ताज़ा ख़बर

दिवाली से पहले 21.65 करोड़ का गन्ना ब्याज: DM ने दिए भुगतान के निर्देश

✍️ Aamir Raza · 🗓 22 Oct 2026 · ⏱ 4 मिनट में पढ़ें

Google पर हमें फ़ॉलो करें
दिवाली से पहले 21.65 करोड़ का गन्ना ब्याज: DM ने दिए भुगतान के निर्देश

त्योहारों से पहले पश्चिमी यूपी के गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है। गाजियाबाद में बुधवार को गांव की चौपाल पर आयोजित किसान दिवस में जिलाधिकारी रविंद्र मांदड़ ने चीनी मिलों पर बकाया किसानों के ब्याज की 21.65 करोड़ रुपये की रकम दिवाली से पहले दिलाने के निर्देश दिए। जिला गन्ना अधिकारी को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि किसानों को बकाये के लिए और इंतजार न करना पड़े।

इस दौरान किसानों ने मोदी शुगर मिल पर बकाया ब्याज का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उनकी मांग थी कि पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही यह बकाया चुकता हो जाए। जिलाधिकारी ने इस पर साफ कहा कि तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी होनी चाहिए।

खास बात यह है कि इस बार किसान दिवस जिला मुख्यालय के सभागार में नहीं, बल्कि भोजपुर ब्लॉक के तलहेटा गांव में आयोजित किया गया। प्रशासन की नई पहल के तहत अधिकारी खुद किसानों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं।

पहली बार गांव की चौपाल पर किसान दिवस

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पहली बार किसान दिवस किसी गांव में रखा गया। उदय भूमि की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने सिंचाई, विद्युत, खाद-बीज, राजस्व और गन्ना भुगतान से जुड़ी शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि किसानों को अपनी शिकायत लेकर जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें, इसी सोच से यह पहल की गई है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक आशीष कुमार सिंह समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर किसानों ने गांव में किसान दिवस आयोजित करने के लिए अधिकारियों का आभार भी जताया। यह पहल अगले महीने भी जारी रहेगी। अधिकारियों को आगामी किसान दिवस भी किसी गांव में करने के निर्देश दिए गए हैं।

मोदी शुगर मिल का ब्याज: क्यों बनता है बकाया

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, किसान दिवस में किसानों ने मोदी शुगर मिल पर बकाया ब्याज का मामला उठाया और दिवाली से पहले भुगतान की मांग की। गन्ने का भुगतान समय पर न होने पर किसानों का ब्याज बनता जाता है, और यही रकम सालों में करोड़ों तक पहुंच जाती है। जिलाधिकारी ने 21.65 करोड़ रुपये के इस बकाया ब्याज को दिवाली से पहले दिलाने का निर्देश जिला गन्ना अधिकारी को दिया है।

किसानों के साथ भारतीय किसान यूनियन और रालोद के नेता भी मौजूद थे। उन्होंने भी भुगतान की मांग का समर्थन किया। बता दें कि पेराई सत्र शुरू होने वाला है, ऐसे में पुराना बकाया चुकता होना किसानों के लिए बड़ी राहत होगी।

जिला गन्ना अधिकारी नहीं पहुंचे, डीएम ने मांगी रिपोर्ट

किसान दिवस में एक दिलचस्प वाकया भी हुआ। जिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद जिला गन्ना अधिकारी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। उन्होंने अपनी जगह ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक को भेज दिया। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर रिपोर्ट मांगी। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, भाकियू और रालोद के नेताओं ने भी जिला गन्ना अधिकारी के न आने पर नाराजगी जाहिर की।

डीएम ने साफ कहा कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और उनका समाधान करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। हर अधिकारी को अपने विभाग से जुड़ी शिकायतों की पूरी जानकारी होनी चाहिए।

पेराई से पहले सड़कें दुरुस्त करने का भी निर्देश

किसान दिवस में करीब 27 शिकायतों पर चर्चा हुई। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें जर्जर सड़कों को लेकर थीं। किसानों ने मांग की कि गन्ना पेराई सत्र शुरू होने से पहले सड़कें दुरुस्त कर दी जाएं, ताकि गन्ने की ढुलाई में दिक्कत न हो। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, ग्राम पंचायत और जिला पंचायत के अधिकारियों को दिवाली से पहले संबंधित सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए।

