आज से गन्ना बेल्ट में किसान अधिकार यात्रा: 6 दिन, 6 जिले — 7 अक्टूबर को समापन

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए आज एक बड़ी सियासी हलचल का दिन है। कांग्रेस की किसान अधिकार यात्रा आज गांधी जयंती, 2 अक्टूबर से मुजफ्फरनगर के मीरापुर से शुरू हो रही है। पार्टी के ऐलान के मुताबिक छह दिन चलने वाली यह यात्रा पश्चिमी यूपी के छह जिलों से गुजरते हुए 7 अक्टूबर को गौतमबुद्धनगर के जेवर में खत्म होगी। यात्रा का फोकस सीधा है: गन्ने का मूल्य, भुगतान में देरी, एमएसपी और खाद की उपलब्धता।
6 दिन का पूरा रूट — कौन से दिन कहां
कांग्रेस की ओर से 25 सितंबर को जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार यात्रा का पहला कार्यक्रम आज मुजफ्फरनगर के मीरापुर विधानसभा क्षेत्र में होगा। इसके बाद का शेड्यूल इस प्रकार है:
- 2 अक्टूबर: मीरापुर (मुजफ्फरनगर) से शुरुआत
- 3 अक्टूबर: थानाभवन (शामली)
- 4 अक्टूबर: छपरौली (बागपत)
- 5 अक्टूबर: सिवालखास और मेरठ दक्षिण (मेरठ)
- 6 अक्टूबर: लोनी (गाजियाबाद)
- 7 अक्टूबर: जेवर (गौतमबुद्धनगर) में समापन
करीब 150 किलोमीटर लंबी इस यात्रा के लिए प्रदेश और जिला कांग्रेस के 1500 से अधिक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला की ओर से पदाधिकारियों और फ्रंटल संगठनों को पत्र भेजकर तैयारी पक्की करने को कहा गया था।
हरी झंडी दिखाने कौन आ रहे हैं
आज मीरापुर में यात्रा की शुरुआत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय, सह-प्रभारी सचिव संजीव आर्या, सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद, अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला और वरिष्ठ नेता रोहित जाखड़ करेंगे।
जिला स्तर पर भी समन्वय तय कर दिया गया है। मुजफ्फरनगर के लिए मनोज चौधरी को पीसीसी समन्वयक और आलम गुर्जर को यात्रा का आयोजक बनाया गया है।
पहले सितंबर में थी तारीख, बारिश ने टाल दी थी
दिलचस्प बात यह है कि यह यात्रा पहले 7 सितंबर से निकलनी थी। लगातार बारिश और खराब मौसम को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने इसे टालने का फैसला लिया था। अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष की ओर से जारी पत्र में कहा गया था कि किसानों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा मौसम सामान्य होने के बाद नई तारीख पर निकाली जाएगी। अब यही यात्रा गांधी जयंती से शुरू हो रही है।
गन्ना किसानों के लिए क्यों मायने रखती है यह यात्रा
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभिमन्यु त्यागी ने मेरठ में कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के वादे, न्यूनतम समर्थन मूल्य, गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान और खाद की उपलब्धता जैसे मुद्दे किसानों के लिए सबसे अहम हैं। पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार की ओर से किसानों को इन मुद्दों पर भरोसा दिलाया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्याएं बनी हुई हैं।
यह दावा सिर्फ बयानबाजी नहीं है। थानाभवन (शामली) का चीनी मिल गन्ना किसानों का 81.37 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान बाकी है। ऐसे में जब यात्रा का दूसरा पड़ाव 3 अक्टूबर को थानाभवन में ही है, तो गन्ना भुगतान का मुद्दा वहां सबसे तेज सुनाई दे सकता है।
यात्रा ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम यूपी में पेराई सत्र 2026-27 की शुरुआत करीब है। क्रशिंग सीजन के ऐलान और गन्ना पर्ची की तैयारी के बीच गन्ना किसानों के लिए भाव और भुगतान के मुद्दे सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं। 2026-27 की SAP की घोषणा अभी बाकी है, और यही इस यात्रा के केंद्र में रहने वाली बहसों में से एक होगा।
चुनावी संदर्भ भी साफ है
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी की सियासत में किसानों को लेकर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस अब किसान बेल्ट में सीधे गांव-गांव पहुंचने की तैयारी में है। यात्रा में किसानों के साथ खेत मजदूरों, महिला किसानों, ग्रामीण युवाओं, पशुपालकों और कृषि से जुड़े दूसरे वर्गों की समस्याओं को भी उठाया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इन वर्गों की आवाज प्रदेश और केंद्र सरकार तक पहुंचाई जाएगी।
मुख्य बातें
- कांग्रेस की किसान अधिकार यात्रा आज 2 अक्टूबर से मीरापुर (मुजफ्फरनगर) से शुरू, 7 अक्टूबर को जेवर में समापन
- 6 दिन में 6 जिले: मीरापुर, थानाभवन, छपरौली, सिवालखास-मेरठ दक्षिण, लोनी, जेवर
- गन्ने का भाव, भुगतान बकाया, एमएसपी और खाद यात्रा के प्रमुख मुद्दे
- 7 सितंबर की तारीख बारिश के कारण टली थी, अब गांधी जयंती से शुरुआत
- थानाभवन में 81 करोड़ से ज्यादा गन्ना बकाया — यात्रा के दूसरे पड़ाव पर यह मुद्दा तेज हो सकता है
स्रोत: रॉयल बुलेटिन (26 सितंबर, 2026), हिंदी डायनामाइट न्यूज (6 सितंबर और 18 सितंबर, 2026)
