गोंडा: 2 मिलों के क्रय केंद्र घटे, मैजापुर में 11 नवंबर से पेराई शुरू

गोंडा जिले के गन्ना किसानों के लिए पेराई सत्र 2026-27 से जुड़ी एक जरूरी खबर सामने आई है। जारी गन्ना सुरक्षण आदेश में कुंदुरखी और रोजागांव चीनी मिल के एक-एक क्रय केंद्र घटा दिए गए हैं। इनकी जगह करनैलगंज का पिपरी क्रय केंद्र मैजापुर चीनी मिल को और चचरी प्रथम क्रय केंद्र जरवलरोड चीनी मिल को आवंटित किया गया है। रोजागांव चीनी मिल को एक नया क्रय केंद्र भी दिया गया है। मैजापुर चीनी मिल में 11 नवंबर से पेराई शुरू करने का कार्यक्रम तय हो चुका है।
जिला गन्ना अधिकारी सुनील सिंह ने बताया है कि गन्ना सुरक्षण आदेश जारी हो चुका है और दीपावली के बाद जिले की चीनी मिलों में पेराई सत्र शुरू होगा। केंद्र बदलने का मतलब है कि गन्ना अब पहले वाली जगह पर नहीं तुल सकता। गलत केंद्र पर ट्रैक्टर-ट्रॉली ले जाने पर तौल अटक सकती है और पूरा दिन खराब हो सकता है। इसलिए पेराई शुरू होने से पहले अपना नया केंद्र जरूर कन्फर्म कर लें।
जिले में 189 केंद्रों पर होगी तौल
गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 1.50 लाख किसानों ने 1.03 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की बोआई की है। इस पेराई सत्र में जिले की नौ चीनी मिलों के 189 क्रय केंद्रों पर गन्ने की तौल होगी। केंद्रों का बंटवारा इस तरह है: मनकापुर को 50, कुंदुरखी को 49, मसौधा को 26, मैजापुर को 23, बभनान को 22, जरवलरोड को 6, बलरामपुर को 5, रोजागांव को 5 और हैदरगढ़ को 3 केंद्र आवंटित किए गए हैं।
यह आंकड़ा बताता है कि जिले में गन्ने का दायरा कितना बड़ा है। ऐसे में एक केंद्र का इधर से उधर होना भी सैकड़ों किसानों की रोजमर्रा की आपूर्ति को छूता है। पिपरी के किसान अब मैजापुर मिल से जुड़ेंगे और चचरी प्रथम के किसान जरवलरोड मिल से। दोनों ही मामलों में किसानों को अपनी समिति से पूछना चाहिए कि उनकी पर्ची और सट्टे की व्यवस्था अब किस मिल के हिसाब से चलेगी।
तीन मिलों की पेराई तारीखें सामने
जिलाधिकारी की समीक्षा बैठक में जिले की तीन बड़ी मिलों की पेराई तारीखों पर भी चर्चा हुई थी। मैजापुर में 11 नवंबर से पेराई शुरू करने का कार्यक्रम निर्धारित है। कुंदुरखी में 15 नवंबर और मनकापुर में 18 नवंबर से पेराई शुरू होने की संभावना जताई गई है।
डीएम की बैठक में दिए गए सख्त निर्देश
पेराई सत्र की तैयारियों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी चीनी मिलों को अपने परिसर में किसानों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए थे। कंट्रोल रूम में 8-8 घंटे की पाली में ड्यूटी लगेगी और शिकायतों के लिए अलग रजिस्टर बनाया जाएगा, ताकि किसी शिकायत का लिखित रिकॉर्ड रहे।
गन्ना ढुलाई करने वाले वाहनों को लेकर भी साफ निर्देश हैं। सत्र शुरू होने से पहले ढुलाई वाले वाहनों पर 2.5 गुणा 5 मीटर का लाल कपड़ा और रिफ्लेक्टर क्रॉस लगाना अनिवार्य किया गया है। क्रय केंद्र से मिल गेट तक गन्ना ढोने वाले सभी वाहनों में जीपीएस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। मिल द्वारा जिस किस्म की पर्ची जारी की जाए, किसान उसी किस्म का गन्ना आपूर्ति करें, ताकि तौल के समय डी-ग्रेड की नौबत न आए।
कुंदुरखी मिल का भुगतान भी चर्चा में
कुंदुरखी का नाम भुगतान को लेकर भी चर्चा में रहा है। 8 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कुंदुरखी मिल की ओर से अब तक सिर्फ 51.86 प्रतिशत भुगतान किए जाने पर नाराजगी जताई थी। मिल प्रबंधन को चक्रवात और बाढ़ प्रभावित किसानों को प्राथमिकता देते हुए अन्य मद से भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए और भुगतान में देरी पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
किसानों के लिए नियम साफ है। गन्ने की आपूर्ति के बाद मिल को नियमानुसार 14 दिनों के भीतर गन्ना मूल्य का भुगतान करना होता है। अगर भुगतान इस समय सीमा में नहीं आता है तो किसान को अपनी तौल पर्ची के साथ मिल के कंट्रोल रूम या जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। पर्ची ही वह कागज है जिससे भुगतान की तारीख और रकम दोनों साबित होते हैं।
किसान पेराई से पहले ये काम कर लें
- अपना क्रय केंद्र समिति या मिल से कन्फर्म करें, खासकर कुंदुरखी और रोजागांव क्षेत्र के किसान यह जरूर पूछें कि उनका केंद्र अब कौन सा है।
- पर्ची पर लिखी किस्म का ही गन्ना लोड करें, ताकि तौल के समय डी-ग्रेड या वापसी की नौबत न आए।
- ढुलाई वाले वाहन पर लाल कपड़ा और रिफ्लेक्टर क्रॉस पहले से लगवा लें।
- हर तौल पर्ची संभालकर रखें और भुगतान की 14 दिन की समय सीमा खुद नोट करके रखें।
- किसी भी दिक्कत पर मिल के कंट्रोल रूम में लिखित शिकायत दर्ज कराएं, ताकि उसका रिकॉर्ड रहे।
गोंडा में पेराई की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। किसान की तरफ से तैयारी जितनी पक्की होगी, सत्र उतना ही आसान बीतेगा।
मुख्य बातें
- कुंदुरखी और रोजागांव मिल के एक-एक क्रय केंद्र घटे, पिपरी केंद्र मैजापुर और चचरी प्रथम केंद्र जरवलरोड को मिला।
- जिले की 9 मिलों के 189 क्रय केंद्रों पर तौल होगी, करीब 1.50 लाख किसानों ने 1.03 लाख हेक्टेयर में गन्ना बोया है।
- मैजापुर में 11 नवंबर से पेराई तय, कुंदुरखी में 15 नवंबर और मनकापुर में 18 नवंबर से पेराई की संभावना।
स्रोत: अमर उजाला (गोंडा, 27 अक्टूबर 2026), अमर उजाला (गोंडा, 8 अक्टूबर 2026)।