उदय भूमि की रिपोर्ट के मुताबिक, डीएम से बातचीत के बाद धरने पर बैठे किसानों ने भी अपना धरना समाप्त कर दिया। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, किसान दिवस के बाद डीएम मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवें चरण में सर्विस लेन की मांग को लेकर करीब 10 महीने से चल रहे धरने पर भी पहुंचे। उनके आश्वासन के बाद वह धरना भी खत्म हो गया।

किसान के लिए इसका क्या मतलब है

त्योहार से पहले बकाया ब्याज मिलना किसानों के लिए सीधी राहत है। जो किसान किसी मिल के बकाये या ब्याज से परेशान हैं, वे जिला गन्ना अधिकारी के कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा सरकार की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-121-3203 और 1800-180-5129 पर भी गन्ना संबंधी शिकायतें दर्ज की जाती हैं। पर्ची, तौल या भुगतान से जुड़ा कोई भी मामला हो, लिखित शिकायत के साथ ब्याज की मांग भी उठाई जा सकती है।

पेराई सत्र बस शुरू होने वाला है। ऐसे में पुराने बकाये की लड़ाई के साथ-साथ नए सत्र की पर्ची और कैलेंडर पर भी नजर रखना जरूरी है।

मुख्य बातें

  • गाजियाबाद के किसान दिवस में DM ने 21.65 करोड़ रुपये बकाया ब्याज दिवाली से पहले दिलाने के निर्देश दिए।
  • किसानों ने मोदी शुगर मिल के बकाये का मुद्दा उठाया; भाकियू और रालोद के नेताओं ने समर्थन किया।
  • पहली बार किसान दिवस गांव (तलहेटा, भोजपुर ब्लॉक) में आयोजित; पेराई से पहले सड़कें दुरुस्त करने के निर्देश।

स्रोत: अमर उजाला (22 अक्टूबर 2026), उदय भूमि (21 अक्टूबर 2026)

#गन्ना #गन्ना भुगतान #गन्ना ब्याज #चीनी मिल #गाजियाबाद #किसान दिवस

Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

और पढ़ें

बिना कर्ज लिए 20 हजार किसान दिवालिया की कगार पर, सिंभावली का 148 करोड़ वाला सच ताज़ा ख़बर बिना कर्ज लिए 20 हजार किसान दिवालिया की कगार पर, सिंभावली का 148 करोड़ वाला सच हापुड़ की सिंभावली शुगर मिल से जुड़े किसानों पर 148.59 करोड़ के पुराने कर्ज का बोझ बढ़कर 300 करोड़ से ज्यादा हो गया है। सीबीआई जांच के बाद भी मामला हाईकोर्ट में लंबित है और 20 हजार से ज्यादा किसान डिफॉल्टर माने जाने की कगार पर हैं। मेरठ के 2.22 लाख किसानों के लिए खुशखबरी: 1 नवंबर से चलेंगी 6 चीनी मिलें ताज़ा ख़बर मेरठ के 2.22 लाख किसानों के लिए खुशखबरी: 1 नवंबर से चलेंगी 6 चीनी मिलें मेरठ जिले की छह चीनी मिलें 1 से 4 नवंबर के बीच पेराई सत्र 2026-27 शुरू करेंगी। किनौनी मिल 1 नवंबर को चलेगी, मवाना, नंगलामल और दौराला 2 नवंबर को, मोहिउद्दीनपुर और सकौती 4 नवंबर को। बेलगावी बैठक बेनतीजा: ₹5500 की मांग अटकी, 29 अक्टूबर को दिल्ली की समिति तय करेगी रास्ता ताज़ा ख़बर बेलगावी बैठक बेनतीजा: ₹5500 की मांग अटकी, 29 अक्टूबर को दिल्ली की समिति तय करेगी रास्ता कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की बेलगावी में किसान नेताओं और मिल मालिकों से हुई बैठक बिना फैसले के खत्म हुई। गन्ने के ₹5500 प्रति टन दाम की मांग अब 29 अक्टूबर को आने वाली केंद्रीय समिति के सामने रखी जाएगी।