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24 अक्टूबर से गन्ना पेराई: मुजफ्फरनगर की 8 मिलों की तिथियां घोषित, मोरना में धरना क्यों?

✍️ Aamir Raza · 🗓 20 Oct 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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24 अक्टूबर से गन्ना पेराई: मुजफ्फरनगर की 8 मिलों की तिथियां घोषित, मोरना में धरना क्यों?

मुजफ्फरनगर के गन्ना किसानों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। जिले की सभी 8 चीनी मिलों के पेराई सत्र की तिथियां घोषित कर दी गई हैं। सबसे पहले 24 अक्टूबर से धामपुर बायो ऑर्गेनिक मंसूरपुर मिल पेराई शुरू करेगी, जबकि जिले की सबसे बड़ी मिल त्रिवेणी इंजीनियरिंग खतौली 1-2 नवंबर से चलेगी। दूसरी ओर, मोरना स्थित गंगा किसान सहकारी चीनी मिल पर आज ही भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। उनकी मांग है कि पेराई 25 अक्टूबर से ही शुरू हो।

किस मिल में कब से पेराई

रॉयल बुलेटिन की रिपोर्ट के मुताबिक कार्यक्रम इस क्रम में तय हुआ है:

  • धामपुर बायो ऑर्गेनिक, मंसूरपुर: 24-26 अक्टूबर 2026
  • बजाज हिंदुस्तान, बुढ़ाना: 25-26 अक्टूबर 2026
  • उत्तम शुगर मिल्स, खैखेड़ी: 27-28 अक्टूबर 2026
  • टिकौला शुगर मिल्स, टिकौला: 28-29 अक्टूबर 2026
  • इंडियन पोटाश लिमिटेड, रोहाना कलां: 29-30 अक्टूबर 2026
  • गंगा किसान सहकारी चीनी मिल, मोरना और इंडियन पोटाश लिमिटेड, तितावी: 30-31 अक्टूबर 2026
  • त्रिवेणी इंजीनियरिंग, खतौली: 1-2 नवंबर 2026

कुल मिलाकर जिले की सभी मिलें दीपावली के आसपास पेराई शुरू कर देंगी।

मोरना मिल पर भाकियू का धरना: 25 अक्टूबर की जिद क्यों

भाकियू (टिकैत) के कार्यकर्ताओं का धरना सुर्खियों में रहा: पेराई 25 अक्टूबर से शुरू हो, वरना वे उसी दिन गन्ना लेकर मिल पहुंच जाएंगे।

भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष अनुज राठी ने धरने में बताया कि मिल समिति की वार्षिक निकाय बैठक में एडीएम प्रशासन की मौजूदगी में 25 अक्टूबर से पेराई शुरू करने का फैसला हो चुका था। उनकी दलील भी वजनी है: पशुओं के चारे की भारी किल्लत खड़ी हो गई है, और खेत खाली करके बरसीम की बुवाई भी करनी है। पेराई में देरी हुई तो किसान को दोहरा नुकसान झेलना पड़ेगा।

धरने में सिर्फ तिथि की मांग नहीं उठी। जिला उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र प्रधान ने अदालत के आदेशों का हवाला देकर कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान में हुई देरी का ब्याज किसानों को तुरंत मिलना चाहिए। साथ ही कीटनाशक और यूरिया पर मिल की ओर से दी जा रही सब्सिडी का पारदर्शी हिसाब सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई।

मिल के प्रधान प्रबंधक वीपी पांडेय धरना स्थल पर पहुंचे और आश्वासन दिया कि वे जल्द ही जिलाधिकारी से मिलकर पेराई की आधिकारिक तिथि तय कराने का प्रयास करेंगे। लेकिन भाकियू नेताओं ने अल्टीमेटम दोहरा दिया: किसान 25 अक्टूबर को गन्ना लेकर मिल पहुंचेंगे, प्रशासन अपनी तैयारी पूरी रखे।

