गन्ने का दाम बढ़ाने की हुंकार: आज मुजफ्फरनगर महाकुंभ में 6 राज्यों के किसान

आज 15 अक्टूबर का दिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए कुछ खास है। मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में किसान मजदूर संगठन की ओर से किसान महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है, और आयोजकों का दावा है कि उत्तर प्रदेश के करीब 50 जिलों के साथ छह राज्यों से किसान यहां जुटेंगे। पराई का सीजन करीब है, पर्ची और तौल की चर्चाएं गांवों में तेज हैं, ऐसे में इस महाकुंभ से किसानों को उम्मीद है कि गन्ने के दाम का मुद्दा सरकार तक पूरी ताकत से पहुंचेगा।
महाकुंभ में क्या-क्या मुद्दे उठेंगे
संगठन की ओर से जारी जानकारियों के मुताबिक इस महाकुंभ में सबसे बड़ा मुद्दा गन्ने का मूल्य बढ़ाकर घोषित करना रहेगा। किसान लगातार मांग कर रहे हैं कि गन्ने की लागत लगातार बढ़ रही है, खाद से लेकर डीजल तक सब महंगा हुआ है, तो दाम भी उसी हिसाब से बढ़ने चाहिए।
गन्ने के अलावा खेतिहर मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी दिलाने की मांग भी उठेगी। गांवों में मजदूरी को लेकर अक्सर विवाद होते हैं, और संगठन का कहना है कि मजदूरों के हक के बिना किसानों की लड़ाई अधूरी है। इसके साथ ही सांसदों और विधायकों की पेंशन बंद करने की मांग और मुजफ्फरनगर में कैंसर मरीजों के इलाज के लिए बड़े अस्पताल की स्थापना का मुद्दा भी महाकुंभ के एजेंडे में शामिल है।
कैसे हुई तैयारियां, गांवों में बैठकों का दौर
इस महाकुंभ की तैयारियां हफ्तों से चल रही थीं। चरथावल क्षेत्र के गांवों में संगठन की ओर से बैठकें हुईं, जिनमें किसानों की समस्याओं पर बात हुई और महाकुंभ में ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ने की रणनीति बनी। संगठन के पदाधिकारियों ने गांव-गांव जाकर किसानों से अपील की कि वे अपनी मांगों को मजबूती से उठाने के लिए एकजुट हों।
इसी कड़ी में चरथावल के मंगनपुर गांव में जनसंवाद और स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जहां रोनी से ट्रैक्टर यात्रा भी निकाली गई। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह ने इन कार्यक्रमों में कहा कि संगठन का किसी सरकार से व्यक्तिगत बैर नहीं है, लेकिन किसान-मजदूरों के हितों के खिलाफ नीतियों का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने 15 अक्टूबर के महाकुंभ में बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।
क्यों अहम है यह महाकुंभ गन्ना किसानों के लिए
पश्चिमी यूपी देश का सबसे बड़ा गन्ना बेल्ट है। मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बिजनौर जैसे जिलों में लाखों किसान गन्ने पर निर्भर हैं। पराई शुरू होने से ठीक पहले आयोजित हो रहा यह महाकुंभ इस लिहाज से अहम है कि यहां से उठी मांगें सीजन की शुरुआत में सरकार के सामने आएंगी।
किसानों का साफ कहना है कि गन्ने की पेड़ी हो या नई फसल, लागत हर साल बढ़ती है। अगर दाम उसी अनुपात में नहीं बढ़ेगा तो खेती टिकेगी नहीं। मजदूरी का मुद्दा भी सीधे गन्ना कटाई से जुड़ा है, क्योंकि कटाई के सीजन में मजदूरों की उपलब्धता और दर दोनों किसान की जेब पर असर डालती हैं।
आयोजन स्थल और व्यवस्था
महाकुंभ मुजफ्फरनगर शहर के जीआईसी मैदान में हो रहा है। इतनी बड़ी भीड़ के लिए मैदान में सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारी पहले से की गई थी। प्रशासन की ओर से भी तैयारियों का जायजा लिया गया, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
संगठन का कहना है कि महाकुंभ से सिर्फ मांगें ही नहीं उठेंगी, बल्कि आगे की रणनीति भी तय होगी। अगर मांगे पूरी नहीं होतीं तो आने वाले दिनों में आंदोलन की रूपरेखा भी यहीं से बनेगी, इसलिए गन्ना किसान इस दिन की खबरों पर खास नजर रखें।
किसान क्या करें
जो किसान इस महाकुंभ में शामिल होने जा रहे हैं, वे समय से पहले मैदान पहुंचने की योजना बनाएं, क्योंकि बड़ी भीड़ में आवाजाही धीमी हो सकती है। जो किसान नहीं जा पा रहे, वे इस बात पर नजर रखें कि महाकुंभ से गन्ना मूल्य को लेकर क्या मांगें सरकार के सामने रखी जाती हैं, क्योंकि इसका सीधा असर आने वाले पराई सत्र पर पड़ सकता है।
मुख्य बातें
- मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में आज किसान मजदूर संगठन का महाकुंभ, यूपी के करीब 50 जिलों और 6 राज्यों के किसानों के जुटने का दावा।
- गन्ना मूल्य बढ़ाकर घोषित करने, मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी और सांसद-विधायकों की पेंशन बंद करने की मांग मुख्य एजेंडे में।
- चरथावल क्षेत्र में गांव-गांव बैठकों और रोनी से ट्रैक्टर यात्रा के जरिए हुई तैयारियां, संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह ने किया आह्वान।
स्रोत: रॉयल बुलेटिन (14 अक्टूबर 2026), आज की न्यूज (14 अक्टूबर 2026), एनएचपी भारत (6 अक्टूबर 2026)
