महाराष्ट्र से कानपुर आ रही चीनी, यूपी में भाव 5,700 तक: गन्ना किसान को क्या मिलेगा?

सालों से चीनी उत्तर प्रदेश से बाहर जाती रही है। इस बार तस्वीर उल्टी है। महाराष्ट्र से चीनी उठाकर यूपी के खरीदार ला रहे हैं, और कानपुर तक खेप पहुंचने की खबर बाजार में चर्चा में है। एक तरफ महाराष्ट्र में पेराई अटकी है, दूसरी तरफ यूपी में चीनी का भाव चढ़ा हुआ है।
ताजा बाजार अपडेट के मुताबिक महाराष्ट्र में चीनी का एक्स मिल भाव करीब 5,200 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह 5,600 से 5,700 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बताया जा रहा है। करीब 400 से 500 रुपये प्रति क्विंटल का यह फर्क ही वह वजह है, जिससे महाराष्ट्र की चीनी उत्तर की तरफ खिंच रही है।
मुजफ्फरनगर और कोल्हापुर के भाव में कितना फर्क है
31 अक्टूबर 2026 के दैनिक बाजार अपडेट में यह फर्क और साफ दिखता है। कोल्हापुर में एस ग्रेड चीनी 5,040 से 5,100 रुपये प्रति क्विंटल पर थी, जबकि मुजफ्फरनगर में एम ग्रेड चीनी 5,450 से 5,550 रुपये प्रति क्विंटल पर चल रही थी। ये एक्स मिल भाव हैं, जिनमें जीएसटी शामिल नहीं है।
स्पॉट भाव में फर्क और बड़ा था। उसी दिन मुजफ्फरनगर में एम 30 चीनी 5,775 रुपये और कोल्हापुर में 5,407.50 रुपये प्रति क्विंटल पर थी। यानी मंडी तक पहुंचते पहुंचते करीब 367 रुपये प्रति क्विंटल का अंतर आ गया।
कानपुर में थोक भाव 5,500 से 5,700 रुपये
कानपुर का कलक्टरगंज बाजार इस पूरी कहानी का दूसरा छोर है। 21 अक्टूबर की खबर के मुताबिक वहां थोक चीनी का भाव 5,500 से 5,700 रुपये प्रति क्विंटल के बीच था। रिफाइंड चीनी 5,700 रुपये और नॉन रिफाइंड चीनी 5,500 रुपये प्रति क्विंटल बताई गई थी, जबकि फुटकर में चीनी करीब 60 से 62 रुपये किलो बिक रही थी।
यह भाव एक हफ्ते पहले के 6,200 से 6,400 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे है। यानी कानपुर में भाव चोटी से उतरा है, पर अब भी अक्टूबर की शुरुआत के भाव से काफी ऊपर है।
महाराष्ट्र में पेराई क्यों अटकी
महाराष्ट्र में पेराई गन्ने की पहली किस्त को लेकर चल रहे आंदोलन से रुकी है। 27 अक्टूबर से स्वाभिमानी शेतकरी संघटना का छावनी आंदोलन चल रहा है। नेता राजू शेट्टी की मांग है कि पहली किस्त 4,500 रुपये प्रति टन घोषित हो। उनका कहना है कि बिना पहली किस्त बताए पेराई शुरू करना किसानों के साथ नाइंसाफी है।
एक ही रात में 300 से ज्यादा ट्रैक्टर और बैलगाड़ियां रोक दी गईं। कराड के पास कृष्णा फैक्टरी और सांगली की राजारामबापू फैक्टरी की सप्लाई अटक गई। कोल्हापुर, सांगली और सोलापुर के कुछ हिस्सों में कटाई भी प्रभावित हुई।
आंदोलन अब 3 नवंबर की तरफ बढ़ रहा है। 31 अक्टूबर को कोल्हापुर में शेट्टी ने चेतावनी दी कि 3 नवंबर को सुबह 11 बजे से किणी टोलनाके पर पुणे बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग अनिश्चितकाल के लिए रोका जाएगा। सातारा में नागठाणे के पास भी उसी दिन चक्का जाम की तैयारी है। पालक मंत्री प्रकाश आबिटकर की मौजूदगी वाली बैठक में कोई हल नहीं निकला।
