2.8 करोड़ टन चीनी का फैसला: एथेनॉल पर रोक, यूपी के किसानों को क्या मिलेगा?

दीपावली से ठीक पहले सरकार ने तेल कंपनियों के नए टेंडर में साफ कर दिया है कि 2026-27 के इथेनॉल सत्र में गन्ने के रस, चीनी के सिरप और बी-हैवी मोलेसिस से एथेनॉल की खरीद नहीं होगी। 1 नवंबर 2026 से 31 अक्टूबर 2027 तक का यह टेंडर करीब 1,100 करोड़ लीटर एथेनॉल की खरीद का है, जिसमें चीनी आधारित फीडस्टॉक पूरी तरह बाहर कर दिया गया है। (बिजनेस टुडे, 17 अक्टूबर 2026; द फेडरल, 17 अक्टूबर 2026)
उसी दिन चीनी उद्योग संगठन इस्मा ने कहा कि इस पेराई सत्र में देश का शुद्ध चीनी उत्पादन पिछले साल के 3.1 करोड़ टन से घटकर करीब 2.8 करोड़ टन रह सकता है। पिछले सत्र में करीब 30 लाख टन चीनी एथेनॉल में चली गई थी। इस्मा के महानिदेशक दीपक बलानी ने फाइनेंशियल एक्सप्रेस से कहा कि इस बार “सकल और शुद्ध उत्पादन एक जैसा — करीब 2.8 करोड़ टन — रहेगा, क्योंकि एथेनॉल के लिए चीनी का कोई डायवर्जन नहीं होगा।” (फाइनेंशियल एक्सप्रेस, 17 अक्टूबर 2026)
स्टॉक दशक का सबसे कम, फैसला उसी वजह से
1 अक्टूबर को मिलों के पास चीनी का ओपनिंग स्टॉक सिर्फ 37.5 लाख टन था। यह एक दशक से भी अधिक समय का सबसे निचला स्तर है। कम बारिश, कम पैदावार और कम रिकवरी के चलते इस्मा ने सकल उत्पादन का अनुमान पहले के 3.45 करोड़ टन से घटाकर 3.09 करोड़ टन कर दिया। उत्तर प्रदेश में गन्ने की रेड-रॉट (लाल सड़न) से जुड़ी किस्म संबंधी समस्याओं को भी उत्पादन घटने के कारणों में गिना गया है। (चिनीमंडी/एग्रीइनसाइट, 1 अक्टूबर 2026)
घरेलू खपत का अनुमान 2.85 से 2.9 करोड़ टन के बीच है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के प्राइस मॉनिटरिंग सेल ने हाल में खुदरा चीनी का भाव 56.02 रुपये प्रति किलो दर्ज किया, लेकिन पिछले एक महीने में भाव में 12% की गिरावट भी आई है। (फाइनेंशियल एक्सप्रेस, 17 अक्टूबर 2026; एग्रीइनसाइट, 1 अक्टूबर 2026)
बलानी ने बताया कि महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में कम बारिश से फसल प्रभावित हुई है, लेकिन असली असर कटाई के बाद ही पता चलेगा। इसलिए 10 से 15 दिन में उपज का आकलन किया जाएगा। (फाइनेंशियल एक्सप्रेस, 17 अक्टूबर 2026)
महाराष्ट्र-कर्नाटक गिरे, लेकिन यूपी लगभग स्थिर
द हिंदू बिजनेसलाइन के विश्लेषण के मुताबिक, 2026-27 में सकल चीनी उत्पादन करीब 270 लाख टन रह सकता है, यानी सालाना लगभग 15% कम। राज्यवार आंकलन: महाराष्ट्र में करीब 88 लाख टन (लगभग 22% गिरावट), कर्नाटक में करीब 46 लाख टन (लगभग 26% गिरावट) और अन्य राज्यों में करीब 40 लाख टन (लगभग 11% गिरावट)। लेकिन उत्तर प्रदेश में उत्पादन करीब 96 लाख टन पर लगभग स्थिर रहने का अनुमान है, क्योंकि नहर और ट्यूबवेल सिंचाई ने यहां की फसल को मौसम के नुकसान से बचा लिया। (द हिंदू बिजनेसलाइन, 16 अक्टूबर 2026)
