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हापुड़ गन्ना समिति में हंगामा, लौटे चेयरमैन: ₹500 भाव और डिफाल्टर मिलों पर 15% ब्याज

✍️ Aamir Raza · 🗓 30 Sep 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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हापुड़ गन्ना समिति में हंगामा, लौटे चेयरमैन: ₹500 भाव और डिफाल्टर मिलों पर 15% ब्याज

हापुड़ की नवीन मंडी में शनिवार को हुई गन्ना समिति की वार्षिक बैठक बीच में ही गरमा गई। किसानों का आरोप था कि चेयरमैन कुणाल चौधरी उनकी बात सुने बिना सभा खत्म कर चले गए। बात बिगड़ती गई, विरोध शुरू हुआ और देखते ही देखते हंगामा खड़ा हो गया। खबर मिलते ही भाकियू टिकैत के एनसीआर युवा अध्यक्ष एकलव्य सिंह सहारा भी मौके पर पहुंच गए और किसानों से वार्ता की।

किसान नेता चौधरी विनय बाना ने बैठक में कहा कि गन्ना समिति का कार्यालय किसानों का है। उनकी बात सुने बिना व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल सकती। उन्होंने प्रस्तावों और समस्याओं को प्राथमिकता से सुनने की मांग रखी, और चेतावनी दी कि नहीं तो किसान तालाबंदी जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। माहौल बिगड़ता देख चेयरमैन कुणाल चौधरी वापस लौटे, किसानों की सभी बातें सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह खुद किसानों के बीच से आए हैं और किसानों ने ही उन्हें चेयरमैन बनाया है।

₹500 प्रति कुंतल भाव: मांग है, घोषणा नहीं

हंगामे के बाद बैठक में जो प्रस्ताव पारित हुए, उनमें सबसे बड़ा गन्ना मूल्य को लेकर था। समिति ने पेराई सत्र 2026-27 के लिए ₹500 प्रति कुंतल गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग रखी। यहां एक बात साफ कर देना जरूरी है: यह अभी किसानों और समिति की मांग है, घोषणा नहीं। पेराई सत्र 2026-27 का राज्य परामर्श मूल्य (SAP) अभी घोषित नहीं हुआ है। पिछले सत्र 2025-26 का घोषित SAP ₹400 प्रति कुंतल (अगेती किस्म) था।

किसानों का तर्क सीधा है। खाद, डीजल, मजदूरी और सिंचाई पर खर्च हर साल बढ़ रहा है, लेकिन भाव की घोषणा की रफ्तार वही पुरानी है। हापुड़ क्षेत्र के किसान कहते हैं कि मौजूदा भाव पर गन्ने की खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। ₹500 की मांग इसी दर्द से निकली है।

14 दिन में भुगतान, वरना क्रय केंद्र छीनने का प्रस्ताव

बैठक का दूसरा कड़ा प्रस्ताव भुगतान को लेकर था। तय हुआ कि जो चीनी मिलें समय पर गन्ने का पैसा नहीं देंगी, उनके क्रय केंद्र और आवंटित गन्ना क्षेत्र काटकर उन मिलों को दे दिए जाएंगे जो 14 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत भुगतान करती हैं। यह प्रस्ताव पेराई सत्र 2026-27 के लिए रखा गया है। संदेश साफ है: समय पर पैसा दो, वरना क्षेत्र से हाथ धो बैठो।

हापुड़ क्षेत्र के किसान वर्षों से यही शिकायत दोहरा रहे हैं। ऐसे में क्रय केंद्र छीनने की धमकी डिफाल्टर मिलों पर सीधा दबाव बनाती है।