मोरना मिल की तैयारी: लक्ष्य पहले से तय

मोरना मिल की तैयारी पहले से चल रही है। 12 अक्टूबर को जिला पंचायत प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल ने मिल परिसर का निरीक्षण किया और 26 अक्टूबर तक पेराई शुरू कराने की तैयारी पर जोर दिया। किसानों के लिए साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के निर्देश भी दिए गए।

सवा दो लाख किसानों की तैयारी पहले से जारी

यह पेराई सत्र अचानक घोषित नहीं हुआ है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक जिला प्रशासन ने सभी आठ मिलों को अक्टूबर के पहले हफ्ते तक तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए थे, और इस बार मिलों को पिछले साल के मुकाबले करीब 15 दिन पहले चलाने की योजना है।

गन्ना किसानों को प्राथमिक गन्ना सप्लाई कैलेंडर पहले ही बांटे जा चुके हैं। जनपद की आठ मिल क्षेत्रों से जुड़े करीब सवा दो लाख किसानों को कैलेंडर मिले हैं, हालांकि कई किसानों ने कैलेंडर न मिलने की शिकायत भी दर्ज कराई थी। गन्ना समितियों पर लगे मेलों में रकबा, बेसिक कोटा और पर्चियों की जानकारी दी गई। जिला गन्ना अधिकारी संजय सिंह सिसौदिया के मुताबिक किसान समितियों पर जाकर अपनी समस्या का समाधान करा सकते हैं।

किसान के लिए इसका क्या मतलब है

पेराई की तिथि तय होते ही तैयारी तेज कर देनी चाहिए।

पहला काम: अपना सप्लाई कैलेंडर और बेसिक कोटा दोबारा जांच लें। गड़बड़ी दिखे तो समिति या गन्ना विकास परिषद से तुरंत संपर्क करें। पेराई शुरू होने के बाद डाटा फीडिंग पूरी हो चुकी होगी और संशोधन मुश्किल हो जाएगा।

दूसरा काम: खेत खाली करने का कार्यक्रम बनाएं। बरसीम या अगेती गेहूं की बुवाई करने वालों के लिए समय सोने जैसा है। कटाई के मजदूर और ट्रैक्टर पहले से बुक कर लें, क्योंकि पेराई शुरू होते ही गांव में इनकी मांग बढ़ जाएगी।

तीसरा काम: गन्ना साफ-सुथरा लेकर जाएं। पत्ती और मिट्टी मिला गन्ना तौल में घटता है। केन यार्ड में पर्ची और तौल की रसीद संभालकर रखें।

और एक बात: मिलों से पहले कोल्हुओं पर भी पेराई की खबरें हैं। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 50 से ज्यादा कोल्हू चल रहे हैं और वहां करीब ₹380 प्रति क्विंटल का भाव बताया जा रहा है। जल्दबाजी में कोल्हू को गन्ना देने से पहले सोच लें: मिल में पर्ची और भुगतान का हिसाब साफ रहता है, कोल्हू का भाव सीजन के साथ बदलता है।

कुल मिलाकर मुजफ्फरनगर में पेराई इस बार तय समय से पहले शुरू हो रही है। किसान तैयार हैं, मिलें तैयार हो रही हैं। अब निगाहें आधिकारिक घोषणा और गन्ना मूल्य के फैसले पर टिकी हैं।

मुख्य बातें

  • मुजफ्फरनगर की 8 चीनी मिलों की पेराई तिथियां घोषित: मंसूरपुर से 24 अक्टूबर, खतौली से 1-2 नवंबर।
  • मोरना मिल पर भाकियू का धरना: 25 अक्टूबर से पेराई की मांग, चारा संकट और बरसीम बुवाई का हवाला।
  • जिले के करीब सवा दो लाख किसानों को सप्लाई कैलेंडर बंट चुके; बेसिक कोटा-सट्टा की गड़बड़ी अब ठीक कराना मुश्किल।

स्रोत: रॉयल बुलेटिन (20 अक्टूबर 2026), दैनिक जागरण मुजफ्फरनगर (सितंबर 2026), रॉयल बुलेटिन (12 अक्टूबर 2026)

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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