6% ब्याज पर 6 लाख का लोन: समय पर किस्त चुकाई तो 5% ब्याज सरकार देगी

छोटे किसान के लिए सबसे बड़ा सवाल पैसा नहीं होता, सबसे बड़ा सवाल ब्याज होता है। ट्यूबवेल लगवाना है तो एकमुश्त दो-ढाई लाख। समरसेबल पंप, पाइपलाइन, ड्रिप सिंचाई — हर काम में बड़ी रकम एक साथ चाहिए। और बैंक से यह पैसा करीब 11 से 11.50 प्रतिशत ब्याज पर मिलता है, जिसकी किस्त भरते-भरते आधी कमाई ब्याज में निकल जाती है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने अब इसी ब्याज के बोझ को आधा करने का फैसला लिया है। 15 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत लघु और सीमांत किसानों को अधिकतम 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन कृषि ऋण सिर्फ 6 प्रतिशत सालाना ब्याज पर मिलेगा।
लेकिन इस योजना में एक अहम शर्त है, जिसे समझे बिना लोन लेना बेवकूफी होगी। इस आर्टिकल में पूरा हिसाब-किताब साफ कर रहे हैं।
कैबिनेट में क्या फैसला हुआ
सरकार ने योजना के लिए 384 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मंजूर की है। यह पैसा उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से किसानों तक पहुंचेगा। मौजूदा व्यवस्था में यही बैंक नाबार्ड से महंगे पुनर्वित्त पर पैसा लेता है, इसलिए किसानों को कृषि ऋण 11 से 11.50 प्रतिशत ब्याज दर पर मिलता है।
नई योजना में सरकार की ओर से 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। बैंक अपना सामान्य ब्याज तो वसूलेगा, लेकिन उसमें से 5 प्रतिशत का हिस्सा सरकार उठाएगी। नतीजा: किसान के हिस्से में ब्याज 6 प्रतिशत रह जाएगा।
आसान भाषा में कहें तो 6 लाख के लोन पर जो ब्याज पहले 11.50 प्रतिशत होता, अब सरकार 5 प्रतिशत खुद देगी और किसान को सिर्फ 6 प्रतिशत देना होगा।
योजना की सबसे बड़ी शर्त: समय पर किस्त
यहीं योजना का सबसे जरूरी हिस्सा आता है। 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो ऋण की किस्तें निर्धारित देय तिथि तक जमा करेंगे।
देर से किस्त चुकाने पर अनुदान का लाभ छूट सकता है। यानी लोन लेते समय ही अपनी चुकौती क्षमता का हिसाब लगा लें। गन्ना किसान के लिए यह बात खास अहमियत रखती है, क्योंकि पेराई के बाद भुगतान मिलने में कई बार देरी होती है। किस्त की तारीख और मिल से आने वाले भुगतान की टाइमिंग पहले से तालमेल बैठा लें।
जो किसान पहले से बैंक के कर्जदार हैं और अपनी किस्त समय पर चुकाते आ रहे हैं, उन्हें भी योजना में राहत देने का प्रावधान रखा गया है। ऐसे किसानों को ब्याज अनुदान का लाभ दिया जा सकेगा।
यह लोन किस काम में लगेगा
यह रोजमर्रा की फसली लागत वाला छोटा कर्ज नहीं है। यह दीर्घकालीन निवेश वाला लोन है — यानी सिंचाई की व्यवस्था बनाने, कृषि से जुड़ी परिसंपत्तियां खड़ी करने और दूसरे बड़े एकमुश्त खर्चों के लिए।
गन्ना किसानों के नजरिए से देखें तो यही योजना की असली ताकत है। गन्ना 12 महीने की फसल है। जिस खेत में अपना ट्यूबवेल नहीं, वहां पानी के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है। पेराई के बीच में पानी की एक देरी भी चीनी की रिकवरी और वज़न दोनों घटा देती है। इस लोन से बोरिंग, समरसेबल पंप, पाइपलाइन या ड्रिप सिंचाई जैसे स्थायी काम कराए जा सकते हैं। ट्रेंच विधि से बुवाई करने वाले किसान उपकरणों में निवेश के लिए भी इसे इस्तेमाल कर सकते हैं।
सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में करीब 5 लाख किसानों को इस योजना से जोड़ना है।
किसान क्रेडिट कार्ड से फर्क समझिए
अक्सर सवाल उठता है कि जब किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पहले से है तो नई योजना क्यों? फर्क उद्देश्य का है। केसीसी अल्पकालीन फसली ऋण है — एक सीजन के बीज, खाद, मजदूरी के खर्च के लिए। समय पर चुकाने पर उस पर प्रभावी ब्याज लगभग 4 प्रतिशत पड़ता है।
कृषक समृद्धि योजना का लोन दीर्घकालीन है। ट्यूबवेल, पंप सेट, पाइपलाइन, कृषि उपकरण — ऐसी चीजें जिनका फायदा कई साल तक मिलता है।
आवेदन कब और कैसे
लोन उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से दिया जाएगा। रिपोर्टों के मुताबिक ऋण की मंजूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन की व्यवस्था की जा रही है, और योजना का ई-पोर्टल भी लॉन्च करने की बात कही गई है।
लेकिन एक बात साफ रखिए: मंत्रि-परिषद की मंजूरी के बाद अब विभागीय स्तर पर योजना के नियम-कायदे तय किए जा रहे हैं। कौन से दस्तावेज लगेंगे, आवेदन की अंतिम प्रक्रिया क्या होगी — इन बिंदुओं पर आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी होना अभी बाकी है। जब तक यह स्पष्ट न हो, अपनी नजदीकी सहकारी बैंक शाखा या जिला कृषि कार्यालय से योजना की ताजा स्थिति जरूर पूछते रहें।
एक सलाह
6 प्रतिशत ब्याज सच में राहत है, पर यह राहत अनुशासन मांगती है। लोन लेने से पहले तीन बातें लिखकर हिसाब कर लें: हर साल किस्त कितनी बनेगी, भुगतान मिल से कब तक आएगा, और खराब सीजन में भी किस्त भरने की गुंजाइश है या नहीं। समय पर किस्त ही इस योजना का असली ब्याज है।
मुख्य बातें
- मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना को 15 सितंबर 2026 को कैबिनेट की मंजूरी; लघु-सीमांत किसानों को 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण 6% ब्याज पर।
- 384 करोड़ रुपये मंजूर, लोन उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक से; 11-11.50% की जगह 6% ब्याज के लिए सरकार देगी 5% ब्याज अनुदान।
- अनुदान सिर्फ समय पर किस्त चुकाने वालों को; 5 वर्षों में 5 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य; आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के जरिए प्रस्तावित।
स्रोत: ट्रैक्टर जंक्शन (3 अक्टूबर 2026), एबीपी लाइव (2 अक्टूबर 2026), न्यूज18 हिंदी (23 सितंबर 2026)
