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यूपी का SAP मॉडल राष्ट्रीय मिसाल: जोशी ने कर्नाटक से कहा 'FRP के ऊपर भाव तय करो', 12 अक्टूबर को दिल्ली बैठक

✍️ Aamir Raza · 🗓 02 Oct 2026 · ⏱ 4 मिनट में पढ़ें

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यूपी का SAP मॉडल राष्ट्रीय मिसाल: जोशी ने कर्नाटक से कहा 'FRP के ऊपर भाव तय करो', 12 अक्टूबर को दिल्ली बैठक

गन्ने का भाव तय करने में उत्तर प्रदेश का तरीका सही है — यह बात अब दिल्ली में बैठे केंद्रीय मंत्री खुद कह रहे हैं। केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 30 सितंबर को कर्नाटक सरकार को साफ शब्दों में कहा कि वह केंद्र के FRP के ऊपर अपना राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) घोषित करे, ठीक वैसे ही जैसे उत्तर प्रदेश करता है। यूपी के गन्ना किसानों के लिए यह खबर इसलिए अहम है, क्योंकि 2026-27 पेराई सत्र के SAP की घोषणा अभी बाकी है और पेराई का मौसम दरवाजे पर है।

जोशी ने कर्नाटक से क्या कहा

डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार जोशी ने कहा, “कर्नाटक देश के बड़े गन्ना उत्पादक राज्यों में है — उत्पादन में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद तीसरे नंबर पर। लेकिन कई अन्य प्रमुख उत्पादक राज्यों — उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और तमिलनाडु — के उलट वहां सरकार FRP से ऊपर कोई अनिवार्य SAP तय नहीं करती, जो चीनी मिलों को किसानों को देना ही पड़ता है।”

जोशी का यह बयान हुबली में उनके आवास के पास गन्ना किसानों के प्रदर्शन के बाद आया। उन्होंने किसानों से विरोध की जगह बातचीत की अपील की और आंदोलनरत किसानों को दिल्ली बुलाया, जहां 12 अक्टूबर को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ उनकी बैठक होगी। इस बैठक में किसानों की मांगें और उनके समाधान पर संबंधित मंत्रालयों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

FRP ₹365 का पूरा हिसाब

जोशी ने इस मौके पर केंद्र के गन्ना FRP का गणित भी सामने रखा। केंद्र ने मई 2026 में 2026-27 पेराई सत्र (अक्टूबर 2026 से सितंबर 2027) के लिए FRP ₹365 प्रति क्विंटल मंजूर किया था। यह दर 10.25 प्रतिशत बेसिक चीनी रिकवरी पर है। रिकवरी में हर 0.1 प्रतिशत के बदलाव पर ₹3.56 प्रति क्विंटल का प्रीमियम या कटौती जुड़ती है, और रिकवरी 9.5 प्रतिशत से नीचे गिरने पर भी किसान को कम से कम ₹338.30 प्रति क्विंटल मिलना तय है।

द स्टेट्समैन की रिपोर्ट के अनुसार जोशी ने अपने एक्स अकाउंट पर वीडियो संदेश में कहा था कि प्रदर्शन की कोई जरूरत नहीं है, केंद्र सरकार किसानों की चिंताएं सुनने को तैयार है। उन्होंने याद दिलाया कि फरवरी 2026 में किसान नेताओं से मुलाकात के बाद मई में FRP बढ़ाकर ₹365 किया गया था। चीनी के भाव पर उन्होंने कहा कि केंद्र ने 2018 में चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य ₹31 प्रति किलो लागू किया था, जबकि बाजार में चीनी अभी ₹40 से ₹47 प्रति किलो तक बिक रही है।

कर्नाटक सरकार पर जोशी के आरोप

बयान में जोशी ने कर्नाटक सरकार पर सीधा निशाना भी साधा। उनका आरोप है कि राज्य सरकार चीनी मिलों से बिजली तो खरीदती है, लेकिन मिलों का बकाया नहीं चुकाया गया है। साथ ही मिलों पर पानी के इस्तेमाल का शुल्क भी बढ़ा दिया गया है। जोशी के मुताबिक इन कदमों से चीनी उद्योग दबाव में है और इसका असर अंततः किसानों पर पड़ता है।

यूपी किसानों के लिए इसका क्या मतलब

यहां से खबर यूपी के किसान के लिए सीधी हो जाती है। जब केंद्र का मंत्री खुद कहे कि भाव तय करने का यूपी वाला मॉडल सही है, तो 2026-27 के लिए यूपी के SAP पर दबाव और उम्मीद दोनों बढ़ जाते हैं। पिछले सत्र (2025-26) के लिए योगी सरकार ने अक्टूबर 2025 में SAP में ₹30 की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद अगेती किस्म का भाव ₹400 और सामान्य गन्ने का भाव ₹390 प्रति क्विंटल हो गया था। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक इस फैसले से किसानों को करीब ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान हुआ था।

अब सवाल यह है कि 2026-27 के लिए SAP कितना होगा। चिनीमंडी की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के गन्ना मंत्री अनिल कुमार मुजफ्फरनगर में कह चुके हैं कि राज्य सरकार भाव को ₹400 प्रति क्विंटल से ऊपर ले जाने का प्रयास करेगी। पेराई सत्र शुरू होने से पहले किसान यह घोषणा चाहते हैं, क्योंकि तौल और पर्ची का पूरा हिसाब उसी भाव पर चलेगा।

किसान अब क्या करें

पहली बात — FRP ₹365 पूरे देश का न्यूनतम भाव है, मिल इससे कम नहीं दे सकती। यूपी में SAP इससे ऊपर घोषित होता है, वही आपको मिलेगा। दूसरी बात — 12 अक्टूबर की दिल्ली बैठक पर नजर रखें, क्योंकि वहीं FRP पर आगे की राह तय होगी। और तीसरी — पेराई शुरू होने से पहले अपने सट्टा, पर्ची और तौल की रसीदों का हिसाब दुरुस्त रखें, ताकि भाव घोषित होते ही भुगतान में कोई गड़बड़ी न हो। FRP और SAP के फर्क का पूरा गणित पहले ही समझाया जा चुका है।

मुख्य बातें

  • केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक से कहा — केंद्र के ₹365 FRP के ऊपर अपना SAP घोषित करो, जैसे यूपी, पंजाब, हरियाणा करते हैं।
  • आंदोलनरत कर्नाटक किसानों को 12 अक्टूबर को दिल्ली बुलाया गया है; कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक होगी।
  • यूपी के किसानों की नजर अब 2026-27 SAP की घोषणा पर है; पिछले सत्र का भाव अगेती ₹400 और सामान्य ₹390 था।

स्रोत: डेक्कन हेराल्ड (30 सितंबर 2026), द स्टेट्समैन/आईएएनएस, दैनिक जागरण (29 अक्टूबर 2025), चिनीमंडी

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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