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66 करोड़ के चेक बाउंस: केसर मिल जमीन 24 अक्टूबर को नीलाम, किसानों का बकाया कब मिलेगा

✍️ Aamir Raza · 🗓 09 Oct 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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66 करोड़ के चेक बाउंस: केसर मिल जमीन 24 अक्टूबर को नीलाम, किसानों का बकाया कब मिलेगा

गुरुवार को बरेली कलेक्ट्रेट में मूल्यांकन समिति की बैठक खत्म हुई और बाहर निकली खबर ने बहेड़ी के हजारों किसान परिवारों की धड़कनें फिर बढ़ा दीं। कुर्क की गई केसर चीनी मिल की जमीन की नीलामी अब 24 अक्टूबर को होगी। जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह तारीख तय हुई। नीलामी बहेड़ी तहसील प्रशासन कराएगा, इसकी पुष्टि जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी ने की है।

यही नीलामी 25 सितंबर को होनी थी। फिर टल गई। वजह थी एक चेक का भरोसा। अब वही चेक बाउंस हो चुका है, और उसी के साथ किसानों की वह उम्मीद भी डगमगा गई है जो पिछले महीने जगी थी।

66 करोड़ का भरोसा एक ही झटके में टूटा

मिल खरीदने का दावा करने वाले अवध फूड्स ने दो चेक दिए थे: 55 करोड़ रुपये का किसानों के बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए, और 11 करोड़ रुपये का मिल कर्मचारियों के वेतन के लिए। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक ये चेक बैंक में जमा हुए तो कुछ बाउंस हो गए और कुछ पर स्टॉप पेमेंट लगा होने की जानकारी मिली।

खबर मिलते ही मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरत मिश्र ने मुंबई स्थित कंपनी कार्यालय को जानकारी भेजी। प्रबंधन अब अवध फूड्स को कानूनी नोटिस देने की तैयारी में है, और कंपनी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक मिल बिक्री का एमओयू आगे बढ़ना मुश्किल है। समझौता समाप्त माना जा रहा है।

जागरण के मुताबिक चेक मिलने की वजह से ही जिला प्रशासन ने पहले नीलामी टाली थी। बाउंस के बाद जिलाधिकारी ने मूल्यांकन समिति की बैठक बुलाई, जिसमें नई तारीख पर मुहर लगी। कर्मचारियों से लेकर प्रशासनिक हलके तक खलबली है, और मिल पर इस समय किसानों का 165 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है।

431 करोड़ का सौदा और पेराई सत्र से पहले भुगतान का वादा

8 सितंबर को केसर इंटरप्राइजेज के निदेशक मंडल ने बहेड़ी स्थित चीनी, डिस्टलरी और को-जनरेशन इकाइयों की 431 करोड़ रुपये में बिक्री को मंजूरी दी। चिनीमंडी की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने BSE को भेजी नियामक फाइलिंग में अवध फूड्स एंड मल्टी वेयरहाउस प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमओयू की जानकारी दी थी; समझौता 11 सितंबर को हुआ।

23 सितंबर को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में अवध फूड्स के चेयरमैन कम एमडी संजीव कपूर ने खुद आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि 55 करोड़ रुपये के चेक दे दिए गए हैं और पेराई सत्र 2026-27 में मिल चलने से पहले बकाया गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। इस आश्वासन पर ही ग्राम मुड़िया मुकर्रमपुर स्थित कुर्क जमीन की 25 सितंबर की नीलामी स्थगित कर दी गई थी।

किसानों को तब बकाया भुगतान और इस सत्र में मिल चलने की दोहरी उम्मीद बंधी थी। जागरण के मुताबिक अब मिल के नए पेराई सत्र में चल पाने की संभावना क्षीण बताई जा रही है।

नीलामी की यह कोई पहली कहानी नहीं

31 मई को प्रशासन ने मिल की 11.447 हेक्टेयर जमीन 28.05 करोड़ रुपये में नीलाम कराई थी। करीब 100 करोड़ रुपये आंकी गई संपत्ति के इतनी कम कीमत पर बिकने पर किसानों और गन्ना समिति बोर्ड के सवालों के बाद नीलामी निरस्त हो गई और नए सर्किल रेट के आधार पर दोबारा प्रक्रिया शुरू हुई।

डीएम का कहना है कि ज्यादा बोलीदाता आने पर जमीन अच्छी कीमत पर बिकेगी और बकाया भुगतान का रास्ता साफ होगा। किसानों का सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि इस बार नीलामी समय पर होगी भी या नहीं।

जिले में दूसरा मोर्चा: नवाबगंज की ओसवाल मिल

बहेड़ी के साथ ही नवाबगंज की ओसवाल चीनी मिल की नीलामी भी तय है: 22 अक्टूबर की तारीख पहले से घोषित है और मिल का 180 करोड़ रुपये मूल्यांकन हो चुका है।

अब किसान क्या करें

अपना बकाया खुद जांचें: eGanna ऐप पर भुगतान की स्थिति घर बैठे देखी जा सकती है। पर्ची और बकाये की शिकायत के लिए प्रदेश सरकार का टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर 1800-121-3203 चल रहा है।

जिनका पैसा दो सत्रों से फंसा है, वे गन्ना समिति से लिखित बकाया प्रमाणपत्र जरूर ले लें। बैंक खाते की केवाईसी और खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर भी अपडेट रखें ताकि भुगतान जारी होते ही कोई अड़चन न आए।

24 अक्टूबर की नीलामी अगला बड़ा मोड़ होगी। जमीन अच्छी कीमत पर बिकती है तो 165 करोड़ के बकाए में पहली बार सेंध लगेगी। नीलामी फिर टली, तो प्रशासन की मुश्किल और बढ़ेगी।

मुख्य बातें

  • केसर चीनी मिल के खरीदार अवध फूड्स के 55 करोड़ (गन्ना बकाया) और 11 करोड़ (कर्मचारी वेतन) के चेक बाउंस हो गए; कुछ पर स्टॉप पेमेंट भी लगा। केसर प्रबंधन कानूनी नोटिस की तैयारी में है और 431 करोड़ के सौदे का एमओयू समाप्त माना जा रहा है।
  • गुरुवार को डीएम अविनाश सिंह की अध्यक्षता में मूल्यांकन समिति ने मुड़िया मुकर्रमपुर की कुर्क जमीन की नीलामी 24 अक्टूबर को तय की; बहेड़ी तहसील प्रशासन नीलामी कराएगा, व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं।
  • मिल पर किसानों का 165 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है; नवाबगंज की ओसवाल चीनी मिल की नीलामी 22 अक्टूबर को पहले से तय है। किसान eGanna ऐप पर बकाया जांचें और शिकायत के लिए 1800-121-3203 पर कॉल करें।

स्रोत: दैनिक जागरण (8 अक्टूबर 2026), लाइव हिंदुस्तान (8 अक्टूबर 2026), चिनीमंडी (8 सितंबर 2026 की BSE फाइलिंग रिपोर्ट)

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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