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मिल खुलने से पहले कोल्हू ₹380 दे रहे: अभी बेचें या 20 अक्टूबर का इंतजार करें

✍️ Aamir Raza · 🗓 11 Oct 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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मिल खुलने से पहले कोल्हू ₹380 दे रहे: अभी बेचें या 20 अक्टूबर का इंतजार करें

ट्रैक्टर-ट्रॉली सुबह कोल्हू ले जाएं, या खड़ा गन्ना मिल खुलने का इंतजार करे? मुजफ्फरनगर के किसानों के सामने आज यही सवाल सबसे बड़ा है।

चीनी मिलों का नया पेराई सत्र 20 अक्टूबर के बाद शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन जिले के गांवों में 50 से ज्यादा कोल्हू पहले ही चल पड़े हैं। ठेकेदार नरेंद्र सिंह के हवाले से आज की न्यूज़ ने बताया है कि कोल्हुओं पर फिलहाल ₹380 प्रति क्विंटल का औसत भाव मिल रहा है। बुढ़ाना मार्ग पर हरसौली में तीन कोल्हू चल रहे हैं, पीन्ना के बाईपास पर भी पेराई शुरू हो गई है। जिन्हें सरसों या अगेती गेहूं की बुवाई करनी है, वे मिल का इंतजार किए बिना ट्रैक्टर लेकर कोल्हुओं की ओर बढ़ रहे हैं।

भाव पर फैसला भावना से नहीं, हिसाब से होता है।

₹380 का भाव: पिछले सत्र से तुलना, इस सत्र का भाव अनजान

2025-26 सत्र में उत्तर प्रदेश का सरकारी भाव (SAP) अगेती किस्म के लिए ₹400 और सामान्य किस्म के लिए ₹390 प्रति क्विंटल था। इस लिहाज से कोल्हू का ₹380 भाव पिछले सत्र के अगेती भाव से ₹20 और सामान्य भाव से ₹10 कम बैठता है।

लेकिन यहां खेल दूसरा है। वह भाव बीते सत्र का था। 2026-27 सत्र का नया SAP अभी घोषित ही नहीं हुआ है। रॉयल बुलेटिन के अनुसार किसान संगठन सत्र शुरू होने से पहले ही गन्ने का भाव ₹500 प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग कर रहे हैं।

तो सौदा यह है। कोल्हू पर ₹380 आज का भाव है, नकद और पक्का। मिल पर मिलने वाला भाव सरकार की घोषणा पर टिका है, जो अभी बाकी है।

सौदा 1: कोल्हू, नकद और तुरंत

कोल्हू की सबसे बड़ी ताकत पैसा है। हाथ में तुरंत नकद, कोई पर्ची का इंतजार नहीं। भाव ठेकेदार से तय, तौल आपकी निगरानी में, पैसा उसी दिन जेब में। दूसरी ताकत समय है। जिनको सरसों बोनी है या अगेती गेहूं लगाना है, उनके लिए खेत जल्दी खाली होना ही फसल है। देर से खाली खेत पर गेहूं पिछड़ता है, और यह नुकसान ₹380 वाले भाव से बड़ा हो सकता है। कमजोरी यह है कि कोल्हू का भाव रोज बदलता है, हर कोल्हू का अलग होता है, और 14 दिन में भुगतान की कानूनी व्यवस्था यहां लागू नहीं होती। ठेकेदार से भाव और भुगतान की शर्त लिखित में तय कर लें।

सौदा 2: मिल, सरकारी भाव और कानूनी सुरक्षा

मिल की तरफ जाने का सबसे बड़ा कारण सरकारी भाव है। नया SAP जब घोषित होगा, संभावना है कि वह पिछले सत्र के ₹400 से ऊपर ही जाए। किसान संगठन ₹500 तक की मांग कर रहे हैं, सरकार चुनावी साल में इसे अनदेखा नहीं कर पाएगी। अगर SAP ₹420-440 के आसपास बैठा, तो कोल्हू के ₹380 से यह ₹40-60 प्रति क्विंटल का फर्क हो जाएगा।

