हरदोई में 3 नवंबर से घूमेगा मिलों का पहिया: 1,09,032 हेक्टेयर गन्ने की पेराई शुरू

हरदोई के गन्ना किसानों के लिए तारीख अब पक्की होने की ओर बढ़ रही है। जिले में नया पेराई सत्र 3 नवंबर से शुरू होगा। गन्ना विभाग ने चारों चीनी मिलों के लिए कुल 1,09,032 हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल का आवंटन कर दिया है और गन्ना खरीद के लिए 215 क्रय केंद्र चलाने की अनुमति दी है। अमर उजाला की 29 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक जिला गन्ना अधिकारी निधि गुप्ता ने ये तारीखें और आंकड़े साझा किए हैं।
धान की कटाई के बाद अब गन्ना ही वह फसल है जिस पर जिले की नकदी टिकी है, और मिलों का पहिया घूमने से पेराई का असली दौर शुरू होगा। चारों मिलें अलग-अलग तारीखों पर चलेंगी, इसलिए किसान की अगले तीन हफ्ते की योजना इसी कैलेंडर से बनेगी।
चारों मिलों का पूरा कैलेंडर
- हरियावां चीनी मिल: 3 नवंबर से, रोजाना 13,000 मीट्रिक टन पेराई क्षमता, 54,740 हेक्टेयर गन्ना, 99 क्रय केंद्र
- बघौली चीनी मिल: 5 नवंबर से, रोजाना 3,500 मीट्रिक टन पेराई क्षमता, 6,910 हेक्टेयर गन्ना, 29 क्रय केंद्र
- लोनी चीनी मिल: 17 नवंबर से, रोजाना 8,000 मीट्रिक टन पेराई क्षमता, 25,071 हेक्टेयर गन्ना, 44 क्रय केंद्र
- रूपापुर चीनी मिल: 17 नवंबर से, रोजाना 6,500 मीट्रिक टन पेराई क्षमता, 22,311 हेक्टेयर गन्ना, 43 क्रय केंद्र
इन चारों का रकबा जोड़ें तो 1,09,032 हेक्टेयर बनता है और क्रय केंद्रों का जोड़ 215 होता है। ये तारीखें मिलों की ओर से तय संभावित तारीखें हैं, इसलिए अपने क्रय केंद्र की पक्की पर्ची ही अंतिम मानें।
हरियावां पर सबसे बड़ा बोझ
हरियावां मिल इस सत्र में जिले की सबसे बड़ी जिम्मेदारी संभालेगी। अकेले इसी मिल को 54,740 हेक्टेयर गन्ना आवंटित हुआ है, जो जिले के कुल आवंटित रकबे का आधे से ज्यादा है। यह मिल डीसीएम श्रीराम समूह की है।
जिन किसानों का गन्ना हरियावां से जुड़ा है, उनके लिए 3 नवंबर का मतलब है कि कटाई और छिलाई की तैयारी अब आखिरी चरण में है। पर्ची मिलने के बाद गन्ना खेत में ज्यादा दिन पड़ा रहा तो वजन घटता है, और इसका नुकसान सीधा किसान की जेब पर पड़ता है।
बघौली छोटी, पर उसके किसानों के लिए उतनी ही अहम
बघौली चीनी मिल 5 नवंबर से चलेगी। यह डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज की बीकापुर बघौज यूनिट है। इसे 6,910 हेक्टेयर गन्ना व 29 क्रय केंद्र आवंटित हुए हैं।
लोनी और रूपापुर की मिलें 17 नवंबर से पेराई शुरू करेंगी। दोनों डीसीएम श्रीराम समूह की हैं। लोनी को 25,071 हेक्टेयर और 44 केंद्र मिले हैं, जबकि रूपापुर को 22,311 हेक्टेयर और 43 केंद्र। इन दोनों मिलों के किसानों को अभी करीब ढाई हफ्ते का समय मिला है, जिसमें खेत में खड़े गन्ने की देखभाल और पर्ची की तैयारी दोनों निपटाए जा सकते हैं।
पर्ची और तौल को लेकर किसान क्या करें
पेराई शुरू होने से पहले तीन काम निपटाना समझदारी है। पहला, CaneUP पोर्टल पर अपना सट्टा और सर्वे का विवरण जांच लें। नाम, रकबा या बैंक खाते में गड़बड़ी हो तो पर्ची और भुगतान दोनों अटकते हैं। दूसरा, पर्ची मिलने के बाद कटाई का समय उसी से जोड़कर रखें ताकि कटा गन्ना खेत में सूखकर वजन न खोए। तीसरा, क्रय केंद्र पर तौल के समय कांटे की रीडिंग खुद देखें और पर्ची पर दर्ज वजन से मिलान करें। अंतर लगे तो तुरंत गन्ना समिति या जिला गन्ना कार्यालय को बताएं।
पिछला बकाया शून्य, इस बार परीक्षा भुगतान की रफ्तार की है
ईटीवी भारत की 7 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक जिले की चारों मिलों ने पिछले सत्र का शत-प्रतिशत गन्ना भुगतान पूरा कर दिया था और 655 आरक्षित गांवों में कोई बकाया नहीं बचा था।
नियम के मुताबिक गन्ना आपूर्ति के 14 दिन के भीतर भुगतान होना चाहिए। चीनी और शीरे की बिक्री से मिलने वाली राशि का 85 प्रतिशत हिस्सा एस्क्रो खाते में रखा जाता है ताकि वह पैसा मिल के दूसरे खर्चों में न लग सके और सीधे किसानों के खातों में पहुंचे। पिछले सत्र का हिसाब साफ होना भरोसे की नींव है, लेकिन नया सत्र उतना ही साफ रहे, यह इस बार की असली परीक्षा होगी।
भाव का सवाल अभी खुला है
पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ने के राज्य परामर्श मूल्य (SAP) की घोषणा अभी बाकी है। पिछले सत्र 2025-26 में अगेती किस्म का SAP 400 रुपये प्रति क्विंटल था, पर वह पुराने सत्र का भाव है, नए सत्र का नहीं। किसान संगठन नए सत्र के लिए भाव बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अक्टूबर में लखनऊ में हुई किसान मजदूर महापंचायत में भी यही मांग उठी थी। जब तक सरकार नए सत्र का SAP घोषित नहीं करती, तब तक किसी भी पुराने भाव को नए सत्र का भाव समझना गलत होगा।
हरदोई के किसान के लिए अगले कुछ दिन की रूपरेखा साफ है। अपनी मिल की तारीख नोट करें, क्रय केंद्र की पर्ची का इंतजार करें और सट्टा-सर्वे व बैंक खाता दुरुस्त रखें। 3 नवंबर को हरियावां से शुरू होने वाला यह सत्र 17 नवंबर तक जिले की चारों मिलों तक पहुंच जाएगा।
मुख्य बातें
- हरदोई में पेराई सत्र 3 नवंबर से शुरू होगा; हरियावां पहले, बघौली 5 नवंबर से और लोनी-रूपापुर 17 नवंबर से चलेंगी।
- चारों मिलों को कुल 1,09,032 हेक्टेयर गन्ना और 215 क्रय केंद्र आवंटित हुए हैं; हरियावां अकेले 54,740 हेक्टेयर संभालेगी।
- पेराई सत्र 2026-27 के SAP की घोषणा अभी बाकी है; पिछले सत्र का 400 रुपये वाला भाव नए सत्र का भाव नहीं है।
स्रोत: अमर उजाला (29 अक्टूबर 2026), ईटीवी भारत (7 अक्टूबर 2026)
