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गन्ना समिति सदस्यता: सिर्फ 1 दिन बचा, 30 सितंबर है आखिरी तारीख

✍️ Aamir Raza · 🗓 29 Sep 2026 · ⏱ 4 मिनट में पढ़ें

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गन्ना समिति सदस्यता: सिर्फ 1 दिन बचा, 30 सितंबर है आखिरी तारीख

आज 29 सितंबर है। यानी गन्ना समिति की नई सदस्यता लेने और उपज बढ़ोतरी का आवेदन देने के लिए आपके पास अब सिर्फ एक दिन बचा है। 30 सितंबर की शाम के बाद यह मौका हाथ से निकल जाएगा। गन्ना विभाग ने साफ कर दिया है कि यह अंतिम तिथि है, इसके बाद न नई सदस्यता मिलेगी, न उपज बढ़ोतरी का लाभ।

पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियां जोरों पर हैं। प्रदेश की सभी गन्ना समितियों में इन दिनों सट्टा प्रदर्शन मेले लगाए जा रहे हैं। इन मेलों में किसानों के गन्ना रकबे, गन्ना सट्टा और आपूर्ति से जुड़े सारे रिकॉर्ड दिखाए जा रहे हैं। मकसद एक ही है। किसान अपने कागज खुद देखे, मिलान करे और जहां गलती हो, उसे मौके पर ही ठीक करा ले।

सट्टा प्रदर्शन मेला: आपके कागज आपके सामने

कई बार किसान को पता ही नहीं चलता कि समिति के रिकॉर्ड में उसका रकबा कितना दर्ज है और सट्टा कितने का बना है। पेराई सत्र शुरू होने के बाद जब पर्ची में दिक्कत आती है, तब भागदौड़ शुरू होती है। इसी परेशानी को रोकने के लिए विभाग हर साल पेराई सत्र से पहले ये मेले लगाता है।

मेले में जाकर आप अपना नाम, रकबा, सट्टा और अब तक की आपूर्ति का पूरा ब्योरा देख सकते हैं। कोई संख्या गलत दिखे तो वहीं समिति के कर्मचारियों से सुधार करवा लें। उप गन्ना आयुक्त (मुरादाबाद) हरपाल सिंह ने अमरोहा में किसानों से अपील की है कि वे तय समय में मेला या समिति पहुंचकर अपने सट्टे की सूची का मिलान जरूर कर लें। उनका कहना है कि बाद में आई गलती का खामियाजा पूरे सत्र भर किसान को भुगतना पड़ता है।

नए किसान: सदस्यता क्यों जरूरी

अगर आपने अब तक गन्ना समिति की सदस्यता नहीं ली है, तो यह खबर खास आपके लिए है। 30 सितंबर तक सदस्यता लेने वाले नए किसानों को आगामी पेराई सत्र में चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करने की सुविधा मिलेगी। सदस्यता के बिना मिल को गन्ना देने की प्रक्रिया में अड़चन आ सकती है।

विभाग की अपील है कि जो किसान सदस्य नहीं हैं, वे अपने नजदीकी गन्ना समिति पहुंचें और निर्धारित प्रक्रिया से सदस्य बनें। साथ ही यह जानकारी अपने गांव के उन किसान साथियों तक भी पहुंचाएं, जो अभी तक सदस्यता से बाहर हैं। कहीं ऐसा न हो कि तारीख निकल जाए और कोई पात्र किसान सुविधा से वंचित रह जाए।

औसत से ज्यादा उपज है तो हक मांगें

दूसरा बड़ा काम उपज बढ़ोतरी से जुड़ा है। जिन किसानों की गन्ने की उपज अपने जिले की औसत उपज से अधिक है, वे 30 सितंबर तक उपज बढ़ोतरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने पर पात्र किसानों को उपज बढ़ोतरी का लाभ दिया जाएगा। यानी आपके खेत में जितना गन्ना पैदा हुआ है, उसका सही-सही हिसाब किताब में दर्ज होगा और उसी के हिसाब से आपको आपूर्ति और भुगतान की सुविधा मिलेगी।

यहां एक बात गांठ बांध लें। 30 सितंबर के बाद उपज बढ़ोतरी का आवेदन स्वीकार नहीं होगा। जिन किसानों की उपज औसत से ऊपर है, उनके लिए यह सीधे फायदे का मामला है। देर की तो नुकसान भी सीधा आपकी जेब पर पड़ेगा।

कागज में गलती रही तो असर पर्ची पर

अनुभवी किसान जानते हैं कि सट्टे और रकबे के रिकॉर्ड में छोटी सी गड़बड़ी भी पेराई सत्र के दौरान बड़ी परेशानी बन जाती है। पर्ची कम आती है, तौल केंद्र पर बहस होती है और कई बार गन्ना खेत में सूखने की नौबत आ जाती है। सट्टा प्रदर्शन मेला इसी नुकसान से बचने का सबसे आसान तरीका है। दस मिनट का मिलान आपको पूरे सत्र की टेंशन से बचा सकता है।

इसलिए मेले में सिर्फ रिकॉर्ड देखकर न लौटें। नाम की स्पेलिंग से लेकर रकबे की संख्या तक, हर चीज ध्यान से जांचें। अगर कोई सुधार करवाया है तो उसकी रसीद या लिखित प्रमाण जरूर ले लें।

अधिकारी क्या कह रहे हैं

गन्ना आयुक्त मिनिस्टी एस. ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सट्टा प्रदर्शन मेलों का आरंभ और समापन जनप्रतिनिधियों के माध्यम से तय समय सीमा में कराया जाए। यानी मेलों को लेकर प्रशासन गंभीर है और हर समिति में इनका आयोजन सुनिश्चित किया जा रहा है।

किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विभाग ने मुख्यालय स्तर पर टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर भी चलाया हुआ है। नंबर है 1800-121-3203। सट्टा, सदस्यता या उपज बढ़ोतरी से जुड़ी कोई भी दिक्कत हो तो इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

मुख्य बातें

  • गन्ना समिति की नई सदस्यता और उपज बढ़ोतरी के आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 है। आज 29 सितंबर को सिर्फ एक दिन बचा है।
  • प्रदेश की सभी गन्ना समितियों में सट्टा प्रदर्शन मेले लगे हैं। वहां रकबा, सट्टा और आपूर्ति रिकॉर्ड का मिलान कर गलतियों का मौके पर सुधार करवाएं।
  • समस्या हो तो टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर 1800-121-3203 पर संपर्क करें।

स्रोत: हिंदुस्तान (24 सितंबर 2026), अमर उजाला अमरोहा (24 सितंबर 2026), प्रतिभा टाइम्स (25 सितंबर 2026)

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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