8 दिन में भुगतान, मुफ्त चीनी भी: सोलापुर-नंदुरबार की घोषणा से यूपी किसान क्या सीखें

गन्ना तौल कराने के बाद किसान के मन में एक ही सवाल घूमता है। पैसा कब आएगा। दिवाली के मौके पर महाराष्ट्र की दो जगहों से इस सवाल के दो अलग जवाब आए हैं, और दोनों यूपी के किसान के लिए भी काम के हैं। नंदुरबार में किसानों को मुफ्त चीनी दी जा रही है, सोलापुर में मिल ने 8 दिन में बिल चुकाने का वादा किया है।
नंदुरबार: 25 अक्टूबर से मुफ्त चीनी, 100 रुपये प्रति टन अतिरिक्त
नंदुरबार जिले में ओंकार शुगर फैक्टरी ने 25 अक्टूबर से सभी गन्ना उत्पादक किसानों को दिवाली उपहार के रूप में मुफ्त चीनी देने का ऐलान किया है। यह जानकारी लोकमत की खबर के हवाले से सामने आई है। इसके साथ 2025-26 सत्र के लिए 100 रुपये प्रति टन अतिरिक्त भुगतान भी होगा, जिससे उस सत्र का कुल गन्ना मूल्य 3,050 रुपये प्रति टन हो जाएगा। यह राशि 25 अक्टूबर के बाद किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।
यह घोषणा पुरुषोत्तमनगर में बॉयलर प्रज्वलन समारोह में हुई, जहां अध्यक्ष ने जिले में सबसे ऊंचा गन्ना मूल्य देने की कोशिश जारी रखने की बात कही। यूनिट प्रमुख अशोक पाटिल के मुताबिक कार्यक्षेत्र में करीब 7 लाख मीट्रिक टन गन्ना पंजीकृत है, रोजाना करीब 6,000 मीट्रिक टन पेरने का लक्ष्य है।
सोलापुर: ताडवळ यूनिट का 8 दिन वाला वादा
दूसरी खबर सोलापुर जिले की अक्कलकोट तहसील से है। यहां ओंकार पावर कॉरपोरेशन की यूनिट 5, ताडवळ ने 2026-27 सत्र के लिए ऐलान किया है कि गन्ना बिल डिलीवरी के 8 दिन के भीतर चुका दिया जाएगा। कटाई और ढुलाई के बिल भी हर 8 दिन में निपटाए जाएंगे, और समूह का लक्ष्य जिले में सबसे ऊंचा गन्ना भाव देना है। यह घोषणा 24 अक्टूबर 2026 को पेराई सत्र उद्घाटन समारोह में की गई।
समारोह में विधायक सचिनदादा कल्याणशेट्टी, अध्यक्ष बाबूराव बोत्रे-पाटिल और सीईओ तेजस्विनी बर्गे मौजूद थीं। अध्यक्ष ने बताया कि 2025-26 सत्र में 2,900 रुपये प्रति टन का भुगतान हुआ था, साथ में दिवाली पर 100 रुपये प्रति टन अतिरिक्त दिया गया था।
इस घोषणा की एक बात और ध्यान देने लायक है। प्रबंधन ने पिछले सत्र के आखिर में कुछ किसानों के बिलों में हुई देरी को छिपाया नहीं। अध्यक्ष ने कहा कि बैंक ऋण मंजूरी में दिक्कत के कारण देरी हुई थी, लेकिन बाद में वादे के मुताबिक भुगतान कर दिया गया।
यूपी में इस वक्त हालात क्या हैं
यूपी में पेराई सत्र 2026-27 शुरू हो चुका है और प्रदेश की 122 चीनी मिलों में गन्ना आना शुरू हो गया है। यहां किसान के पास भुगतान को लेकर कानूनी सुरक्षा पहले से मौजूद है। नियम के तहत मिल को गन्ना देने के 14 दिन के भीतर भुगतान करना होता है, देरी पर ब्याज का प्रावधान है। सोलापुर का 8 दिन का वादा इसीलिए चर्चा में है, वह दिखाता है कि कोई मिल चाहे तो कानूनी सीमा से भी तेज भुगतान कर सकती है।
भाव को लेकर तस्वीर अभी आधी साफ है। केंद्र सरकार ने 2026-27 चीनी सत्र के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 10.25 प्रतिशत बेसिक रिकवरी पर 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले सत्र के 355 रुपये से 10 रुपये ज्यादा है। यूपी में 2025-26 सत्र के लिए राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) अगेती के लिए 400 रुपये और सामान्य के लिए 390 रुपये प्रति क्विंटल था। 2026-27 सत्र के लिए नई एसएपी की घोषणा अभी बाकी है, किसान संगठनों की 600 रुपये प्रति क्विंटल की मांग पर लखनऊ में बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन नई दर का ऐलान सामने नहीं आया है।
यूपी का किसान अपनी मिल से क्या मांग सकता है
इस सत्र में गन्ना देते वक्त तीन बातों का लिखित रिकॉर्ड अपने पास रखना सबसे काम आएगा। तौल पर्ची पर वजन, किस्म और तारीख साफ होनी चाहिए। पर्ची मिलने की तारीख से 14 दिन गिनकर रखें, ताकि देरी होने पर शिकायत में तारीख के साथ बात रखी जा सके। बैंक खाता सक्रिय और आधार से जुड़ा होना चाहिए, वरना भुगतान अटक सकता है।
अगर भुगतान 14 दिन से ज्यादा लटके, तो गन्ना समिति और जिला गन्ना अधिकारी को लिखित शिकायत दें। देरी पर बनने वाले ब्याज के बारे में भी समिति से जानकारी लें। परेशानी होने पर किसान हेल्पलाइन 1800-121-3203 और 1800-180-5129 पर संपर्क कर सकते हैं, एसएमएस शॉर्टकोड 51969 है। मुफ्त चीनी या अतिरिक्त भुगतान जैसी घोषणाओं पर भी कागज पर लिखे वादे पर ही भरोसा करें, किसी के कहने पर नहीं।
आगे किस पर नजर रहेगी
अब नजर तीन बातों पर रहेगी। सोलापुर की ताडवळ यूनिट पहले महीने में 8 दिन के वादे पर कितना खरा उतरती है, नंदुरबार में 25 अक्टूबर के बाद 100 रुपये प्रति टन की राशि खातों में कब तक पहुंचती है, और यूपी में 2026-27 एसएपी की घोषणा कब होती है।
मुख्य बातें
- नंदुरबार में 25 अक्टूबर से मुफ्त चीनी मिलेगी, साथ में 2025-26 सत्र के लिए 100 रुपये प्रति टन अतिरिक्त भुगतान होगा, कुल भाव 3,050 रुपये प्रति टन होगा।
- सोलापुर की ताडवळ यूनिट ने 2026-27 सत्र में गन्ना बिल 8 दिन में चुकाने का वादा किया है, कटाई और ढुलाई के बिल भी हर 8 दिन में निपटेंगे।
- यूपी में 2026-27 एसएपी की घोषणा अभी बाकी है, केंद्र का एफआरपी 365 रुपये प्रति क्विंटल तय है, और 14 दिन में भुगतान का नियम लागू है।
स्रोत: चीनीमंडी (24 अक्टूबर 2026, सोलापुर और नंदुरबार रिपोर्ट; नंदुरबार रिपोर्ट लोकमत के हवाले से), बिजनेस स्टैंडर्ड और द हिंदू बिजनेसलाइन (2026-27 एफआरपी 365 रुपये प्रति क्विंटल)।
