23 अक्टूबर को लखनऊ घेरेंगे किसान: ₹600 से कम भाव हुआ तो 'यह घाटे का सौदा', टिकैत का ऐलान

बागपत के दोघट में रविवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने साफ शब्दों में कहा कि गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल से कम हरगिज नहीं होना चाहिए, वरना यह किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित होगा। बाजार में चीनी के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन किसान के गन्ने का भाव नहीं बढ़ाया जा रहा। उसी मौके पर उन्होंने 23 अक्टूबर को लखनऊ में किसानों की बड़ी महापंचायत का ऐलान कर दिया। पेराई सत्र शुरू होने में गिनती के दिन बचे हैं और सरकार ने अब तक 2026-27 के एसएपी की घोषणा नहीं की है।
दोघट की पत्रकार वार्ता: टिकैत ने क्या-क्या कहा
18 अक्टूबर को दोघट में राजेंद्र चौधरी के आवास पर पत्रकार वार्ता में नरेश टिकैत ने सरकार को तीन मोर्चों पर घेरा। गन्ना मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल से कम कतई नहीं होना चाहिए। आंदोलन करने वालों पर दबाव बनाना बंद हो। और सरकार ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराए।
टिकैत ने कहा कि मनमानी से देश नहीं चल सकता। छात्र हो या व्यापारी, सभी हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। सरकार को उनकी समस्या सुनकर समाधान करना चाहिए। वार्ता में धीरज राठी, जोगेंद्र सिंह और राजपाल भी मौजूद रहे।
23 अक्टूबर की महापंचायत: कार्यक्रम सूचना जारी
भाकियू के राष्ट्रीय कार्यालय ने कार्यक्रम सूचना का लेटर जारी कर 23 अक्टूबर को लखनऊ के गन्ना संस्थान में किसान-मजदूर महापंचायत का आह्वान किया है। सूचना में कहा गया है कि गन्ना किसानों की समस्याओं, गन्ना मूल्य के भुगतान, बकाया गन्ना मूल्य, गन्ना मूल्य में वृद्धि और अन्य ज्वलंत मुद्दों पर इस महापंचायत में चर्चा होगी।
महापंचायत में उत्तर प्रदेश के सभी गन्ना उत्पादक जनपदों और राजधानी क्षेत्र से जुड़े जिलों के किसान-मजदूर साथी भाग लेंगे। संगठन ने सभी पदाधिकारियों को पहुंचने के निर्देश दिए हैं। हजारों किसानों के जुटने की उम्मीद है।
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एक ही दिन, दो मोर्चे: SKM का भी 23 अक्टूबर को ऐलान
23 अक्टूबर का दिन सरकार के लिए दोहरी चुनौती लेकर आएगा। संयुक्त किसान मोर्चा भी उसी दिन पूरे प्रदेश में जिलाधिकारी कार्यालयों पर धरना देगा और DM के जरिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजेगा। दोनों संगठनों की मुख्य मांग एक जैसी है। गन्ना मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए, और कई मिलों पर अटका बकाया नए पेराई सत्र से पहले दिलाया जाए। एक ओर लखनऊ में महापंचायत, दूसरी ओर जिलों में धरना।
मांगों की पूरी सूची: भाव, बकाया, कीट और बिजली
महापंचायत में सिर्फ भाव का मुद्दा नहीं उठेगा। गन्ना फसल में टॉप बोरर कीट से किसानों को नुकसान हुआ है, यह मुद्दा भी जोर से उठेगा। भाकियू ने सरकार से रात में शाम 6 से 12 बजे तक बिजली सप्लाई मांगी थी, जो कुछ इलाकों में अब तक पूरी नहीं हुई। इससे कीट से बचाव में किसानों को दिक्कत हो रही है।
बकाया की मांग सबसे तेज है। 14 अक्टूबर को बस्ती में भाकियू ने 1996 से 2025 तक के बकाया गन्ना मूल्य का 14 दिनों के भीतर ब्याज सहित भुगतान और 600 रुपये समर्थन मूल्य की मांग उठाई थी। 600 रुपये की मांग अब पूरे प्रदेश के किसान आंदोलन की केंद्रीय मांग बन चुकी है।
समय क्यों अहम: पेराई की तारीख और एसएपी का इंतजार
उत्तर प्रदेश में आमतौर पर 1 नवंबर से हर चीनी मिल में गन्ना पेराई शुरू हो जाती है। इस बार 20 अक्टूबर से ही पेराई की संभावना जताई जा रही है, हालांकि सरकार ने अभी तारीख का ऐलान नहीं किया है। किसानों को उम्मीद है कि सरकार पेराई से पहले गन्ना मूल्य बढ़ाएगी और बकाया भुगतान के निर्देश मिलों को देगी। ऐसे निर्देश अभी तक न मिलने से किसानों में नाराजगी बढ़ रही है।
यहां भाव का पूरा हिसाब समझ लीजिए, ताकि कोई भ्रम न रहे। पेराई सत्र 2025-26 के लिए यूपी का एसएपी अगेती किस्म पर 400 रुपये प्रति क्विंटल था। केंद्र ने 2026-27 के लिए एफआरपी 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। और 2026-27 के एसएपी की घोषणा अभी बाकी है। यही वह ऐलान है जिसका किसान इंतजार कर रहे हैं।
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किसान पर इसका क्या असर पड़ेगा
सीधा असर यह है कि पेराई से पहले भाव पर बड़ा फैसला हो सकता है। 600 रुपये मिला तो पिछले सत्र के 400 के मुकाबले हर क्विंटल पर 200 रुपये सीधे किसान की जेब में जाएंगे।
लेकिन ऐलान का इंतजार करते हुए बैठे रहना भी ठीक नहीं। पेराई शुरू होने से पहले अपना बकाया जरूर देख लें। eGanna ऐप या upcane.gov.in पर अपने सट्टा, पर्ची और आपूर्ति कैलेंडर की स्थिति जांच लें। तौल या पर्ची में गड़बड़ी दिखे तो समिति में शिकायत दर्ज करा दें। और 23 अक्टूबर की पंचायत पर नजर रखें, उसी से पेराई सत्र की दिशा तय होगी।
मुख्य बातें
- 18 अक्टूबर को दोघट में नरेश टिकैत ने गन्ना भाव ₹600 प्रति क्विंटल से कम न करने की मांग दोहराई और कहा कि इससे कम भाव घाटे का सौदा होगा।
- भाकियू के राष्ट्रीय कार्यालय ने 23 अक्टूबर को लखनऊ के गन्ना संस्थान में किसान-मजदूर महापंचायत का आधिकारिक ऐलान किया; SKM उसी दिन जिलों में DM कार्यालयों पर धरना देगा।
- 2026-27 के एसएपी की घोषणा अभी बाकी है; पेराई 20 अक्टूबर से शुरू होने की संभावना, सरकारी तारीख का ऐलान अभी नहीं।
स्रोत: दैनिक जागरण (18 अक्टूबर 2026), किसान इंडिया (18 अक्टूबर 2026), अमर उजाला (14 अक्टूबर 2026)
