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15% से ज्यादा सूखे दिल दिखे तो समझो खतरा: गन्ने के शूट बोरर से बचाव के 6 काम

✍️ GannaUP डेस्क · 🗓 31 Oct 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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15% से ज्यादा सूखे दिल दिखे तो समझो खतरा: गन्ने के शूट बोरर से बचाव के 6 काम

बिजनौर के एक किसान ने अक्टूबर में बोई फसल में देखा कि कुछ पौधों के बीच की पत्ती सूखकर पीली पड़ गई है। हल्का सा खींचते ही वह पत्ती जड़ समेत हाथ में आ गई और नीचे से सड़न की बदबू आई। पौधा बाहर से हरा था, पर उसका बढ़ने वाला हिस्सा अंदर से कट चुका था। यही शूट बोरर का काम है।

शूट बोरर (काइलो इन्फ्यूस्केटेलस) की सूंडी गंदली सफेद होती है, जिस पर पांच गहरी बैंगनी धारियां और गहरे भूरे रंग का सिर होता है। अंडों से निकली सूंडी तने में सुरंग बनाकर बीच के हिस्से को सुखा देती है।

डेड हार्ट को पहचानने का सीधा तरीका

एक से तीन महीने की फसल में शूट बोरर का सबसे साफ संकेत डेड हार्ट है। बीच की पत्ती सूख जाती है, हल्के से खींचने पर आसानी से उखड़ जाती है और उसके निचले हिस्से से सड़न की बदबू आती है। तने के नीचे, जमीन के ठीक ऊपर, छोटे-छोटे छेद भी दिख सकते हैं। शुरुआती दौर में हमला हो तो मातृ शूट पूरी तरह मर जाता है। देर से हमला हो तो पौधा बगल से कई कल्ले निकाल देता है, पर वे कमजोर रहते हैं और उपज घट जाती है।

टॉप बोरर से इसका फर्क समझना जरूरी है। टॉप बोरर पौधे के ऊपरी हिस्से पर हमला करता है और ऊपर की पत्तियां गुच्छे जैसी दिखती हैं। शूट बोरर छोटी फसल के बीच के बढ़ते हिस्से को काटता है। पहले पहचान पक्की करें, फिर उपाय चुनें।

कब कार्रवाई करें, इसका हिसाब

हर सूखी पत्ती देखकर दवा छिड़कना न तो सस्ता है, न सही। कीट प्रबंधन के नोट्स में शूट बोरर का आर्थिक नुकसान स्तर 15 प्रतिशत डेड हार्ट माना गया है। खेत में 100 पौधों में से 15 से ज्यादा में डेड हार्ट दिखे, तब नियंत्रण के उपाय आर्थिक रूप से जायज होते हैं। इससे कम हमले में खेत की सफाई, मल्चिंग और मित्र कीटों पर भरोसा काफी रहता है।

हफ्ते में एक बार खेत के अलग-अलग हिस्सों से 100 पौधे गिनकर देखें। सिर्फ मेड़ के पास से नहीं, क्योंकि कीट अक्सर झुंड में एक जगह ज्यादा दिखता है। गिनती डायरी में लिख लें। इससे अगले हफ्ते पता चलता है कि हमला बढ़ रहा है या थम रहा है।

बुबाई के समय ही आधी लड़ाई जीत लें

दिसंबर से जनवरी के बीच की गई बुबाई पर शूट बोरर का दबाव कम रहता है, क्योंकि कीट की सक्रियता मार्च से नवंबर के बीच ज्यादा रहती है और अप्रैल से जून के पहले के महीनों में हमला तेज होता है। बसंतकालीन बुबाई (फरवरी-मार्च) वाले खेतों में अप्रैल से जून तक खास नजर रखें। शरदकालीन बुबाई वाली फसल दिसंबर-जनवरी में एक से तीन महीने की होती है, इसलिए अभी भी डेड हार्ट की जांच फायदेमंद है।

