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हरदोई में आज से पेराई शुरू: हरियावां रोज 13,000 टन गन्ना पेरेंगी, 215 केंद्र खुले

✍️ Aamir Raza · 🗓 03 Nov 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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हरदोई में आज से पेराई शुरू: हरियावां रोज 13,000 टन गन्ना पेरेंगी, 215 केंद्र खुले

हरदोई के गन्ना किसान पिछले कई दिन से एक ही सवाल पूछ रहे थे। हमारी मिल का पहिया कब घूमेगा? जवाब आज, 3 नवंबर को मिला है। जिले की सबसे बड़ी मिल, हरियावां ने पेराई शुरू कर दी है। इसके साथ ही हरदोई में पेराई सत्र 2026-27 की औपचारिक शुरुआत हो गई।

शुरुआत की आहट एक दिन पहले ही सुनाई दे गई थी। हरियावां मिल ने सोमवार से ही पिसावां क्षेत्र के सभी क्रय केंद्रों पर तौल शुरू कर दी थी। मिल के क्षेत्रीय सहायक महाप्रबंधक चंद्रवीर सिंह ने बताया था कि मंगलवार से मिल में पेराई होगी। जल्लापुर डी केंद्र पर कांटे का पूजन हुआ, तौल लिपिक सुनील मिश्रा ने तौल शुरू की, और तौल के बाद गन्ने से लदा पहला ट्रक मिल की ओर रवाना हो गया।

चार मिलें, तीन तारीखें

हरदोई में चार चीनी मिलें गन्ना पेरेंगी, लेकिन सब एक साथ नहीं चलेंगी। अपनी मिल की तारीख जानना इसलिए जरूरी है, क्योंकि उसी हिसाब से कटाई और ढुलाई की योजना बनेगी।

हरियावां चीनी मिल 3 नवंबर से चल रही है और रोजाना 13,000 मीट्रिक टन गन्ना पेरेंगी। यह जिले की चारों मिलों में सबसे बड़ी दैनिक क्षमता है। बघौली चीनी मिल का पहिया 5 नवंबर से घूमेगा। उसकी रोजाना क्षमता 3,500 मीट्रिक टन रखी गई है। लोनी और रूपापुर मिलों के लिए किसानों को थोड़ा और रुकना होगा। दोनों मिलों में पेराई 17 नवंबर से शुरू होगी। लोनी रोज 8,000 मीट्रिक टन और रूपापुर रोज 6,500 मीट्रिक टन गन्ना पेरेंगी।

जो किसान हरियावां या बघौली क्षेत्र से जुड़े हैं, वे अब आपूर्ति की तैयारी कर सकते हैं। लोनी और रूपापुर क्षेत्र के किसानों के पास अभी करीब दो हफ्ते हैं। इस बीच वे कटाई का क्रम, मजदूरों की व्यवस्था और ट्रैक्टर-ट्रॉली की बुकिंग संभाल सकते हैं, ताकि 17 नवंबर को भागदौड़ न मचे।

215 केंद्रों का बंटवारा किस मिल को कितना मिला

गन्ना विभाग ने जिले के लिए कुल 1,09,032 हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल आवंटित किया है। इतने ही रकबे के गन्ने की खरीद के लिए 215 क्रय केंद्रों के संचालन की अनुमति दी गई है। जिला गन्ना अधिकारी निधि गुप्ता ने कहा है कि विभागीय तैयारियां पूरी हैं और मिलों ने अपनी तैयारी के हिसाब से पेराई की तारीखें तय की हैं।

बंटवारे पर नजर डालें तो हरियावां का हिस्सा सबसे बड़ा है। इस मिल को 54,740 हेक्टेयर क्षेत्रफल का गन्ना और 99 क्रय केंद्र मिले हैं। यानी जिले के कुल केंद्रों में से लगभग आधे अकेले हरियावां से जुड़े हैं। लोनी को 25,071 हेक्टेयर और 44 केंद्र, रूपापुर को 22,311 हेक्टेयर और 43 केंद्र मिले हैं। जिला गन्ना अधिकारी के हवाले से खबरों में बताया गया है कि रूपापुर और लोनी, दोनों डीसीएम श्रीराम समूह की शुगर यूनिट हैं। बघौली को सबसे छोटा हिस्सा मिला है, 6,910 हेक्टेयर क्षेत्रफल और 29 क्रय केंद्र।

