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कोल्हू पर ₹450 वाला गन्ना अब ₹380 में: मिल खुलने तक बेचें या रुकें

✍️ Aamir Raza · 🗓 31 Oct 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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कोल्हू पर ₹450 वाला गन्ना अब ₹380 में: मिल खुलने तक बेचें या रुकें

सीजन की शुरुआत में जिस गन्ने के लिए कोल्हू संचालक ₹430 से ₹450 प्रति क्विंटल तक दे रहे थे, वही गन्ना अब ₹380 से ₹400 के आसपास बिक रहा है। मुजफ्फरनगर के किसान संजय चौधरी ने बताया है कि मिलें न चलने से कोल्हू पर भी भाव टूट गया है।

सवाल अब सीधा है। हाथ में नकद चाहिए तो कोल्हू पर घटे भाव पर बेचें, या मिल खुलने तक गन्ना खेत में खड़ा रखें। जिसे बुवाई के लिए खेत जल्दी खाली करना है, उसके लिए खेत खाली होना ही कमाई है। जो इंतजार कर सकता है, उसके लिए मिल की पर्ची का इंतजार करना समझदारी हो सकती है।

भाव कहां कितना गिरा

मुजफ्फरनगर में कोल्हू का भाव सीजन की शुरुआत के ₹430-450 से घटकर अब ₹380-400 के आसपास रह गया है। रूरल वॉयस की 30 अक्टूबर की रिपोर्ट में किसान संजय चौधरी के हवाले से यही आंकड़ा सामने आया है। उनका कहना है कि बारिश के बाद कोल्हू संचालक भी पहले जैसी खरीद की स्थिति में नहीं हैं।

बिजनौर में भी यही रुझान दिखा। अमर उजाला की 22 अक्टूबर की खबर के मुताबिक वहां भाव गुणवत्ता के हिसाब से ₹370 से ₹390 के बीच था, जबकि शुरुआत में यह ₹440 तक था। गुड़ का मंडी भाव भी ₹6,000 से ऊपर से घटकर करीब ₹5,500 आ गया। मुरादाबाद के कांठ में तो किसानों ने गन्ना सिर्फ ₹300 प्रति क्विंटल बिकने की बात कही है। भाव हर जगह एक नहीं है, इसलिए अपने इलाके के दो-तीन कोल्हुओं का ताजा भाव पूछे बिना फैसला मत कीजिए।

देरी की जड़ में बारिश और अटकी पेराई

अक्टूबर के आखिर में दो दिन लगातार हुई बारिश ने खेतों में पानी भर दिया। रूरल वॉयस के मुताबिक इससे गन्ने की कटाई कम से कम एक हफ्ते पिछड़ गई है। पहले 15 अक्टूबर से पेराई शुरू करने की योजना थी, लेकिन यूपी में बारिश के चलते ऐसा नहीं हो पाया। बिजनौर की एक चीनी मिल के अधिकारी का कहना है कि यूपी की अधिकांश मिलें दिवाली के बाद, नवंबर के दूसरे सप्ताह में ही चल पाएंगी।

दूसरी तरफ नवभारत टाइम्स की 30 अक्टूबर की खबर में कहा गया है कि पश्चिमी यूपी में शुक्रवार से पेराई शुरू हो गई है और बागपत की मलकपुर मिल पहले दिन चली। उस खबर के मुताबिक ज्यादातर मिलें नवंबर के पहले सप्ताह तक चालू होंगी। दोनों खबरों में हफ्ते भर का फर्क है, इसलिए अपनी मिल की तारीख ई-गन्ना ऐप और समिति से ही पक्की करें।

उद्योग के अनुमानों के मुताबिक अक्टूबर के अंत तक देश में चीनी का बचा स्टॉक करीब 15 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि नवंबर में खपत करीब 23 लाख टन रह सकती है। यानी नवंबर की मांग नवंबर की पेराई से ही पूरी होगी।