बुबाई के तीन दिन के अंदर पंक्तियों के साथ 10 से 15 सेंटीमीटर मोटी ट्रैश मल्चिंग बिछाना सबसे सस्ते उपायों में गिना जाता है। पत्तियों की यह परत जमीन का तापमान कम रखती है और नमी बनाए रखती है, जो कीट के बढ़ने के लिए प्रतिकूल माहौल बनाता है। खेत में नमी बनाए रखना भी कीट की रफ्तार धीमी करता है, पर पानी भरने से जड़ें सड़ती हैं। पेड़ी फसल में भी ट्रैश मल्चिंग की सलाह दी जाती है। बुबाई के 45 दिन बाद हल्की मिट्टी चढ़ाना भी हमला घटाता है।

डेड हार्ट दिखे तो सबसे पहले क्या करें

डेड हार्ट वाले पौधों को जमीन के स्तर से काटकर निकालें और नष्ट कर दें। इससे अंदर पल रही सूंडी भी खत्म हो जाती है और कीट की अगली पीढ़ी नहीं बन पाती। कटी हुई सूखी पत्तियों को खेत में ही छोड़ देना गलती है। खेत के आसपास सूखे ठूंठ भी हटा दें, क्योंकि शूट बोरर सर्दी में गन्ने के ऊपरी हिस्सों में पूर्ण विकसित सूंडी के रूप में रहता है।

मित्र कीट और फेरोमोन ट्रैप का सही इस्तेमाल

अंडों पर हमला करने वाले मित्र कीट ट्राइकोग्रामा किलोनिस का इस्तेमाल शूट बोरर के खिलाफ सुझाया जाता है। संस्थान के नोट्स के अनुसार प्रति हेक्टेयर 3 से 5 लाख परजीवीयुक्त अंडे उपयुक्त किस्तों में छोड़े जाते हैं। यह तरीका तुरंत असर नहीं दिखाता, पर कीट की आबादी को धीरे-धीरे नीचे लाता है। मित्र कीट छोड़ने के आसपास चौड़ी स्पेक्ट्रम वाली दवा का छिड़काव न करें, वरना मित्र कीट भी मर जाएंगे।

निगरानी के लिए प्रति हेक्टेयर 12 फेरोमोन ट्रैप लगाए जाते हैं। भारी प्रकोप में सामूहिक पकड़ के लिए यह संख्या 25 प्रति हेक्टेयर तक बताई गई है। ट्रैप को फसल की ऊंचाई से करीब 30 सेंटीमीटर ऊपर लगाएं। ट्रैप में फंसे पतंगों की गिनती बताती है कि कीट का दबाव बढ़ रहा है या घट रहा है। ट्रैप अकेले इलाज नहीं है, यह चेतावनी का यंत्र है।

दवा कब और कितनी, यही सबसे बड़ा फैसला

जब डेड हार्ट 15 प्रतिशत से ऊपर पहुंच जाए और सांस्कृतिक व जैविक उपाय नाकाफी लगें, तभी दानेदार कीटनाशक पर विचार करें। संस्थान के नोट्स में बुबाई के समय और बुबाई के 60 दिन बाद फिप्रोनिल 0.3 जीआर 25 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर, या कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड 4जी 15 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर का उल्लेख है। छिड़काव के लिए क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18.5 प्रतिशत एससी 375 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर की सिफारिश भी दर्ज है। मात्रा और तरीका हमेशा दवा के लेबल और स्थानीय कृषि विभाग की सलाह से मिलान करके तय करें।

मुख्य बातें

  • डेड हार्ट की पहचान है बीच की पत्ती का सूखना, आसानी से उखड़ना और सड़न की बदबू; 100 में 15 से ज्यादा डेड हार्ट हों तभी दवा का फैसला लें।
  • बुबाई के 3 दिन में 10-15 सेंटीमीटर ट्रैश मल्चिंग और 45 दिन पर हल्की मिट्टी चढ़ाना सबसे सस्ती रोकथाम है।
  • डेड हार्ट काटकर नष्ट करें, ट्राइकोग्रामा जैसे मित्र कीट बचाएं और फेरोमोन ट्रैप से निगरानी रखें।

स्रोत: वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट (VSI), पुणे के शूट बोरर प्रबंधन नोट्स और तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय से संबद्ध कीट प्रबंधन सामग्री। दवा की मात्रा लेबल और स्थानीय कृषि विभाग की सलाह से मिलान करके ही प्रयोग करें।

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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