UP गन्ना: 1 अक्टूबर से नया पेराई सत्र, रकबा 1.6% घटा — कोल्हू 500 दे रहे, SAP अभी बाकी

इस बार गन्ने का भाव कितना मिलेगा? कल यानी 1 अक्टूबर से पेराई सत्र 2026-27 शुरू हो रहा है, और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हर किसान के मन में यही एक सवाल है। नए सत्र का सरकारी भाव (SAP) अभी घोषित नहीं हुआ है, जबकि गांव-गांव में कोल्हू पहले ही चल गए हैं और वहां गन्ना 490 से 500 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदा जा रहा है।
किसान के सामने इस बार दो खरीददार हैं। मिलें पेराई जल्दी शुरू करने की तैयारी में हैं, कोल्हू नकद और तुरंत भाव दे रहे हैं। इस समीकरण को समझना इस सत्र में हर किसान के लिए जरूरी है।
11 जिलों में रकबा घटा, सिर्फ 2 में बढ़ा
नए सत्र से पहले आई रिपोर्टों में चिंताजनक आंकड़ा सामने आया है। द हिंदू बिजनेसलाइन और चीनीमंडी की रिपोर्टों के अनुसार, प्रदेश के 11 प्रमुख चीनी उत्पादक जिलों (अमरोहा, बिजनौर, बुलंदशहर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, मेरठ, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, सहारनपुर, शाहजहांपुर, सीतापुर) में गन्ने का रकबा करीब 1.6 प्रतिशत घटकर 17.14 लाख हेक्टेयर रह गया है।
प्रदेश की शीर्ष 20 चीनी मिलें इन्हीं जिलों में हैं, और खत्म हो रहे सत्र में इन्होंने 60.96 लाख टन चीनी बनाई थी, जो प्रदेश के कुल 89.52 लाख टन उत्पादन का करीब 68 प्रतिशत है। सिर्फ बिजनौर और लखीमपुर खीरी में रकबा करीब 0.5 प्रतिशत बढ़ा है, बाकी नौ जिलों में गिरावट है, जो कुछ जिलों में 14 प्रतिशत तक पहुंच गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार प्रदेश का कुल गन्ना रकबा भी करीब 47,000 हेक्टेयर घटकर 28.4 लाख हेक्टेयर रह गया है। किसानों के मुताबिक बढ़ती लागत और देरी से भुगतान इसकी वजह है।
कोल्हू बनाम मिल: मैदान में असली मुकाबला
गांव जंक्शन की रिपोर्ट के अनुसार गुड़ की खुदरा कीमत इस साल 100 रुपये प्रति किलो को पार कर चुकी है और अभी यूपी में करीब 90 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। महंगे गुड़ के पीछे कोल्हुओं के पास किसानों को ज्यादा दाम देने की गुंजाइश है।
नवभारत टाइम्स (26 सितंबर) के अनुसार कोल्हू और क्रशर सितंबर में ही चल गए हैं और गन्ना 490 से 500 रुपये में खरीदा जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने 600 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। मुजफ्फरनगर से शुरू रात्रि पंचायतें अब बाकी जिलों में भी होंगी।
यानी मैदान में सरकारी भाव से 90-100 रुपये ऊपर का रेट पहले ही चल रहा है। इस बार मिलों को गन्ना जुटाने में कड़ी टक्कर मिलने वाली है।
SAP 2026-27: घोषणा बाकी, नजर दीवाली पर
बीते सत्र 2025-26 के लिए योगी सरकार ने अगैती किस्म का भाव 400 रुपये और सामान्य किस्म का 390 रुपये प्रति क्विंटल तय किया था (दैनिक जागरण और नवभारत टाइम्स के अनुसार)। लेकिन 2026-27 की नई SAP अभी घोषित नहीं हुई है।
किसान नेता चौधरी पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि राज्य सरकार को सत्र शुरू होने से पहले ही गन्ना मूल्य घोषित कर देना चाहिए। 2027 में विधानसभा चुनाव होने के कारण किसानों में उम्मीद है कि सरकार दीवाली पर बढ़े भाव का तोहफा दे सकती है। जानकार 40 से 50 रुपये की बढ़ोतरी की उम्मीद लगा रहे हैं, लेकिन सरकार कितना इजाफा करेगी, यह अभी साफ नहीं है।
जब तक नई SAP घोषित नहीं होती, पिछले सत्र के 400/390 रुपये के भाव को नए सत्र का भाव न मानें।
जल्दी पेराई: फायदा भी, खतरा भी
टाइम्स ऑफ इंडिया (28 सितंबर) के अनुसार पश्चिमी यूपी की मिलें इस बार करीब 10 दिन पहले पेराई शुरू करने की तैयारी में हैं। बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली और मुरादाबाद की मिलों में मरम्मत तेज है, और मौसम अनुकूल रहा तो 20 अक्टूबर के आसपास पेराई शुरू हो सकती है। सहारनपुर के उप गन्ना आयुक्त ओपी सिंह के अनुसार प्रदेश में कुल 122 चीनी मिलें हैं, जिनमें कम से कम 71 पश्चिमी उप्र में हैं।
किसानों के लिए फायदा सीधा है: खेत समय पर खाली होकर गेहूं की बुआई के लिए ज्यादा समय मिलेगा। लेकिन गन्ना विशेषज्ञ डी. के. त्यागी की चेतावनी भी सुन लें। बिजनेसलाइन से बातचीत में उन्होंने कहा कि जल्दी पेराई से गन्ने से चीनी निकलने की दर (रिकवरी) कम हो सकती है, जिससे कुल उत्पादन घटेगा।
किसानों के 5 जरूरी काम
- सर्वे रिकॉर्ड जांच लें: गन्ना सर्वे के रकबे और किस्म का रिकॉर्ड जांच लें, ताकि पर्ची में गड़बड़ी न हो।
- बैंक खाता चालू रखें: गन्ना भुगतान सीधे खाते में आता है। खाता सक्रिय हो और पहचान दस्तावेज जुड़े हों।
- दोनों भाव तौलें: कोल्हू नकद और ऊपर भाव दे रहे हैं, लेकिन मिल से जुड़े रहने पर पर्ची प्रणाली और सरकारी सुरक्षा मिलती है।
- SAP घोषणा पर नजर रखें: दीवाली के आसपास नई घोषणा की संभावना है। आधिकारिक घोषणा के बाद ही भाव पक्का मानें।
- अपरिपक्व गन्ना न काटें: कच्चा गन्ना काटने से वजन और चीनी, दोनों में नुकसान होता है।
नया सत्र कल से शुरू हो रहा है। जो किसान जानकारी के साथ चलेगा, वही इस सत्र में फायदा उठाएगा।
मुख्य बातें
- 1 अक्टूबर से गन्ना पेराई सत्र 2026-27 शुरू; 11 प्रमुख जिलों में रकबा 1.6% घटकर 17.14 लाख हेक्टेयर।
- कोल्हू 490-500 रुपये में गन्ना खरीद रहे; किसान संगठन 600 रुपये SAP की मांग पर आंदोलन कर रहे हैं।
- 2026-27 की नई SAP अभी घोषित नहीं; 2025-26 में अगैती 400 और सामान्य 390 रुपये प्रति क्विंटल था।
स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया, द हिंदू बिजनेसलाइन, चीनीमंडी, गांव जंक्शन, नवभारत टाइम्स, दैनिक जागरण।