सुरक्षा दूसरा कारण है। मिल से गन्ना जुड़ने पर पर्ची प्रणाली, सट्टा और सरकारी रिकॉर्ड मिलता है। भुगतान 14 दिन के अंदर आना कानूनी बाध्यता है, और देर पर 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का सुप्रीम कोर्ट का आदेश इस व्यवस्था की पीठ पर हाथ है।

खतरा यह है कि भाव और पेराई की तारीख दोनों सरकारी घोषणा पर टिकी हैं। अगर घोषणा देर से हुई या बढ़ोतरी उम्मीद से कम रही, तो इंतजार महंगा पड़ेगा।

भोकरहेड़ी का संकेत: गन्ने की मांग अभी असली है

भोकरहेड़ी की तस्वीर इस हिसाब को नया कोण देती है। रॉयल बुलेटिन के अनुसार वहां करीब 35 कोल्हू चल रहे हैं, जिनमें रोजाना करीब 4,500 क्विंटल गन्ने की पेराई हो रही है और लगभग 500 क्विंटल गुड़ तैयार हो रहा है। नई तकनीक से चलने वाले कोल्हू का शुभारंभ भी हुआ है।

यह आंकड़ा एक बात साफ करता है। कोल्हू संचालक गन्ना जुटाने की होड़ में हैं, मिलों से पहले ज्यादा से ज्यादा गन्ना खरीदना चाहते हैं। जब खरीददार होड़ में हो, तो बेचने वाले के हाथ में भाव मजबूत होता है। ₹380 आज का भाव है, ठहरा हुआ नहीं।

आपके खेत के हिसाब से फैसला

  • सरसों या अगेती गेहूं बोना है: खेत जल्दी खाली करना प्राथमिकता है। 2-3 कोल्हुओं पर भाव पूछें, सबसे बेहतर पर बेचें। पूरा गन्ना एक ही कोल्हू को देने की जल्दबाजी न करें।
  • बुवाई का दबाव नहीं: मिल का इंतजार कर सकते हैं। SAP घोषणा पर नजर रखें। वही इस सत्र का असली भाव तय करेगा।
  • नकद की जरूरत है: कोल्हू बेहतर विकल्प है। लेकिन भाव और भुगतान की शर्त ठेकेदार से पहले तय करें, तौल खुद देखें।
  • आधा-आधा रणनीति: कुछ गन्ना कोल्हू पर बेचकर खेत खाली करें और बुवाई समय पर करें, बाकी गन्ना मिल के लिए रखें। जोखिम भी बंटता है, फायदा भी।

मिल के खुलने से पहले कोल्हू का चलना हर साल होता है, लेकिन इस बार सरकारी भाव का पत्ता अभी खुला नहीं है। ₹380 का भाव छोटा नहीं है, लेकिन इंतजार का फल भी मीठा हो सकता है। फैसला खेत की जरूरत और जेब की स्थिति पर छोड़ें, अफवाह पर नहीं।

मुख्य बातें

  • मुजफ्फरनगर में 50 से ज्यादा कोल्हू चल पड़े, ₹380 प्रति क्विंटल का औसत भाव; मिलें 20 अक्टूबर के बाद खुलने की उम्मीद।
  • 2026-27 का SAP अभी घोषित नहीं; 2025-26 में अगेती ₹400 और सामान्य ₹390 प्रति क्विंटल था, किसान संगठन ₹500 की मांग पर हैं।
  • कोल्हू पर नकद तुरंत मिलता है पर भाव रोज बदलता है; मिल पर SAP और 14 दिन में भुगतान की कानूनी सुरक्षा है, पर घोषणा बाकी।

स्रोत: आज की न्यूज़ (8 अक्टूबर 2026), रॉयल बुलेटिन (8 अक्टूबर 2026), दैनिक जागरण (2025-26 SAP)।

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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