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मवाना मिल के 162 केंद्र तैयार: 31 अक्टूबर से तौल, 2 नवंबर से पेराई

✍️ Aamir Raza · 🗓 29 Oct 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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मवाना मिल के 162 केंद्र तैयार: 31 अक्टूबर से तौल, 2 नवंबर से पेराई

मवाना क्षेत्र के गन्ना किसानों का इंतजार अब दिनों में गिना जाने लगा है। मिल ने पेराई सत्र 2026-27 की तैयारी लगभग पूरी कर ली है और तारीखें भी सामने आ गई हैं। 31 अक्टूबर से क्रय केंद्रों पर गन्ने की तौल शुरू हो जाएगी और 2 नवंबर से मिल में पेराई चलेगी। यानी इस हफ्ते के खत्म होते होते खेत से गन्ना उठने का सिलसिला शुरू हो जाएगा।

दैनिक जागरण की 29 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक मवाना चीनी मिल क्षेत्र में कुल 174 गन्ना क्रय केंद्र निर्धारित हैं। इनमें से 162 केंद्र अब तक स्थापित किए जा चुके हैं। बाकी केंद्रों को स्थापित करने का काम तेजी से चल रहा है और मिल प्रबंधन का कहना है कि पेराई शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।

162 केंद्र तैयार, 12 पर काम बाकी

162 का आंकड़ा इसलिए अहम है क्योंकि केंद्र ही वह जगह है जहां किसान का गन्ना तुलता है। केंद्र तैयार होने का मतलब है कि तौल कांटा, रजिस्टर और आपूर्ति की व्यवस्था जगह पर पहुंच गई है। जिन 12 केंद्रों का काम अभी बाकी है, वहां के किसानों को अपनी समिति या मिल से यह जरूर पूछ लेना चाहिए कि उनका केंद्र कब तक चालू होगा। पेराई शुरू होने के बाद केंद्र के चक्कर में दिन खराब करना किसी को पसंद नहीं होता।

मिल के वरिष्ठ महाप्रबंधक एवं प्रशासनिक अधिकारी प्रमोद बालियान ने बताया है कि केंद्र स्थापित करने का काम तेजी से चल रहा है। उनका कहना है कि सत्र शुरू होने से पहले सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी, ताकि किसानों को गन्ना आपूर्ति में परेशानी का सामना न करना पड़े।

इंडेंट जारी: 31 अक्टूबर को 15 हजार, 1 नवंबर को 30 हजार कुंतल

तौल की शुरुआत इंडेंट के साथ होगी। 31 अक्टूबर को 30 केंद्रों पर 15 हजार कुंतल गन्ने का इंडेंट जारी किया गया है। इसके अगले दिन, 1 नवंबर को 30 हजार कुंतल गन्ने का इंडेंट जारी किया जाएगा।

इंडेंट को आसान भाषा में यों समझें। यह मिल की ओर से तय किया गया कोटा होता है कि किस दिन, किस केंद्र से कितना गन्ना लिया जाएगा। किसान को अपने केंद्र और अपनी तारीख के हिसाब से ही गन्ना काटकर पहुंचाना होता है। बिना इंडेंट के केंद्र पर गन्ना ले जाने से भीड़ बढ़ती है और तौल में देर होती है। इसलिए पर्ची मिलने के बाद सबसे पहले यह देखें कि आपका केंद्र कौन सा है और इंडेंट किस तारीख का है।

इंडेंट का क्रम धीरे धीरे बढ़ता है। पहले दिन 15 हजार कुंतल से शुरुआत और दूसरे दिन 30 हजार कुंतल तक पहुंचना बताता है कि मिल पहले दिन व्यवस्था परखेगी, फिर पूरी रफ्तार से चलेगी।

2 नवंबर से पेराई, 14 दिन में भुगतान का भरोसा

तौल शुरू होने के दो दिन बाद, 2 नवंबर से मवाना मिल में पेराई शुरू हो जाएगी। मिल प्रबंधन ने यह भी कहा है कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी किसानों को गन्ने का भुगतान नियमानुसार 14 दिनों के भीतर किया जाएगा। भुगतान की समयसीमा किसान के लिए सबसे बड़ा सवाल होती है, और इस भरोसे पर अब किसानों की नजर रहेगी। पर्ची मिलने के बाद भुगतान की तारीख गिनना शुरू कर दें। अगर 14 दिन बीत जाएं और भुगतान न आए, तो समिति में लिखित शिकायत दर्ज कराना सही कदम होता है।

मेरठ जिले की दूसरी मिलों की तारीखें भी तय हैं। दैनिक जागरण की 27 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार किनौनी मिल 1 नवंबर को चलेगी, जबकि नंगलामल और दौराला 2 नवंबर को तथा मोहिउद्दीनपुर और सकौती 4 नवंबर को पेराई शुरू करेंगी। जिले में कुल छह मिलें हैं और नवंबर के पहले हफ्ते तक सभी चलने लगेंगी।

तौल से पहले किसान ये तीन काम निपटा लें

पहला काम, अपना सट्टा और सर्वे जांच लें। रकबा, किस्म या सट्टे में कोई गड़बड़ी हो तो तौल शुरू होने से पहले ही समिति में ठीक करवा लें। पर्ची रुकने की शिकायतें अक्सर यहीं से शुरू होती हैं।

दूसरा काम, कटाई का कार्यक्रम इंडेंट से जोड़ लें। जल्दबाजी में गन्ना काटकर दो तीन दिन खेत में छोड़ देना सीधा नुकसान है। कटा गन्ना जितना सूखता है, वजन उतना ही घटता है। तौल की तारीख से एक दिन पहले कटाई करना आमतौर पर ठीक रहता है।

तीसरा काम, तौल पर्ची संभालकर रखें। तौल के समय पर्ची पर वजन, केंद्र का नाम और तारीख ध्यान से देख लें। कोई गड़बड़ी लगे तो उसी समय केंद्र प्रभारी से बात करें, बाद में साबित करना मुश्किल हो जाता है। ट्रॉली में ओवरलोड से भी बचें, क्योंकि जुर्माना सीधे किसान की जेब से जाता है।

मवाना के किसानों के लिए संदेश सीधा है। केंद्र तैयार हैं, इंडेंट जारी हो गया है और पेराई की तारीख तय है। अब बारी किसान की है। अपना केंद्र, अपनी तारीख और अपनी पर्ची, ये तीन चीजें पक्की कर लें तो सत्र की शुरुआत बिना भागदौड़ के हो जाएगी।

मुख्य बातें

  • मवाना मिल ने 174 में से 162 गन्ना क्रय केंद्र स्थापित कर दिए हैं, बाकी पर काम चल रहा है।
  • 31 अक्टूबर से तौल शुरू होगी: पहले दिन 30 केंद्रों पर 15 हजार कुंतल और 1 नवंबर को 30 हजार कुंतल का इंडेंट जारी हुआ है।
  • मवाना मिल में पेराई 2 नवंबर से शुरू होगी और प्रबंधन ने 14 दिनों के भीतर भुगतान का भरोसा दिया है।

स्रोत: दैनिक जागरण, मवाना (29 अक्टूबर 2026); दैनिक जागरण, मेरठ (27 अक्टूबर 2026, जिले की अन्य मिलों की पेराई तारीखों की पुष्टि)।

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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