25 अक्टूबर से चलेगी मलकपुर मिल: बकाया चुकाने पर उमेश मोदी का सम्मान, ब्याज की मांग बरकरार

सवा लाख किसान, करीब 85 हजार हेक्टेयर गन्ना, और 25 अक्टूबर की तारीख। बागपत के गन्ना किसानों के लिए इस हफ्ते दो राहत वाली खबरें आईं: जिले की मलकपुर चीनी मिल 25 अक्टूबर से पेराई शुरू करेगी, और 17 अक्टूबर को मिल परिसर में हुई किसान बैठक में बकाया भुगतान चुकाने पर चेयरमैन उमेश मोदी का सम्मान हुआ। लेकिन बैठक में धन्यवाद के साथ-साथ हिसाब भी मांगा गया। (अमर उजाला, 12 और 17 अक्टूबर 2026)
25 अक्टूबर से घूमेगा मलकपुर का पहिया
जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल के मुताबिक जिले की तीनों चीनी मिलों का पेराई कैलेंडर तैयार है। मलकपुर चीनी मिल 25 अक्टूबर से चालू हो जाएगी, जबकि बागपत और रमाला चीनी मिल तीन नवंबर से चलेंगी। मिल शुरू होने से दो दिन पहले इंडेंट जारी होगा और किसानों को पक्की पर्ची मिलेगी। अधिकारियों ने साफ कहा है कि पर्ची और कैलेंडर व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। (अमर उजाला, 12 अक्टूबर 2026)
बारिश की वजह से गन्ने में रिकवरी कम होने की आशंका से इस बार पेराई सत्र थोड़ा पीछे खिसका है, फिर भी प्रशासन का दावा है कि दिवाली से पहले तीनों मिलों में पेराई शुरू हो जाएगी। जिले के करीब सवा लाख किसान मिलों को गन्ना आपूर्ति करते हैं, ऐसे में मिल का समय पर चलना सीधे उनकी जेब से जुड़ा सवाल है।
सम्मान के साथ बैठक में उठीं दो बड़ी मांगें
17 अक्टूबर को मलकपुर मिल परिसर में किसानों की बैठक हुई, जिसमें चेयरमैन उमेश मोदी खुद मौजूद रहे। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे मिल को अपना समझकर अधिक गन्ना दें और आश्वासन दिया कि इस बार की तरह आगे भी समय पर भुगतान होगा। किसानों ने पूरा बकाया भुगतान मिलने पर उनका सम्मान किया। वॉइस ऑफ न्यूज़ 24 की रिपोर्ट के मुताबिक मोदी ने किसानों की समस्याएं सीधे सुनीं और आगामी पेराई सत्र में समय से भुगतान कराने का भरोसा दिया। (अमर उजाला, 17 अक्टूबर; वॉइस ऑफ न्यूज़ 24, 18 अक्टूबर 2026)
बैठक सिर्फ धन्यवाद तक नहीं रुकी। थांबा चौधरी यशपाल सिंह ने विलंबित गन्ना भुगतान के ब्याज की मांग उठाई। मलकपुर गन्ना विकास समिति के चेयरमैन अंकित वीर ने कहा कि मिल मालिक ने बकाया भुगतान नए पेराई सत्र से पहले देने का वादा किया था, जिसे पूरा किया गया। साथ ही उन्होंने किसानों की सुविधा के लिए मिल परिसर में हॉल और कैंटीन बनवाने की मांग रखी। बैठक में बावली थांबा चौधरी जयपाल सिंह, मिल के यूनिट हेड विपिन चौधरी समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
“क्षेत्र का गन्ना बाहर नहीं जाना चाहिए”
उमेश मोदी ने बैठक में पुराने विवाद पर अपनी स्थिति साफ की: कुछ लोग कहते थे कि मिल में पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह का हिस्सा है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। उनका कहना था कि मिल सिर्फ किसानों की खुशहाली के लिए लगवाई गई थी।
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र का गन्ना बाहर नहीं जाना चाहिए और क्षेत्र में अन्य कारखाने लगाने का प्रयास जारी है, जिससे यहां की जमीन के रेट बढ़ेंगे और पूरे इलाके का विकास होगा। आस-पास की मिलों में समय पर भुगतान न मिलने या पर्याप्त पेराई क्षमता न होने पर किसान गन्ना दूर की मिलों तक ले जाने को मजबूर होते हैं, जिससे ढुलाई खर्च बढ़ता है। (अमर उजाला, 17 अक्टूबर 2026)
पृष्ठभूमि: दो मिलों पर 29 करोड़ का नोटिस
यह तस्वीर उस पृष्ठभूमि में आई है, जब बागपत की दो मिलों को गन्ना बकाया भुगतान का नोटिस जारी हुआ है। किनौनी चीनी मिल पर 20 करोड़ और भैंसाना चीनी मिल पर 9 करोड़ रुपये बकाया होने पर जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल ने दोनों मिलों को एक सप्ताह के भीतर भुगतान के निर्देश दिए हैं। बार-बार मांग के बावजूद भुगतान न होने से किसानों में रोष बढ़ रहा था, और भुगतान न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। (अमर उजाला, 12 अक्टूबर 2026)
ऐसे में मलकपुर का बकाया चुक जाना और पेराई से पहले मिल का तैयार होना बागपत के किसानों के लिए राहत का संकेत है। पुराना बकाया साफ होने का मतलब है कि नया सत्र बिना पुरानी देनदारी के शुरू होगा।
किसान के लिए इसका मतलब क्या है
- पर्ची का हिसाब रखें: इंडेंट और पक्की पर्ची करीब 23 अक्टूबर को जारी होगी। पर्ची मिलते ही तौल कैलेंडर की तारीख नोट कर लें।
- पुराना बकाया अब साफ: नए सत्र की शुरुआत से पहले बकाया मिलने से दीपावली और रबी की बुवाई की तैयारी आसान हुई है।
- ब्याज की मांग पर नज़र: विलंबित भुगतान के ब्याज की मांग बैठक में उठी है, लेकिन इस पर अभी कोई फैसला सामने नहीं आया। किसानों को मिल प्रबंधन या गन्ना आयुक्त कार्यालय से लिखित जवाब मांगते रहना चाहिए।
- गन्ना कहां दें: मलकपुर प्रबंधन इस सत्र में अधिक गन्ना आपूर्ति चाहता है। अपने क्षेत्र के कैलेंडर और पर्ची व्यवस्था पर नज़र रखें, ताकि भुगतान में देरी की नौबत न आए।
मुख्य बातें
- मलकपुर चीनी मिल 25 अक्टूबर से पेराई शुरू करेगी; बागपत और रमाला मिल 3 नवंबर से। मिल शुरू होने से दो दिन पहले इंडेंट और पक्की पर्ची जारी होगी।
- 17 अक्टूबर की किसान बैठक में पूरा गन्ना भुगतान मिलने पर चेयरमैन उमेश मोदी का सम्मान हुआ; उन्होंने आगे भी समय पर भुगतान का आश्वासन दिया।
- बैठक में विलंबित भुगतान के ब्याज की मांग उठी, जो अब भी लंबित है। वहीं दो मिलों, किनौनी (20 करोड़) और भैंसाना (9 करोड़), को बकाया भुगतान का नोटिस जारी हुआ है।
स्रोत: अमर उजाला (12 और 17 अक्टूबर 2026), वॉइस ऑफ न्यूज़ 24 (18 अक्टूबर 2026)।