कर्नाटक और सरकार के कदम
महाराष्ट्र अकेला राज्य नहीं है, जहां गन्ने के दाम पर खींचतान है। कर्नाटक के किसान 2026-27 के लिए 5,500 रुपये प्रति टन मांग रहे हैं, जबकि केंद्र ने उचित और लाभकारी मूल्य 3,650 रुपये प्रति टन तय किया है। किसानों की एक और मांग चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य 31 से बढ़ाकर 50 रुपये प्रति किलो करने की है।
केंद्र ने सप्लाई पर असर डालने वाले फैसले भी लिए हैं। 2026-27 के एथेनॉल वर्ष में गन्ने के रस और बी हैवी शीरे से एथेनॉल बनाने पर रोक है, ताकि ज्यादा गन्ना चीनी में लगे। नवंबर के पहले पखवाड़े का देशभर का चीनी कोटा 13 लाख टन है, और मिलों को 15 नवंबर तक बनी चीनी कोटे से ऊपर बेचने की छूट मिली है। 14 अक्टूबर को बनी रमेश चंद समिति के 4 नवंबर को महाराष्ट्र आने की उम्मीद है।
यूपी के किसान के लिए इसका क्या मतलब है
चीनी का भाव चढ़ना और गन्ने का भाव बढ़ना, दो अलग बातें हैं। यूपी में पेराई सत्र 2026-27 के राज्य परामर्श मूल्य की घोषणा अभी बाकी है। पिछले सत्र 2025-26 में अगैती का मूल्य 400 रुपये और सामान्य का 390 रुपये प्रति क्विंटल था। यह पिछले सत्र की दर है, इसे नए सत्र की दर न समझें।
फिर भी चीनी के ऊंचे भाव का एक फायदा किसान को मिल सकता है। चीनी जितनी जल्दी और अच्छे भाव पर बिकेगी, मिल के पास नकदी उतनी ही जल्दी आएगी, और भुगतान की रफ्तार सुधर सकती है। पर यह उम्मीद गारंटी नहीं है। भुगतान आखिर में मिल के रिकॉर्ड, पर्ची और तौल पर ही टिका है।
इसलिए अपनी मिल की पेराई और तौल की तारीख समिति से पहले ही पूछ लें। पर्ची पर केंद्र का नाम और तारीख ध्यान से देख लें। गन्ने के भाव की हर खबर को आधिकारिक घोषणा से पहले पक्का न मानें। भुगतान या पर्ची की शिकायत जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय या अपनी समिति से करें, या टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-121-3203 पर दर्ज कराएं।
महाराष्ट्र का आंदोलन कब थमेगा, इस पर यूपी के चीनी भाव की अगली चाल टिकी है। आंदोलन थमा तो पेराई तेज होगी और सप्लाई बढ़ेगी। लंबा खिंचा तो चीनी की आवक का यह उल्टा प्रवाह कुछ दिन और चल सकता है। किसान चीनी के भाव की खबर को गन्ने के भाव की खबर न समझे, और अपनी पर्ची, तौल और भुगतान के कागज दुरुस्त रखे।
मुख्य बातें
- महाराष्ट्र का एक्स मिल भाव करीब 5,200 रुपये और यूपी का भाव 5,600 से 5,700 रुपये प्रति क्विंटल है, इसलिए महाराष्ट्र की चीनी कानपुर तक पहुंच रही है।
- 27 अक्टूबर से शुरू छावनी आंदोलन में गन्ने की पहली किस्त 4,500 रुपये प्रति टन की मांग है, और 3 नवंबर को पुणे बेंगलुरु राजमार्ग रोकने की चेतावनी दी गई है।
- यूपी में पेराई सत्र 2026-27 के गन्ना मूल्य की घोषणा अभी बाकी है; पिछले सत्र की दर अगैती 400 रुपये प्रति क्विंटल थी, इसे नए सत्र की दर न समझें।
स्रोत: चिनीमंडी (31 अक्टूबर और 2 नवंबर 2026), यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (27 अक्टूबर 2026), डायनामाइट न्यूज कानपुर (21 अक्टूबर 2026), नवभारत टाइम्स (30 अक्टूबर 2026)।
