गन्ना पेराई 2026: 15 अक्टूबर से चलने का आदेश, अमरोहा-बिजनौर की मिलें सबसे आगे

अमरोहा जिले के करीब सवा लाख गन्ना किसानों के लिए खबर अब पक्की हो गई है। इस बार यहां की चीनी मिलें अपने सामान्य समय से 10 से 15 दिन पहले चलेंगी। 20 से 25 अक्टूबर के आसपास पेराई शुरू होने की उम्मीद है और मिलों में मरम्मत का काम अंतिम दौर में पहुंच चुका है। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक जिले के डीसीओ मनोज कुमार ने कहा है कि सभी चीनी मिलों का समय से संचालन कराया जाएगा और किसानों को कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
15 अक्टूबर का आदेश: गन्ना आयुक्त ने दिया लिखित निर्देश
पश्चिमी यूपी की इस हलचल के पीछे राज्य स्तर का एक बड़ा आदेश भी है। गन्ना आयुक्त मिनिस्ट्री एस ने विभागीय अधिकारियों और चीनी मिलों के प्रबंधकों को लिखित में कहा है कि मिलें 15 अक्टूबर तक चलनी चाहिए, यानी पिछले साल से करीब 15 दिन पहले।
इसके पीछे दो वजहें बताई जा रही हैं। पहली, चीनी की बढ़ती कीमतों पर लगाम कसना। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर में बनी चीनी को अक्टूबर-नवंबर में ही बेचने की छूट मिलेगी, ताकि बाजार में सप्लाई बढ़े और दाम नरम हों। दूसरी वजह सीधी किसान से जुड़ी है: मिल जल्दी चलेगी तो गन्ना समय पर बिकेगा, खेत जल्दी खाली होंगे और गेहूं की बुआई सही समय पर हो पाएगी।
किन जिलों में कितनी तैयारी
टाइम्स ऑफ इंडिया (मेरठ) की 29 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिमी यूपी के पांच जिलों में तैयारियां सबसे तेज हैं: बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली और मुरादाबाद। लक्ष्य है कि अक्टूबर के पहले हफ्ते तक बॉयलर पूजा और स्टीम ट्रायल पूरे कर लिए जाएं, जिसके बाद 20 अक्टूबर के आसपास से पेराई शुरू हो सकती है।
सहारनपुर के उप गन्ना आयुक्त ओपी सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कुल 122 चीनी मिलें हैं, जिनमें पश्चिमी यूपी की 71 से ज्यादा हैं। उनका कहना है कि इस बार पेराई पिछले साल से करीब 10 दिन पहले शुरू हो सकती है, हालांकि सारी तैयारी मौसम पर निर्भर करेगी।
बिजनौर महापंचायत: भाव बढ़ाओ, मिल जल्दी चलाओ
मिलों की तैयारी के बीच किसानों ने अपनी मांगें भी तेज कर दी हैं। 22 सितंबर को बिजनौर में किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह के नेतृत्व में हजारों किसानों ने महापंचायत की। वहां तीन मांगें साफ रखी गईं: गन्ने का भाव (SAP) बढ़ाया जाए, मिलें समय से पहले खोली जाएं और बकाया भुगतान पर ब्याज दिया जाए।
जल्दी पेराई का दूसरा पहलू भी समझिए
जल्दी मिल चलना किसानों के लिए राहत है, लेकिन इसका एक तकनीकी पहलू भी है जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। प्रख्यात गन्ना प्रजनक बख्शी राम (Co-0238 किस्म के जनक) का कहना है कि मिलों को आदर्श रूप से नवंबर से पेराई शुरू करनी चाहिए, क्योंकि कच्चे गन्ने में चीनी की मात्रा कम होती है।
पश्चिमी भारत के चीनी मिल संगठन विस्मा के अध्यक्ष बी.बी. ठोंबरे के मुताबिक जल्दी पेराई से मिलों की चीनी रिकवरी करीब डेढ़ फीसदी घट सकती है और किसानों के गन्ने के वजन में भी 10 से 15 फीसदी की कमी आती है। संगठन ने 15 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच पेराई पर मिलों के लिए 500 रुपये प्रति टन और किसानों के लिए 300 रुपये प्रति टन की विशेष सहायता की मांग रखी है।
रकबा घटा, उत्पादन पर सवाल
चिंता की खबर रकबे से आ रही है। रिपोर्टों के मुताबिक यूपी में गन्ने का रकबा 47,000 हेक्टेयर घटकर 28.87 लाख हेक्टेयर से 28.4 लाख हेक्टेयर रह गया है। द हिंदू बिजनेसलाइन की रिपोर्ट कहती है कि पैदावार में करीब 10 फीसदी सुधार के बावजूद प्रदेश का चीनी उत्पादन 90 लाख टन के आसपास ही रहने का अनुमान है, जबकि बाजार को एक करोड़ टन से ज्यादा की उम्मीद थी। बिजनौर, लखीमपुर और पीलीभीत में रकबा सबसे ज्यादा घटा है। किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत, मजदूरी और भुगतान में देरी की वजह से कई लोग दूसरी फसलों की ओर जा रहे हैं।
किसान अभी से क्या करें
पेराई जल्दी शुरू होने वाली है, इसलिए कागजी तैयारी भी जल्दी करनी होगी। सबसे पहले गन्ना सर्वे का रिकॉर्ड जांच लें: रकबा और किस्म का डाटा सही है या नहीं, यह सत्यापित कराएं। दूसरा, बैंक खाता चालू रखें और आधार जैसे दस्तावेजों से लिंक हो, वरना भुगतान अटक सकता है। तीसरा, अक्टूबर के पहले हफ्ते में अपने नजदीकी गन्ना क्रय केंद्र की व्यवस्था की जानकारी ले लें।
ई-गन्ना ऐप पर अपना सट्टा, पर्ची और कैलेंडर पहले से देख लें। और सबसे जरूरी बात: गेहूं की बुआई की तैयारी अभी से शुरू कर दें, क्योंकि खेत जल्दी खाली होंगे तो बुआई का सही समय हाथ से नहीं निकलेगा।
एक चेतावनी भी याद रखें: 20 अक्टूबर या 15 अक्टूबर की तारीखें उम्मीद और आदेश हैं, पक्की गारंटी नहीं। मौसम और मिल की तैयारी पर सब कुछ निर्भर है। अपनी मिल की सही तारीख अक्टूबर के पहले हफ्ते में गन्ना समिति या क्रय केंद्र से जरूर पूछ लें।
मुख्य बातें
- गन्ना आयुक्त का लिखित आदेश: मिलें 15 अक्टूबर तक चलाएं; पश्चिमी यूपी में 20 अक्टूबर के आसपास पेराई की उम्मीद।
- अमरोहा की मिलें 10-15 दिन पहले (20-25 अक्टूबर) चलेंगी; बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली और मुरादाबाद में मरम्मत अंतिम चरण में।
- 22 सितंबर को बिजनौर महापंचायत में भाव बढ़ाने, मिलें जल्दी चलाने और बकाया पर ब्याज की मांग; यूपी में गन्ने का रकबा 47,000 हेक्टेयर घटा।
स्रोत: हिंदुस्तान (अमरोहा रिपोर्ट); टाइम्स ऑफ इंडिया, मेरठ न्यूज, 29 सितंबर 2026; एग्रीइनसाइट/चीनीमंडी (गन्ना आयुक्त आदेश); द हिंदू बिजनेसलाइन, सितंबर 2026