SAP का इंतजार अब भी जारी है

2026-27 सत्र का गन्ना मूल्य अभी घोषित नहीं हुआ है। पिछले सत्र 2025-26 में यूपी का SAP अगेती किस्म के लिए ₹400 और सामान्य किस्म के लिए ₹390 प्रति क्विंटल था। किसान संगठन इस बार ₹500 से ₹600 प्रति क्विंटल तक की मांग कर रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में ₹28 से ₹40 प्रति क्विंटल बढ़ोतरी का अनुमान है, लेकिन यह सरकारी घोषणा नहीं है, सिर्फ अटकल है।

इसका असर कोल्हू के सौदे पर सीधा पड़ता है। कोल्हू का भाव आज का है, नकद और पक्का। मिल का भाव घोषणा पर टिका है, जो अभी बाकी है। नया SAP ज्यादा घोषित हुआ तो मिल में गन्ना देने वाला बेहतर भाव पा सकता है, लेकिन पर्ची और भुगतान का इंतजार भी उसी सौदे का हिस्सा है।

रबी की बुवाई भी पिछड़ रही है

गन्ना कटाई में देरी का असर खेत खाली होने पर पड़ रहा है, और खेत खाली न होने से रबी की बुवाई पिछड़ रही है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 23 अक्टूबर तक देश में कुल 18.02 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बुवाई हुई थी, जबकि पिछले साल इसी समय तक यह 28.26 लाख हेक्टेयर था। सरसों की बुवाई करीब 13.10 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले साल के 21.03 लाख हेक्टेयर से करीब 38 प्रतिशत कम है।

गेहूं की बुवाई का मुख्य समय नवंबर के पहले हफ्ते से शुरू होता है, इसलिए अगले दस-पंद्रह दिन का फैसला गन्ने के साथ-साथ गेहूं की फसल को भी तय करेगा।

किसान क्या करें

जिन्हें तुरंत नकद चाहिए या बुवाई के लिए खेत जल्दी खाली करना है, वे गन्ने का एक हिस्सा कोल्हू पर बेच सकते हैं। भाव और भुगतान की शर्त पहले लिखित में तय कर लें। कटा हुआ गन्ना खेत में पड़ा रहा तो वजन घटेगा, इसलिए कटाई और ढुलाई एक ही दिन में निपटाएं।

जो किसान इंतजार कर सकते हैं, उनके लिए मिल की पर्ची का इंतजार करना बेहतर रहेगा। पर्ची मिलने के बाद ही छिलाई करें, क्योंकि बारिश के बाद मिलों के कार्यक्रम बदल रहे हैं। गीले खेत में जबरन कटाई से बचें, नमी वाला गन्ना मिल भी कम पसंद करती है। पर्ची और भुगतान के लिए गन्ना विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 और 1800-180-5129 काम आते हैं, एसएमएस के लिए 51969 नंबर है।

भाव का फैसला भावना से नहीं, अपने खेत, अपनी बुवाई और अपनी मिल की तारीख देखकर कीजिए। थोड़ा बेचकर खेत खाली करना और बाकी गन्ना मिल के लिए रखना, इस सीजन में बीच का रास्ता हो सकता है।

मुख्य बातें

  • कोल्हू भाव ₹430-450 से घटकर मुजफ्फरनगर में ₹380-400, बिजनौर में ₹370-390 के आसपास; कांठ में ₹300 तक की खबर है।
  • बारिश से कटाई कम से कम एक हफ्ते पिछड़ी है; अधिकांश यूपी मिलें नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में चलने की उम्मीद है।
  • 2026-27 का SAP अभी घोषित नहीं हुआ है; 2025-26 का SAP अगेती ₹400 और सामान्य ₹390 प्रति क्विंटल था।

स्रोत: रूरल वॉयस (30 अक्टूबर 2026), अमर उजाला बिजनौर (22 अक्टूबर 2026) और मुरादाबाद (30 अक्टूबर 2026), नवभारत टाइम्स (30 अक्टूबर 2026)

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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