बिजनेसलाइन के मुताबिक, चीनी में महंगाई का असली जोखिम 2026 की दीपावली का नहीं, बल्कि 2027 का मुद्दा है। दीपावली की खरीद पूरी तरह कवर है और मिल-स्तर पर भाव नरम पड़ने की उम्मीद है।
यूपी के किसानों के लिए इसका मतलब
पहली बात: इस बार चीनी बनाने पर पूरा जोर रहेगा, तो मिलों का ध्यान गन्ने की नियमित तुलाई पर रहेगा। केंद्र ने इस बार मिलों को 15 अक्टूबर से पेराई शुरू करने की सलाह दी थी और तमिलनाडु-कर्नाटक में विशेष पेराई पहले से चल रही है। इससे अक्टूबर में करीब 10 लाख टन चीनी उत्पादन की उम्मीद है, जो सामान्य 4 लाख टन से दोगुना से भी ज्यादा है। (ईटीवी भारत, अगस्त 2026)
दूसरी बात: एथेनॉल कार्यक्रम अब अनाज पर टिक गया है। सरकारी नोट के मुताबिक, एथेनॉल के लिए डायवर्ट होने वाली चीनी का हिस्सा 2022-23 में करीब 12% था, जो 2025-26 में घटकर करीब 9% रह गया। अब भारत के एथेनॉल का करीब तीन-चौथाई हिस्सा अनाज, खासकर मक्का, से बन रहा है। किसान के लिए यह अच्छी खबर है: उसकी फसल का रस अब चीनी में बदलेगा, भाव की जंग में नहीं फंसेगा।
तीसरी बात आयात की। अगस्त में भाव उछलने पर सरकार ने ब्राजील से 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दी थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय भाव घरेलू भाव से ऊंचे होने से अब तक आयात नगण्य रहा। बलानी का कहना है कि महाराष्ट्र में पेराई शुरू होने से भाव स्थिर होंगे, पर जून-जुलाई 2027 तक कम से कम 10 लाख टन चीनी के आयात की जरूरत पड़ेगी। (फाइनेंशियल एक्सप्रेस, 17 अक्टूबर 2026)
भुगतान और एक चेतावनी
इस्मा के मुताबिक, 2025-26 सत्र के गन्ना बकाये का करीब 97% भुगतान 20 अगस्त तक हो चुका था। इस बार भी चीनी पर पूरा फोकस रहने से मिलों की नकदी स्थिति बेहतर रहने की उम्मीद है। लेकिन एक चेतावनी जरूरी है: लाल सड़न से प्रभावित फसल में चीनी की रिकवरी कम होती है, इसलिए गन्ना समय पर और स्वस्थ अवस्था में मिल पहुंचाना इस सत्र में और भी जरूरी है। (ईटीवी भारत, 24 अगस्त 2026; चिनीमंडी, 1 अक्टूबर 2026)
मुख्य बातें
- 2026-27 में शुद्ध चीनी उत्पादन करीब 2.8 करोड़ टन रहने का अनुमान; गन्ने के रस और बी-हैवी मोलेसिस से एथेनॉल पर रोक (सरकारी टेंडर, 16 अक्टूबर)
- ओपनिंग स्टॉक 37.5 लाख टन, एक दशक का सबसे निचला स्तर; घरेलू खपत का अनुमान 2.85-2.9 करोड़ टन
- महाराष्ट्र में 22% और कर्नाटक में 26% गिरावट के बावजूद यूपी का उत्पादन करीब 96 लाख टन पर स्थिर; सिंचित फसल ने बचाया
स्रोत: फाइनेंशियल एक्सप्रेस (17 अक्टूबर 2026), द हिंदू बिजनेसलाइन (16 अक्टूबर 2026), बिजनेस टुडे (17 अक्टूबर 2026)
