₹200 में गन्ने की नई किस्म का बीज: सिर्फ 3,000 मिनी सीड किट, एक किसान को सिर्फ 1

गन्ने की नई किस्म का बीज अब बाजार के महंगे दरों पर नहीं, सरकारी दर पर मिलेगा। उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर ने इस बार किसानों के लिए 3,000 मिनी सीड किट तैयार की हैं। हर किट में गन्ने की 100 आंखें (सिंगल बड) होंगी और एक किसान को सिर्फ एक किट मिलेगी। बुकिंग पूरी तरह ऑनलाइन होगी, लाइन में लगकर या काउंटर से ऑफलाइन बुकिंग का कोई विकल्प नहीं रखा गया है।
हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन बुकिंग 9 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से गन्ना विभाग की वेबसाइट enquiry.caneup.in पर शुरू होगी। गांव जंक्शन की रिपोर्ट बताती है कि एक किट की कीमत 200 रुपये रखी गई है। मतलब साफ है: नई किस्म का बीज पाने का यह सबसे सस्ता और सीधा रास्ता है, लेकिन किटों की संख्या सीमित है। देर करने वाले किसान इस मौके से चूक सकते हैं।
कौन सी किस्में, कितनी किटें
परिषद के निदेशक अभिषेक आनंद के अनुसार, इस बार दो नई किस्मों की किटें दी जा रही हैं। को.शा. 23232 के दो लाख और को.शा. 19231 के एक लाख सिंगल बड उपलब्ध कराए जाएंगे। गांव जंक्शन के मुताबिक कुल 3,000 किट तैयार की गई हैं, जिनमें को.शा. 23232 की 2,000 और को.शा. 19231 की 1,000 किट शामिल हैं। हर किट में 100 बड होंगे। हिसाब लगाइए: 2,000 किट गुणा 100 बड, बराबर दो लाख बड। दोनों रिपोर्टों के आंकड़े एक-दूसरे से मेल खाते हैं।
को.शा. 23232 के बारे में खास बात यह है कि इसे सितंबर 2026 में ही प्रदेश में खेती के लिए अवमुक्त किया गया है। हिंदुस्तान के अनुसार, इन किस्मों से बेहतर उत्पादकता, ज्यादा शर्करा प्रतिशत और रोग-कीटों के प्रति बेहतर प्रतिरोध की उम्मीद जताई गई है। जो किसान पुरानी किस्मों की जगह नई किस्म लगाना चाहते हैं, उनके लिए यह पहला बड़ा मौका है।
बुकिंग की प्रक्रिया, स्टेप दर स्टेप
बुकिंग सिर्फ एक ही जगह से होगी: enquiry.caneup.in। ऑफलाइन बुकिंग स्वीकार नहीं की जाएगी, इसलिए किसी बिचौलिए या दलाल के झांसे में आने की जरूरत नहीं है।
पहले पोर्टल पर जाकर अपना किसान कोड दर्ज करें। फिर मिनी सीड किट के लिए ऑनलाइन आवेदन करें। 200 रुपये की फीस का भुगतान UPI या कार्ड से ऑनलाइन ही करना होगा। बुकिंग पूरी होने के बाद किसान को एक पंजीकरण नंबर मिलेगा। हिंदुस्तान के अनुसार यह चार अंकों का पंजीकरण नंबर पंजीकृत मोबाइल पर आएगा। इस नंबर को संभालकर रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि बीज लेते समय इसकी जरूरत पड़ेगी।
एक किसान अपने कृषक कोड से सिर्फ एक बार बुकिंग कर सकेगा और उसे अधिकतम एक ही किट दी जाएगी। संस्थान का मकसद कम मात्रा में ही सही, नई किस्मों का बीज ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाना है।
बीज कब और कहां मिलेगा
बुकिंग कराने वाले किसानों को उनके मोबाइल नंबर पर बीज वितरण की तारीख एसएमएस से भेजी जाएगी। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में प्रस्तावित मिठास मेला-2026 में किसानों को मिनी सीड किट वितरित किए जाएंगे। गांव जंक्शन के अनुसार वितरण के दौरान किसानों की सुविधा के लिए अलग-अलग काउंटर और लाइन बनाई जाएंगी। पंजीकरण संख्या के आधार पर अलग लाइन होगी, ताकि वितरण तेज और व्यवस्थित रहे।
बीज लेने के लिए किसान को खुद उपस्थित होना होगा। साथ में पंजीकरण नंबर और आधार कार्ड की मूल प्रति लानी होगी। आधार से पहचान की पुष्टि के बाद टोकन मिलेगा, फिर टोकन दिखाकर निर्धारित काउंटर से किट प्राप्त की जा सकेगी। नोडल अधिकारी (बीज) डॉ. अजय तिवारी के अनुसार यही पूरी प्रक्रिया रहेगी।
किसान के लिए इसका मतलब क्या है
सिंगल बड तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कम बीज में ज्यादा रकबा तैयार होता है। 100 बड की एक किट नर्सरी में लगाकर किसान अच्छी पौध तैयार कर सकता है और आगे चलकर अपने खेत के लिए बीज बढ़ा सकता है। नई किस्में रोग-प्रतिरोधी मानी जा रही हैं, ऐसे में पुरानी किस्मों में आ रही दिक्कतों से जूझ रहे किसानों के लिए यह राहत भरी खबर है।
लेकिन एक हकीकत भी समझ लीजिए। कुल किटें सिर्फ 3,000 हैं और यूपी में गन्ना किसान लाखों में हैं। यानी मांग किटों से कई गुना ज्यादा होगी। ऐसे में जो किसान पहले बुकिंग करेगा, उसी को किट मिलेगी। गांव जंक्शन के अनुसार इस योजना से करीब 3,000 किसान लाभान्वित होंगे और जिन किसानों को इस बार मौका नहीं मिल पाएगा, उन्हें फरवरी में दोबारा बीज वितरण का अवसर दिया जाएगा।
एक सलाह और: बुकिंग सिर्फ enquiry.caneup.in पर ही करें। बीज के नाम पर पैसे मांगने वाले किसी भी अन्य लिंक या नंबर पर भरोसा न करें। भुगतान भी सिर्फ पोर्टल पर UPI या कार्ड से करें।
मुख्य बातें
- को.शा. 23232 और को.शा. 19231 की कुल 3,000 मिनी सीड किट, हर किट में 100 सिंगल बड, कीमत 200 रुपये प्रति किट।
- बुकिंग सिर्फ enquiry.caneup.in पर ऑनलाइन; एक किसान को अपने कृषक कोड से सिर्फ एक किट मिलेगी।
- बुकिंग के बाद मोबाइल पर पंजीकरण नंबर और वितरण की तारीख एसएमएस से आएगी; बीज लेते समय आधार कार्ड की मूल प्रति साथ लानी होगी।
स्रोत: हिंदुस्तान (लाइव हिंदुस्तान), गांव जंक्शन
