गन्ना पत्ती जलाई तो पर्ची रुक सकती है: पर्ची अटके तो ये 5 काम तुरंत करें

पेराई सत्र 2026-27 सिर पर है और कई किसानों के मन में एक ही सवाल घूम रहा है: पर्ची कब आएगी? इसी बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे हर गन्ना किसान को गंभीरता से लेना चाहिए। प्रदेश के मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में साफ निर्देश दिए गए हैं कि गन्ने की पत्ती जलाने वाले किसानों को गन्ना खरीद की पर्ची नहीं दी जाएगी। यानी इस बार लापरवाही का सीधा असर आपकी आपूर्ति पर पड़ सकता है।
अगर आपकी पर्ची भी देरी से आ रही है या अब तक नहीं आई है, तो घबराने से पहले वजह समझिए। ज्यादातर मामलों में कारण कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं, बल्कि छोटी सी चूक होती है। नीचे हमने वो पांच काम बताए हैं जो पर्ची अटकने पर तुरंत करने चाहिए।
सबसे पहले ये जान लें: पत्ती जलाने वालों की पर्ची रोकने का आदेश
सितंबर 2026 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने धान की पराली और गन्ने की पत्ती जलाने की घटनाओं पर सख्ती दिखाई थी। बैठक में निर्देश दिया गया कि पराली जलाने वालों से जुर्माना वसूला जाए और गन्ने की पत्ती जलाने वाले किसानों को गन्ना खरीद की पर्ची न दी जाए। संबंधित अधिकारियों को यह भी कहा गया कि जहां भी फसल अवशेष जलाने की घटना हो, उसके लिए स्थानीय अधिकारी और कर्मचारी जवाबदेह होंगे।
यह कोई नई चेतावनी नहीं है। मुरादाबाद में पहले भी पराली और गन्ने की पत्ती जलाने पर 7 किसानों से 35 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है, और कृषि विभाग ने साफ किया था कि पत्ती जलाने वाले किसानों का गन्ना सट्टा यानी पर्ची बंद कर दी जाएगी। मतलब ये है कि इस नियम को जमीन पर लागू किया जा रहा है।
अगर आपने इस सीजन में अपने खेत की पत्ती जलाई है, तो समझ लीजिए कि यही वजह आपकी पर्ची रुकने की हो सकती है।
पर्ची देर से आने के 3 आम कारण
1. समिति सदस्यता या उपज बढ़ोतरी का आवेदन छूट गया है। पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना समिति की सदस्यता और उपज बढ़ोतरी की अंतिम तिथि पहले 30 सितंबर थी, जिसे बारिश और बाढ़ को देखते हुए बढ़ाकर 10 अक्टूबर 2026 कर दिया गया है। जो किसान अब तक सदस्य नहीं बने हैं या उपज बढ़ोतरी की रसीद नहीं कटा पाए हैं, उनके आंकड़े कैलेंडर में अधूरे हो सकते हैं। इसीलिए 10 अक्टूबर की डेडलाइन को हल्के में न लें।
2. सट्टा कैलेंडर में आपके आंकड़ों में गड़बड़ी है। गन्ना विभाग अंतिम कैलेंडर तैयार कर रहा है और इसे चीनी मिलों के संचालन से पहले केनयूपी.इन पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाएगा। सट्टा प्रदर्शन मेलों के जरिए किसानों को उनके आंकड़े दिखाए भी गए थे, ताकि रकबे, उत्पादन या पर्ची संबंधी विवरण में गलती हो तो संशोधन कराया जा सके। अगर आपका नाम, रकबा या अनुमानित उपज कैलेंडर में गलत दर्ज है, तो पर्ची अटकना तय है।
3. पर्ची जारी होने का समय अभी आया ही नहीं है। पर्चियां पेराई शुरू होने से करीब 15 दिन पहले जारी होने लगती हैं और पर्ची जारी होने की सूचना किसान के मोबाइल पर एसएमएस से भेजी जाती है। इसलिए बेवजह दफ्तरों के चक्कर काटने से पहले अपने मिल क्षेत्र का पेराई शेड्यूल जांच लें।
पर्ची अटकी है तो तुरंत करें ये 5 काम
1. ई-गन्ना ऐप या केनयूपी.इन पर अपना कैलेंडर खुद जांचें। किसान ई-गन्ना ऐप पर अपना कोड डालकर पर्चियों की संख्या और कैलेंडर देख सकते हैं। जिन्हें कोड की जानकारी नहीं है, वे अपना नाम और गांव दर्ज करके भी कैलेंडर देख सकते हैं। अगर आंकड़ों में गलती दिखे तो तुरंत संशोधन करवाएं।
2. 10 अक्टूबर से पहले सदस्यता और उपज बढ़ोतरी पक्की करें। जिन किसानों ने पहली बार या कई साल के अंतराल के बाद गन्ना बोया है, उनके लिए समिति सदस्यता सबसे जरूरी कागज है। 10 अक्टूबर 2026 तक सदस्य बनकर और उपज बढ़ोतरी का आवेदन जमा करके आप इस सीजन की आपूर्ति का हक पक्का कर सकते हैं।
3. टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर पर शिकायत दर्ज कराएं। गन्ना विकास विभाग ने किसानों की समस्याओं के लिए 24 घंटे सातों दिन टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर 1800-121-3203 स्थापित किया है। पर्ची संबंधी समस्या पर यहां शिकायत दर्ज कराने से मामला विभाग की नजर में आ जाता है।
4. अपनी समिति के सचिव या जिला गन्ना अधिकारी से लिखित में मिलें। मौखिक शिकायतें अक्सर फाइलों में दब जाती हैं। पर्ची न आने पर समिति कार्यालय जाकर लिखित आवेदन दें और उसकी प्राप्ति की रसीद जरूर लें। इससे आपका मामला आगे बढ़ता है।
5. पत्ती जलाना बंद करें और एसएमएस अलर्ट पर नजर रखें। अगर आपके क्षेत्र में पत्ती जलाने की घटना दर्ज हुई है, तो पहले उसका समाधान करें। साथ ही अपना मोबाइल नंबर और कोड विभाग के रिकॉर्ड में अपडेट रखें, ताकि पर्ची जारी होते ही एसएमएस आप तक पहुंचे।
मुख्य बातें
- मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में गन्ने की पत्ती जलाने वालों को खरीद पर्ची न देने का निर्देश दिया गया है; यह नियम जमीन पर लागू हो रहा है।
- समिति सदस्यता और उपज बढ़ोतरी की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई है। यह डेडलाइन न चूकें।
- ई-गन्ना ऐप और केनयूपी.इन पोर्टल पर अपना सट्टा कैलेंडर खुद जांचें, गलती हो तो संशोधन करवाएं।
- पर्ची अटके तो टोल-फ्री 1800-121-3203 पर शिकायत दर्ज कराएं और समिति सचिव से लिखित में संपर्क करें।
स्रोत: दैनिक जागरण, लाइव हिंदुस्तान, किसान इंडिया, ट्रैक्टरजंक्शन, अमृत विचार
