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गोला सत्याग्रह खत्म: दीपावली से पहले खाते में 15 करोड़, 216 करोड़ बकाए पर बड़ी बात

✍️ Aamir Raza · 🗓 19 Oct 2026 · ⏱ 4 मिनट में पढ़ें

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गोला सत्याग्रह खत्म: दीपावली से पहले खाते में 15 करोड़, 216 करोड़ बकाए पर बड़ी बात

लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में चार दिन से चल रहा किसान सत्याग्रह रविवार को समाप्त हो गया। भाजपा के पलिया विधायक रोमी साहनी और गोला विधायक अमन गिरि सहकारी गन्ना विकास समिति के कार्यालय धरना स्थल पर पहुंचे और आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक किसानों का ज्ञापन पहुंचाया जाएगा। बजाज चीनी मिल के अधिकारियों ने विधायकों के सामने बैंक खुलते ही किसानों के खातों में 10 करोड़ रुपये और दीपावली से पहले 5 करोड़ रुपये और देने का वचन दिया है। यानी त्योहार से पहले कुल 15 करोड़ रुपये किसानों तक पहुंचने का वादा हुआ है। (अमर उजाला, 18 अक्टूबर; लाइव हिंदुस्तान, 19 अक्टूबर)

धरना स्थल पर तय हुई बातें

18 अक्टूबर को दोनों विधायक धरना स्थल पर पहुंचे। वहां राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम अलग-अलग ज्ञापन दोनों विधायकों को सौंपे। विधायकों ने ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और आगामी पेराई सत्र से गन्ना भुगतान 14 दिन के भीतर सुनिश्चित कराने के लिए हरसंभव प्रयास का आश्वासन दिया।

उसी समय बजाज चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक पीएस चतुर्वेदी और कारखाना प्रबंधक अजीत तिवारी भी मौजूद थे। चतुर्वेदी ने वचन दिया कि बैंक खुलने पर किसानों के खातों में उसी दिन 10 करोड़ रुपये डाले जाएंगे और दीपावली से पहले 5 करोड़ रुपये और दिए जाएंगे। विधायकों ने भुगतान न होने पर नाराजगी जताई और कहा कि वह मुख्यमंत्री और बजाज हिंदुस्थान शुगर लिमिटेड के चेयरमैन कुशाग्र बजाज से सीधे बात करेंगे, ताकि अगले सत्र से 14 दिन में गन्ना भुगतान हो सके।

216 करोड़ का बकाया, वादा सिर्फ 15 करोड़ का

सत्याग्रह समाप्ति के बावजूद किसानों के सामने का गणित अभी अधूरा है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार गोला क्षेत्र के गन्ना किसानों का कुल 216 करोड़ रुपये बकाया है। दूसरी ओर मिल के पास बेचने लायक केवल 18 करोड़ रुपये की चीनी बची है। संगठन का कहना है कि शेष चीनी के साथ एथेनॉल, शीरा, प्रेस मड और बैगास आदि की बिक्री हो चुकी है।

यह आंकड़ा ही सबसे बड़ी चिंता है। अगर मिल के पास महज 18 करोड़ रुपये की चीनी है, तो 216 करोड़ का बकाया कहां से चुकाया जाएगा? दीपावली से पहले 15 करोड़ का वादा पूरा हो जाए तो भी किसानों के एक बड़े हिस्से को इंतजार जारी रहेगा। नया पेराई सत्र शुरू होने वाला है और पिछला हिसाब अभी अधूरा है। किसान के लिए यह सिर्फ रकम नहीं, त्योहार के खर्च और नई फसल के खर्च का सवाल है।

1978 करोड़ की मांग: प्रोत्साहन नीति-2004 का पैसा सीधे खाते में

सत्याग्रह समाप्ति पर मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापनों में एक और बड़ी वित्तीय मांग रखी गई है। संगठन के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट (प्रयागराज) के आदेशों के तहत उत्तर प्रदेश चीनी उद्योग प्रोत्साहन नीति-2004 के तहत बजाज हिंदुस्थान शुगर लिमिटेड को राज्य सरकार से ब्याज सहित 1978 करोड़ रुपये मिलने हैं।

किसान संगठन की मांग है कि यह धनराशि कंपनी को देने के बजाय उसकी 14 चीनी मिलों के गन्ना किसानों के एस्क्रो खातों में भेजी जाए। साथ ही सरकार कंपनी को बैंकों से कैश क्रेडिट (सीसी) लिमिट बनवाने का निर्देश दे, ताकि पुराना बकाया चुकाया जा सके और आगामी सत्र का भुगतान 14 दिन में हो सके। यह मांग सिर्फ गोला तक सीमित नहीं है। बजाज समूह की 14 मिलों के लाखों गन्ना किसानों पर इसका असर पड़ सकता है।

चार दिन पहले क्या हुआ था

यह सत्याग्रह अचानक नहीं शुरू हुआ था। राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन ने बजाज हिंदुस्थान शुगर लिमिटेड के बकाया भुगतान समेत चार मांगों पर अनिश्चितकालीन धरना लगाया था। मांगें थीं, बकाए में से 100 करोड़ रुपये तुरंत और बाकी रकम दीपावली से पहले, गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल, बाढ़ और अतिवृष्टि से खराब फसल का मुआवजा और जंगली जानवरों व छुट्टा पशुओं से फसलों व किसानों की सुरक्षा। धरने की खबर मिलते ही मिल के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।

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किसान अब क्या करें

सत्याग्रह समाप्त हुआ है, लेकिन असली नतीजा भुगतान के बाद ही दिखेगा। किसानों को सलाह है कि अपने बकाए की स्थिति ई-गन्ना पोर्टल पर नियमित रूप से जांचते रहें। भुगतान में देरी हो तो जिला गन्ना अधिकारी को बताएं या टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर शिकायत दर्ज कराएं। कानून के अनुसार गन्ना आपूर्ति के 14 दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य है और देरी पर ब्याज का प्रावधान है। दीपावली तक का समय किसान के लिए आर्थिक रूप से सबसे संवेदनशील होता है, ऐसे में बकाया भुगतान की पाई-पाई का हिसाब रखना जरूरी है।

मुख्य बातें

  • गोला गोकर्णनाथ में चार दिवसीय किसान सत्याग्रह भाजपा विधायकों के आश्वासन पर समाप्त
  • बजाज चीनी मिल ने बैंक खुलते ही 10 करोड़ और दीपावली से पहले 5 करोड़ रुपये देने का वादा किया
  • संगठन का दावा है कि कुल 216 करोड़ रुपये बकाया है, जबकि मिल के पास सिर्फ 18 करोड़ की चीनी बची है
  • 1978 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे किसानों के एस्क्रो खातों में भेजने की मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचेगी

स्रोत: अमर उजाला (18 अक्टूबर 2026), लाइव हिंदुस्तान (19 अक्टूबर 2026)

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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