आंकड़ों का किसान के लिए एक ही मतलब है। हरियावां क्षेत्र में केंद्रों की संख्या ज्यादा है, इसलिए वहां गन्ना पहुंचाने का रास्ता अपेक्षाकृत छोटा पड़ सकता है।

भाव का सवाल अभी भी खुला है

पेराई शुरू हो गई है, पर गन्ने का भाव अभी तय नहीं हुआ है। 2026-27 सत्र के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य परामर्श मूल्य, यानी एसएपी, की घोषणा अभी नहीं की है। यह बात किसान के लिए सबसे ज्यादा मायने रखती है, क्योंकि पर्ची कट रही है और भाव बाद में पता चलेगा।

यहां एक भ्रम से बचना जरूरी है। पिछले सत्र, 2025-26 में अगेती किस्म का एसएपी 400 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म का 390 रुपये प्रति क्विंटल था। यह पुराना भाव है, नए सत्र का नहीं। केंद्र सरकार ने 2026-27 के लिए उचित एवं लाभकारी मूल्य, यानी एफआरपी, 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। यूपी में अंतिम भाव एसएपी की घोषणा के बाद ही साफ होगा। खबरों के मुताबिक किसान संगठनों की मांग 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बताई गई है। जब तक सरकारी ऐलान नहीं आता, किसी भी अनौपचारिक दावे को पक्का भाव मानकर बजट मत बनाइए।

ट्रैक्टर निकालने से पहले तीन जांच

सत्र के पहले दिनों में केंद्र पर लौटना सबसे ज्यादा खलता है। किराया भी लगता है और दिन भी जाता है। इसलिए गन्ना लादने से पहले तीन चीजें जांच लें।

अपने केंद्र की पर्ची और इंडेंट की तारीख देख लें। बिना पर्ची या गलत तारीख पर पहुंचे तो केंद्र से वापस भेजा जा सकता है। गन्ना साफ करके ले जाएं। पत्ती और मिट्टी हटी हो तो तौल में अड़चन कम होती है। तौल पर्ची मिलने पर उसी वक्त वजन, तारीख और केंद्र का नाम मिला लें। कुछ गड़बड़ लगे तो वहीं केंद्र प्रभारी से बात करें, घर लौटकर शिकायत करना मुश्किल हो जाता है।

कोई दिक्कत हो तो गन्ना विभाग के टोल-फ्री नंबर काम आएंगे। 1800-121-3203 और 1800-180-5129 पर संपर्क किया जा सकता है।

आगे क्या देखना है

अगले दो हफ्ते में हरदोई के किसानों की नजर तीन तारीखों पर रहेगी। 5 नवंबर को बघौली की शुरुआत, 17 नवंबर को लोनी और रूपापुर की शुरुआत, और बीच में कभी भी आ सकने वाली एसएपी की घोषणा। हरियावां की शुरुआत से 99 केंद्रों पर खरीद खुल गई है। केंद्र की सूचना पर नजर रखिए, क्योंकि किसी मिल की तारीख में मामूली बदलाव भी संभव है।

मुख्य बातें

  • हरदोई में 3 नवंबर से पेराई शुरू, हरियावां मिल रोज 13,000 टन गन्ना पेरेंगी।
  • बघौली 5 नवंबर से और लोनी व रूपापुर 17 नवंबर से चलेंगी।
  • जिले में 215 क्रय केंद्रों पर खरीद होगी, हरियावां के पास सबसे ज्यादा 99 केंद्र हैं।
  • 2026-27 का एसएपी अभी घोषित नहीं हुआ है, 2025-26 का भाव 400/390 रुपये था।

स्रोत: अमर उजाला (हरदोई, 29 अक्टूबर 2026; सीतापुर, 2 नवंबर 2026), द इनसाइडर पॉइंट (29 अक्टूबर 2026), नवभारत टाइम्स (गन्ना मूल्य की घोषणा का इंतजार)।

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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