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मवाना मिल की पेराई बारिश से अटकी: 2 नवंबर की तारीख टली, नई तिथि का इंतजार

✍️ Aamir Raza · 🗓 01 Nov 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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मवाना मिल की पेराई बारिश से अटकी: 2 नवंबर की तारीख टली, नई तिथि का इंतजार

मवाना क्षेत्र के गन्ना किसानों का इंतजार फिर बढ़ गया है। मवाना शुगर वर्क्स का पेराई सत्र 2026-27 दो नवंबर से शुरू होना था, पर लगातार बारिश और खराब मौसम ने पूरा कार्यक्रम बिगाड़ दिया है। मिल प्रबंधन ने पेराई टाल दी है और नई तिथि जल्द घोषित करने की बात कही है।

29 अक्टूबर की बारिश ने बिगाड़ा खेल

अमर उजाला की 30 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक 29 अक्टूबर को हुई भारी बारिश से गन्ने की कटाई और छिलाई रुक गई। खेत गीले हो गए और मजदूर खेत में उतर ही नहीं पाए। बारिश का असर सिर्फ खेत तक सीमित नहीं रहा। मिल परिसर में रखी बेगास भीग गई, जिससे मिल चलाना मुश्किल हो गया। कई गन्ना क्रय केंद्रों पर तौल का काम भी संभव नहीं रहा।

मिल के महाप्रबंधक प्रमोद बालियान ने बताया कि बारिश से गन्ने की आपूर्ति प्रभावित होगी। मिल प्रबंधन ने किसानों से अपील की है कि वे नई तिथि घोषित होने के बाद ही गन्ने की कटाई और छिलाई करें और इंडेंट के हिसाब से स्वच्छ, ताजा और अगोला-पत्ती रहित गन्ना ही आपूर्ति करें। देरी से हुई असुविधा के लिए प्रबंधन ने खेद भी व्यक्त किया है।

किसानों के लिए यह अपील मामूली नहीं है। गीला गन्ना काटकर रख देने पर उसका वजन घटता है और पत्ती-गंदगी के साथ तौल में कटौती भी लग सकती है। बिना तुले गन्ने का नुकसान किसान का ही होगा, इसलिए नई तारीख आने तक कटाई रोकना ही समझदारी है।

तैयारी पूरी थी, बस शुरुआत अटक गई

दिलचस्प बात यह है कि मवाना मिल की तैयारी लगभग पूरी थी। दैनिक जागरण की 29 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार मिल क्षेत्र में कुल 174 गन्ना क्रय केंद्र निर्धारित हैं, जिनमें से 162 केंद्र स्थापित किए जा चुके थे। बाकी 12 केंद्रों का काम भी तेजी से चल रहा था।

तौल का कार्यक्रम भी तय हो चुका था। 31 अक्टूबर को 30 केंद्रों पर 15 हजार क्विंटल गन्ने का इंडेंट जारी किया गया था, जबकि एक नवंबर के लिए 30 हजार क्विंटल का इंडेंट दिया गया था। मिल प्रबंधन ने यह भी कहा था कि इस बार भी किसानों को गन्ने का भुगतान नियम के अनुसार 14 दिनों के भीतर किया जाएगा।

यानी केंद्र, इंडेंट और भुगतान की व्यवस्था जगह पर थी। सिर्फ मौसम ने साथ नहीं दिया। अब सवाल यह है कि नई तिथि कब आएगी। मिल का कहना है कि तिथि जल्द घोषित होगी, पर बारिश का दौर थमना भी जरूरी है।

मेरठ की बाकी मिलों का क्या हाल है

मवाना अकेली मिल नहीं है जिसकी तारीख बदली है। मेरठ जिले की छह मिलों में दौराला, मवाना, सकौती, नंगलामल, मोहिउद्दीनपुर और किनौनी शामिल हैं। अमर उजाला की 29 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार मवाना, दौराला और नंगलामल मिलें दो नवंबर से शुरू होनी थीं, जबकि सकौती चार नवंबर से चलेगी। किनौनी मिल जो पहले दो नवंबर से शुरू होनी थी, अब पांच नवंबर से संचालित होगी। मोहिउद्दीनपुर मिल सात नवंबर से चलाए जाने की बात कही जा रही है।

किनौनी को लेकर किसानों की एक मांग भी सामने आई है। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने मांग की है कि किनौनी मिल पर बकाया लगभग दो करोड़ रुपये का भुगतान पेराई सत्र शुरू होने से पहले करा दिया जाए।

2026-27 का गन्ना मूल्य अभी घोषित नहीं

पेराई शुरू होने के साथ एक और मुद्दा किसानों के मन में है। पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ने के राज्य परामर्शी मूल्य (SAP) की घोषणा अभी बाकी है। अमर उजाला की 26 अक्टूबर की रिपोर्ट में भी इस बात का जिक्र है कि पेराई का सीजन शुरू हो चुका है, पर सरकार ने अभी तक समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया है।

इसी को लेकर किसान संगठन लगातार मांग उठा रहे हैं। बुलंदशहर में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने 500 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। मेरठ में राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर 650 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य की मांग की है। ज्ञापन में किनौनी और मोहिउद्दीनपुर सहित करीब एक दर्जन चीनी मिलों पर किसानों का लगभग 700 करोड़ रुपये बकाया होने की बात भी कही गई है।

मवाना के किसानों को अभी क्या करना चाहिए

पहला काम, नई तिथि का इंतजार करें और मिल या समिति से अपने क्रय केंद्र की स्थिति पूछते रहें। दूसरा, गन्ना तभी काटें जब इंडेंट मिल जाए। बिना इंडेंट कटा गन्ना केंद्र पर अटक सकता है। तीसरा, गन्ना साफ-सुथरा रखें। अगोला और पत्ती हटाकर भेजा गया गन्ना तौल में कटौती से बचाता है। चौथा, पर्ची और भुगतान की जानकारी ई-गन्ना ऐप पर जांचते रहें।

बारिश से पेराई टलना मवाना के लिए नया नहीं है, पर इस बार देरी ऐसे समय हुई है जब पूरी तैयारी हो चुकी थी। अच्छी बात यह है कि मिल ने देरी की वजह साफ बताई है और नई तिथि जल्द घोषित करने का भरोसा दिया है। अब निगाहें मौसम और मिल की अगली घोषणा पर टिकी हैं।

मुख्य बातें

  • मवाना शुगर वर्क्स की 2 नवंबर से शुरू होने वाली पेराई बारिश के कारण टल गई है, नई तिथि जल्द घोषित होगी।
  • 29 अक्टूबर की भारी बारिश से कटाई-छिलाई रुकी, बेगास भीगी और कई क्रय केंद्रों पर तौल संभव नहीं रही।
  • मिल क्षेत्र के 174 में से 162 क्रय केंद्र तैयार थे और 31 अक्टूबर से तौल का इंडेंट भी जारी हो चुका था।

स्रोत: अमर उजाला (30 अक्टूबर 2026, 29 अक्टूबर 2026, 28 अक्टूबर 2026), दैनिक जागरण (29 अक्टूबर 2026)

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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