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दीपावली से पहले ₹100 करोड़ चाहिए: गोला में बजाज मिल के खिलाफ किसानों का सत्याग्रह

✍️ Aamir Raza · 🗓 18 Oct 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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दीपावली से पहले ₹100 करोड़ चाहिए: गोला में बजाज मिल के खिलाफ किसानों का सत्याग्रह

दीपावली सिर पर है और लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में गन्ना किसान इस बार एक ही खबर का इंतजार कर रहे हैं, उनकी पर्ची का पैसा खाते में कब आएगा। इसी इंतजार से तंग आकर राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन ने सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में बजाज हिंदुस्थान शुगर लिमिटेड के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। अमर उजाला की 16 अक्टूबर की खबर के मुताबिक, संगठन की मांग साफ है, बकाया भुगतान में से ₹100 करोड़ रुपये तुरंत दिए जाएं और बाकी पूरी रकम दीपावली से पहले किसानों तक पहुंचे।

धरना इसलिए भी अहम है क्योंकि नया पेराई सत्र शुरू होने वाला है और पिछले सत्र का भुगतान अब तक बकाया है। नई फसल तौलने की तैयारी हो रही है, लेकिन पुरानी फसल का हिसाब बाकी है।

धरना कहां और क्यों शुरू हुआ

राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन ने गोला गोकर्णनाथ स्थित सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में धरना लगाया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने कहा कि नया पेराई सत्र शुरू होने वाला है, लेकिन पिछले सत्र का करोड़ों रुपये का भुगतान अब तक बकाया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने तक धरना जारी रहेगा।

धरने की खबर मिलते ही बजाज मिल के गन्ना प्रबंधक पीएस चतुर्वेदी और कारखाना प्रबंधक अजीत तिवारी मौके पर पहुंचे। किसानों ने उनके सामने मांग रखी, बकाए का आधा हिस्सा यानी ₹100 करोड़ रुपये तत्काल दिए जाएं और शेष राशि दीपावली से पहले। इस मौके पर शिवदयाल वर्मा, संतोष सिंह भदौरिया, डेलीगेट अनिल कुमार, राधेश्याम, राजेश कुमार और जगदीश प्रसाद सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

चार मांगें, एक टाइमलाइन

संगठन ने बकाया भुगतान समेत चार मांगें रखी हैं:

  • बकाया गन्ना भुगतान: ₹100 करोड़ रुपये तत्काल और बाकी रकम दीपावली से पहले।
  • गन्ना मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल: संगठन की मांग है कि गन्ने का भाव ₹600 प्रति क्विंटल हो।
  • बाढ़ और अतिवृष्टि का मुआवजा: बारिश से बर्बाद फसल वालों को मुआवजा दिलाया जाए।
  • जंगली जानवरों से सुरक्षा: बाघ, तेंदुआ, हाथी, सूअर और छुट्टा पशुओं से किसानों व फसलों की सुरक्षा का इंतजाम हो।

मांगों को पढ़कर साफ होता है, यह सिर्फ पैसे का सवाल नहीं है। दीपावली से पहले पैसा मिलना किसानों के लिए त्योहार का सवाल है, और जंगली जानवरों वाली मांग तराई के किसानों की रोजमर्रा की दिक्कत बताती है।

₹100 करोड़ का आंकड़ा कहां से आया

धरने पर रखी गई मांग में “आधा भुगतान यानी ₹100 करोड़ रुपये” शब्द गौर करने लायक हैं। इसका सीधा मतलब है कि संगठन का दावा है कि बजाज मिल पर गोला क्षेत्र के किसानों का कुल बकाया करीब ₹200 करोड़ का है। गोला गोकर्णनाथ तराई का बड़ा गन्ना क्षेत्र है, इतनी बड़ी रकम अटकने पर दुकानदार, आढ़ती, ट्रैक्टर-ट्रॉली वाले समेत पूरा बाजार ठहर जाता है।

सितंबर से चली आ रही है ये लड़ाई

यह धरना अचानक नहीं फूटा है। 27 सितंबर को गोला गोकर्णनाथ की सहकारी गन्ना विकास समिति की सामान्य निकाय बैठक में भी यही मुद्दा गरमाया था। द दस्तक 24 की खबर के मुताबिक, बैठक में किसानों और डेलीगेटों ने बजाज मिल के गन्ना भुगतान को लेकर हंगामा किया था और मांग की थी कि 15 अक्टूबर तक ब्याज सहित गन्ना भुगतान कराया जाए, वरना चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू करने की अनुमति न दी जाए।

उस बैठक में डेलीगेटों ने सचिव बलवंत चौधरी को लिखित प्रस्ताव सौंपा था। गोला के विधायक अमन गिरि भी मौजूद थे। प्रदेश अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने उसी दिन चेतावनी दी थी कि बिना भुगतान दिए और इस पेराई सत्र का 14 दिन में भुगतान करने की शपथ-पत्र दिए बिना चीनी मिल का चक्का नहीं घूमने दिया जाएगा।

15 अक्टूबर की समय-सीमा बीत गई, भुगतान नहीं आया और अब वही चेतावनी धरने में बदल गई है।

ब्याज वाला पुराना मुद्दा

धरने पर एक पुराना लेकिन तीखा मुद्दा भी उठा है, बकाए पर ब्याज। प्रदेश अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने कहा कि वर्ष 2004 में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने गन्ना भुगतान पर ब्याज देने का आदेश दिया था, लेकिन चीनी मिलों ने ब्याज नहीं दिया और अवमानना की कार्रवाई भी नहीं हुई। गन्ना नियमों के मुताबिक तय समय में भुगतान न होने पर मिलों को ब्याज देना होता है, लेकिन जमीन पर यह प्रावधान ज्यादातर कागजों तक ही सीमित रह गया है।

पेराई सत्र के दरवाजे पर धरना क्यों अहम है

समय इस धरने को और धार देता है। अमर उजाला की खबर में कहा गया है कि नया पेराई सत्र शुरू होने वाला है, और किसानों की रणनीति साफ है, मिल को नया गन्ना तौलने से पहले पुराना हिसाब चुकता करना होगा।

किसान के लिए इसका क्या मतलब है

अगर आप गोला क्षेत्र के गन्ना किसान हैं तो अपने बकाया भुगतान की स्थिति समिति या मिल के गन्ना कार्यालय से जरूर जांच लें, ताकि किसी समझौते में आपका नाम छूट न जाए। शिकायत के लिए गन्ना विभाग का टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 और SMS शॉर्टकोड 51969 उपलब्ध है। दीपावली से पहले बातचीत तेज होगी, ऐसे में अपनी पर्ची, तौल पर्ची और भुगतान की रसीदें संभालकर रखें।

मुख्य बातें

  • गोला गोकर्णनाथ में किसान संगठन का बजाज मिल के बकाया भुगतान पर अनिश्चितकालीन धरना।
  • ₹100 करोड़ तुरंत और बाकी रकम दीपावली से पहले देने की मांग; गन्ना भाव ₹600 प्रति क्विंटल की भी मांग।
  • 15 अक्टूबर की समय-सीमा बीतने के बाद आंदोलन तेज; ब्याज सहित भुगतान की मांग भी शामिल।

स्रोत: अमर उजाला (16 अक्टूबर 2026), द दस्तक 24 (27 सितंबर 2026)।

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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