बारिश ने बदला मेरठ का पेराई कैलेंडर: दौराला 6 नवंबर, नंगलामल 5-7 नवंबर से

जिन किसानों ने 2 नवंबर को गन्ना तौलने की तैयारी कर रखी थी, उन्हें अब कैलेंडर फिर से देखना पड़ेगा। मेरठ जिले की तीन बड़ी चीनी मिलों ने बारिश के कारण पेराई की तारीखें आगे बढ़ा दी हैं। 29 और 30 अक्टूबर को लगातार हुई बारिश ने खेतों में पानी भर दिया, कटाई और छिलाई रुक गई, और क्रय केंद्रों पर कीचड़ के कारण तौल करना मुश्किल हो गया।
सबसे ज्यादा असर मवाना, नंगलामल और दौराला मिलों पर पड़ा है। तीनों मिलों ने 2 नवंबर से पेराई शुरू करने की योजना बनाई थी। अब तीनों की कहानी अलग है। एक मिल की नई तारीख तय हो गई है, दूसरी की एक हफ्ते की खिड़की मिली है, और तीसरी की तारीख अभी घोषित होनी बाकी है।
कौन सी मिल कब चलेगी
मवाना शुगर वर्क्स की पेराई सबसे ज्यादा अनिश्चितता में है। मिल का संचालन 2 नवंबर से होना था, लेकिन बारिश से गन्ने की कटाई और छिलाई रुक गई और मिल को गन्ने की आपूर्ति प्रभावित हुई है। महाप्रबंधक प्रमोद बालियान के अनुसार बारिश से मिल परिसर में बेगास भी गीली हो गई है और कई क्रय केंद्रों पर तौल कार्य संभव नहीं है। मिल संचालन की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
नंगलामल शुगर मिल के लिए 5 से 7 नवंबर के बीच पेराई शुरू होने की संभावना बताई गई है। गन्ना महाप्रबंधक अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि जलभराव के कारण 2 नवंबर को पेराई शुरू नहीं हो सकी। क्रय केंद्रों पर कीचड़ की स्थिति ही इस देरी की वजह बनी।
दौराला चीनी मिल ने सबसे साफ तारीख दी है। बारिश के कारण खेतों में जलभराव होने से दौराला की पेराई अब 6 नवंबर से शुरू होगी। वरिष्ठ महाप्रबंधक आरएस सहरावत के अनुसार पेराई शुरू करने की सभी तैयारियां पूरी हैं और बाहरी क्रय केंद्रों पर तौल कांटे स्थापित कर दिए गए हैं।
सकौती स्थित आईपीएल चीनी मिल में शुक्रवार को हवन-पूजन के साथ नए सत्र की तैयारियों का शुभारंभ हुआ। चेन कैरियर में गन्ना डालकर सत्र की शुरुआत की गई। प्रधान प्रबंधक संदीप पंवार मुख्य यजमान थे और गन्ना प्रबंधक जितेंद्र पूनिया ने किसानों से अपील की कि पर्ची मिलने पर निर्धारित तिथि पर साफ-सुथरा गन्ना तौल केंद्रों पर लाएं।
बारिश ने खेत में क्या बिगाड़ा
मवाना, माछरा, मुंडाली और दौराला क्षेत्र में दो दिन लगातार बारिश हुई। इसका असर सिर्फ मिल की तारीखों तक सीमित नहीं रहा। गन्ने की छिलाई और खेतों से बाहर निकालने में परेशानी हुई, और क्रय केंद्रों पर जलभराव के साथ कीचड़ जमा हो गया। गीले खेत में ट्रॉली चलाना भी मुश्किल हो जाता है, और नमी वाला गन्ना मिलें भी कम पसंद करती हैं क्योंकि उससे चीनी की रिकवरी घटती है।
मवाना मिल ने इस सत्र के लिए 162 गन्ना क्रय केंद्र स्थापित किए थे और 31 अक्टूबर से तौल शुरू करने की योजना थी। बारिश ने उस योजना पर भी पानी फेर दिया। जिन केंद्रों पर तौल संभव नहीं है, वहां पर्ची के बावजूद किसानों को इंतजार करना पड़ सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अधिकांश मिलों में अब नवंबर के दूसरे सप्ताह में ही पेराई शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
किसान अब क्या करें
दौराला मिल प्रबंधन की सलाह सीधी है। पर्ची प्राप्त होने के बाद ही गन्ने की छिलाई करें। बारिश के बाद कार्यक्रम बदल रहे हैं, इसलिए पर्ची मिलने से पहले कटाई करना नुकसानदेह हो सकता है। कटा हुआ गन्ना खेत में पड़ा रहा तो वजन घटेगा, और गीला गन्ना तौल केंद्र पर भी परेशानी खड़ी कर सकता है।
अपनी मिल का बदला हुआ कार्यक्रम ई-गन्ना ऐप और समिति से देखते रहें। मवाना की नई तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, इसलिए मवाना क्षेत्र के किसानों को घोषणा पर खास नजर रखनी होगी। सकौती मिल की अपील भी यही है कि निर्धारित तिथि पर साफ-सुथरा गन्ना ही केंद्र पर लाया जाए।
गेहूं की बुवाई का गणित भी इस देरी से जुड़ा है। पेराई टलने का मतलब है खेत देर से खाली होगा। नवंबर में गेहूं बोने वाले किसानों को कटाई और बुवाई के बीच का समय पहले से तय करके रखना चाहिए, ताकि एक काम के टलने से दूसरा न अटके।
भाव की घोषणा अभी बाकी
पेराई की तारीखें बदल रही हैं, लेकिन 2026-27 सत्र के लिए गन्ने के राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) की घोषणा अभी बाकी है। पिछले पेराई सत्र 2025-26 में अगेती किस्म का मूल्य 400 रुपये और सामान्य किस्म का 390 रुपये प्रति क्विंटल था। किसान संगठन इस बार मूल्य बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, और सरकार पर पेराई शुरू होने से पहले भाव घोषित करने का दबाव बना हुआ है।
नई पेराई तारीखों का मतलब यह भी है कि पहली पर्चियों का भुगतान भी उसी हिसाब से आगे खिसकेगा। नियम के अनुसार मिलों को गन्ना मूल्य का भुगतान 14 दिनों के भीतर करना होता है। किसान पहली पर्ची के भुगतान पर नजर रखें और देरी दिखे तो जिला गन्ना अधिकारी से शिकायत करें। गन्ना विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 और 1800-180-5129 पर भी मदद मिलती है।
मुख्य बातें
- मेरठ की मवाना, नंगलामल और दौराला मिलों की 2 नवंबर वाली पेराई बारिश से टल गई।
- दौराला 6 नवंबर से और नंगलामल 5-7 नवंबर के बीच पेराई शुरू करेगी; मवाना की नई तारीख जल्द घोषित होगी।
- पर्ची मिलने के बाद ही गन्ने की छिलाई करें, और अपनी मिल का बदला कार्यक्रम ई-गन्ना ऐप पर देखते रहें।
स्रोत: अमर उजाला (30 अक्टूबर 2026), रूरल वॉयस (30 अक्टूबर 2026), दैनिक जागरण (29 अक्टूबर 2026)