सिंभावली और ब्रजनाथपुर को 15% ब्याज का अल्टीमेटम

बैठक में हापुड़ क्षेत्र की दो प्रमुख चीनी मिलों, सिंभावली और ब्रजनाथपुर के प्रबंधन को कड़े निर्देश दिए गए। चेयरमैन ने कहा कि पेराई सत्र 2025-26 का जो भी गन्ना मूल्य बकाया है, उसका 15 प्रतिशत ब्याज के साथ तत्काल भुगतान किया जाए। साथ में चेतावनी भी आई: अगर रवैया नहीं बदला तो इन मिलों के गन्ना क्रय केंद्र काटकर दूसरी पाबंद मिलों को आवंटित कर दिए जाएंगे। हापुड़ क्षेत्र में इन्हीं दो मिलों का बकाया सबसे बड़ा मुद्दा है, इसलिए किसानों ने इस फैसले का स्वागत किया।

15 अक्टूबर: पेराई और ₹100 करोड़ भुगतान की समयसीमा

समिति ने सभी चीनी मिलों को निर्देश दिया कि पेराई सत्र 2026-27 का काम 15 अक्टूबर तक हर हाल में शुरू हो जाए। इसके पीछे ठोस वजह है। पेराई देर से शुरू होती है तो गेहूं की बुवाई भी लेट हो जाती है, और किसान को दोहरी मार झेलनी पड़ती है। समय पर पेराई से किसान नवंबर के पहले पखवाड़े में ही खेत खाली करके रबी की फसल बो पाएगा।

चेयरमैन के दावे के मुताबिक, आगामी 15 अक्टूबर तक किसानों को ₹100 करोड़ का बकाया भुगतान हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सिंभावली और ब्रजनाथपुर, दोनों चीनी मिलें बिक चुकी हैं और इसका समाधान जल्द होगा। यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये चेयरमैन के दावे हैं। किसानों के लिए सबसे सुरक्षित रास्ता यही है कि वे अपने बकाये की स्थिति अपनी गन्ना समिति और ई-गन्ना ऐप पर खुद जांचते रहें।

बीज अनुदान और किसान के काम की बात

बैठक में तय हुआ कि किसानों को रोगरहित उत्तम प्रजातियों के गन्ना बीज अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे लाल सड़न जैसी बीमारियों से बचाव होगा और पैदावार बढ़ेगी। इस दौरान भूमि विकास बैंक के चेयरमैन रायसिंह, समिति सचिव, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक और चीनी मिलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। मौके पर छत्रपाल सिंह गुड्डू, जन्म सिंह, शाहरुख प्रधान, राज कुमार बाना, पौदन प्रधान, शेखर चौधरी, मोहित चौधरी, लोकेश प्रधान, वकील खान और ठाकुर भावेंद्र सिसोदिया भी थे।

अगर आपका बकाया अटका है तो दो काम जरूर करें। पहला, अपनी गन्ना समिति में लिखित शिकायत दर्ज कराएं। दूसरा, गन्ना विभाग के 24 घंटे चलने वाले टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर 1800-121-3203 पर संपर्क करें। ई-गन्ना ऐप पर पर्ची और भुगतान की स्थिति नियमित रूप से जांचते रहें।

मुख्य बातें

  • हापुड़ गन्ना समिति की बैठक में पेराई सत्र 2026-27 के लिए ₹500 प्रति कुंतल गन्ना मूल्य की मांग रखी गई; 2026-27 का SAP अभी घोषित नहीं हुआ है (पिछले सत्र का SAP ₹400 प्रति कुंतल अगेती था)।
  • समय पर भुगतान न करने वाली मिलों के क्रय केंद्र काटकर 14 दिन में शत-प्रतिशत भुगतान करने वाली मिलों को देने का प्रस्ताव; सिंभावली और ब्रजनाथपुर को 2025-26 का बकाया 15% ब्याज सहित चुकाने का निर्देश।
  • सभी मिलों को 15 अक्टूबर तक पेराई शुरू करने का निर्देश; चेयरमैन का दावा है कि उसी तारीख तक ₹100 करोड़ का बकाया भुगतान हो जाएगा।

स्रोत: अमर उजाला (हापुड़, 26 सितंबर 2026), खबरवाला24 (26 सितंबर 2026)

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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