसानों का भुगतान सिर्फ इसलिए अटकता है क्योंकि खाता बंद पड़ा होता है या दस्तावेज पूरे नहीं होते।

5. दाम वाली खबर पर भी नजर रखें। 7 अक्टूबर को लखनऊ में गन्ना आयुक्त कार्यालय में दाम पर उपसमिति की बैठक हुई, जिसमें बलरामपुर सहकारी गन्ना विकास समिति के प्रतिनिधि रणवीर सिंह रन्नू ने 2026-27 के लिए गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग रखी। हिंदुस्तान में छपी इस खबर के मुताबिक 2026-27 सीजन का SAP अभी घोषित नहीं हुआ है। दाम तय होने के बाद किसानों को भुगतान उसी दर से होगा, इसलिए इस खबर पर नजर बनाए रखें।

यूपी में गन्ने की तस्वीर इस बार

सहायक गन्ना आयुक्त सहारनपुर ओपी सिंह के हवाले से बताया गया है कि प्रदेश में 122 चीनी मिलें हैं, जिनमें से कम से कम 71 पश्चिमी यूपी में हैं। उधर गन्ने का रकबा घटा है। टाइम्स ऑफ इंडिया और चीनीमंडी के मुताबिक रकबा करीब 47,000 हेक्टेयर घटकर 28.87 लाख से 28.4 लाख हेक्टेयर रह गया है। बिजनौर, लखीमपुर और पीलीभीत में गिरावट दर्ज हुई है। किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत, मजदूरी और सिंचाई का खर्च, और भुगतान में देरी की वजह से रुझान बदला है।

22 सितंबर को बिजनौर में किसान मजदूर संगठन के हजारों किसानों ने महापंचायत कर ऊंचे दाम, जल्दी पेराई और देरी से भुगतान पर ब्याज की मांग भी उठाई थी। यानी इस सीजन में पर्ची, दाम और भुगतान तीनों पर किसानों की नजर रहेगी।

अगर पर्ची को लेकर कोई दिक्कत आए, तो विभाग का टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 और ERP से जुड़ी जानकारी के लिए 1800-103-5823 पर संपर्क किया जा सकता है। जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय भी मदद करता है।

मुख्य बातें

  • पश्चिमी यूपी की मिलें 20 अक्टूबर के आसपास पेराई शुरू कर सकती हैं, जो पिछले साल से करीब 10 दिन पहले होगी।
  • इस सीजन में गन्ना पर्ची सिर्फ SMS पर आएगी; रजिस्टर्ड नंबर अपडेट रखना, इनबॉक्स खाली रखना और DND बंद रखना जरूरी है, वरना SMS 24 घंटे में रद्द हो जाता है।
  • पेराई से पहले सर्वे रिकॉर्ड जांचें, बैंक खाता एक्टिव रखें और 2026-27 के SAP की घोषणा पर नजर बनाए रखें।

स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया (मुजफ्फरनगर/बिजनौर संस्करण), ChiniMandi.com, Hindustan (चीनीमंडी के हवाले से), cmv360.com

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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