फोन में ये 10 ऐप रख लो: पर्ची, मौसम और मंडी भाव अब एक जगह

क्रय केंद्र पर पर्ची की लाइन में खड़े एक किसान के पास फोन था, पर पर्ची का कैलेंडर नहीं था। वह बार-बार समिति के बाबू से पूछ रहा था कि उसकी बारी कब आएगी, जबकि उसी जानकारी का रास्ता उसकी जेब में पड़ा था। पेराई सीजन में ऐसा हर रोज होता है। फोन तो सबके पास पहुंच गया है, पर फोन से खेती का काम लेना अभी बहुत से किसानों ने सीखा नहीं है। इस गाइड में वे 10 ऐप हैं जो गन्ना किसान के रोज के काम आते हैं। सरकारी ऐप मुफ्त होते हैं और उनकी जानकारी विभाग के अपने डेटाबेस से आती है।
पर्ची और भुगतान: eGanna और PM-KISAN
उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान के लिए पहला ऐप eGanna है। इसे UP Cooperative Cane Unions Federation Limited ने जारी किया है। इसमें किसान अपना सर्वे डेटा, पर्ची कैलेंडर और सप्लाई टिकट देख सकता है। पर्ची कब जारी हुई और किस क्रय केंद्र पर गन्ना देना है, यह जानकारी मिलने से कटाई और ट्रॉली की तैयारी पहले से हो जाती है। ऐप डाउनलोड करते समय प्रकाशक का नाम जरूर मिलाएं, क्योंकि उसी नाम से मिलते-जुलते नकली ऐप भी स्टोर में दिखते हैं। पर्ची या भुगतान में दिक्कत आए तो गन्ना विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर भी बात हो सकती है।
दूसरा ऐप PM-KISAN का आधिकारिक ऐप है। पात्र किसान परिवारों को साल में 6,000 रुपये तीन किस्तों में मिलते हैं, हर किस्त 2,000 रुपये की होती है। ऐप से किस्त की स्थिति देखी जा सकती है, लाभार्थी सूची में नाम मिलाया जा सकता है और e-KYC की स्थिति भी पता चलती है। किस्त अटकी हो तो पहले ऐप में e-KYC और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी जांच लें। अक्सर छोटी सी जानकारी अधूरी होने से किस्त रुक जाती है।
मौसम: Meghdoot, Mausam और Damini
गन्ने में छिड़काव, सिंचाई और कटाई, तीनों मौसम से बंधे काम हैं। Meghdoot ऐप भारत मौसम विज्ञान विभाग, भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की साझा पहल है। इसमें जिले के हिसाब से फसल और पशुधन से जुड़ी मौसम आधारित सलाह मिलती है, जो हफ्ते में मंगलवार और शुक्रवार को अपडेट होती है। छिड़काव से पहले इस सलाह को देख लेने से दवा पर खर्च होने वाला पैसा बारिश में बहने से बच सकता है।
IMD का Mausam ऐप जिले का पूर्वानुमान और चेतावनी दिखाता है। इसमें बारिश, तापमान, हवा की गति और दिशा जैसी जानकारी मिलती है। नवंबर में पाला और कोहरे का खतरा बढ़ता है, ऐसे में रात के तापमान पर नजर रखना गन्ने और पेड़ी दोनों के लिए काम आता है। तीसरा मौसम ऐप Damini है, जो बिजली गिरने की चेतावनी देता है। खेत में काम करते समय बिजली की चेतावनी मिले तो खुली जगह से हटकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
मंडी भाव और सौदा: Kisan Suvidha और AgriMarket
Kisan Suvidha केंद्र सरकार का ऐप है। इसमें उसी दिन का मौसम और अगले पांच दिन का पूर्वानुमान, जिले के बीज, खाद, कीटनाशक और कृषि यंत्र के डीलरों के नाम-पते, मंडी भाव, पौध संरक्षण की जानकारी और कृषि सलाह मिलती है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड की जानकारी भी इसी में देखी जा सकती है। गन्ने के साथ सहफसली या दूसरी फसल बेचनी हो तो आसपास की दो-तीन मंडियों का भाव मिलाकर ही बेचने का दिन तय करें।
AgriMarket ऐप भी मंडी भाव के लिए काम आता है। इसमें अलग-अलग मंडियों के भाव देखे जा सकते हैं। भाव रोज बदलते हैं, इसलिए पुराना भाव देखकर सौदा करना नुकसान दे सकता है। बेचने से पहले उसी दिन का भाव जरूर देख लें और तौल व भुगतान की शर्तें भी साफ कर लें।
रोग-कीट की पहचान और फसल बीमा
गन्ने में पत्ती पर धब्बा दिखे या कीट लगे तो अंदाजे से दवा छिड़कना अक्सर गलत निकलता है। Plantix जैसे ऐप में पत्ती की फोटो से संभावित रोग या कीट की पहचान में मदद मिलती है। फोटो साफ रोशनी में लें और रोग वाला हिस्सा पूरा दिखाएं। ऐप की सलाह को अंतिम फैसला मत मानें। शक हो तो कृषि विज्ञान केंद्र या गन्ना विभाग के विशेषज्ञ से भी पूछ लें।
फसल बीमा से जुड़ा ऐप भी फोन में रखें। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के ऐप से बीमा और दावे से जुड़ी जानकारी देखी जा सकती है। नुकसान की सूचना समय पर देना सबसे जरूरी काम है। फोटो, तारीख और खेत का ब्योरा पहले से तैयार रखें, क्योंकि कागज अधूरे हों तो दावे का निपटान अटक जाता है।
सरकारी सेवाएं एक जगह: UMANG
UMANG केंद्र सरकार की कई सेवाओं को एक ऐप में लाता है। इससे अलग-अलग विभागों के लिए अलग ऐप ढूंढने की झंझट कम होती है। इसमें भी लॉगिन के लिए अपना मोबाइल नंबर और ओटीपी लगता है। ओटीपी किसी से साझा नहीं करना है, चाहे फोन करने वाला खुद को अधिकारी ही क्यों न बताए। सरकारी विभाग ओटीपी कभी नहीं मांगता।
नकली ऐप से बचने के नियम
ऐप डाउनलोड करने से पहले उसका प्रकाशक, रेटिंग और समीक्षा देख लें। सरकारी ऐप के नाम से मिलता-जुलता नाम रखकर कई नकली ऐप बनाए जाते हैं। कोई ऐप पर्ची दिलाने, भुगतान बढ़ाने या सब्सिडी पक्की कराने के बदले पैसा मांगे तो उसे तुरंत हटा दें। ऐप को गैरजरूरी अनुमति भी मत दें। फोन में सिर्फ वही ऐप रखें जो सच में काम आते हैं।
हफ्ते का एक छोटा सा रूटीन बना लें। पर्ची आने से पहले eGanna में कैलेंडर देख लें। छिड़काव से पहले Meghdoot या Mausam में मौसम देख लें। बेचने से पहले मंडी भाव देख लें। किस्त या बीमे की स्थिति महीने में एक बार जरूर जांच लें। ये चार आदतें फोन को खेती का असली औजार बना देती हैं।
मुख्य बातें
- पर्ची के लिए eGanna और किस्त के लिए PM-KISAN ऐप सबसे पहले रखें, प्रकाशक का नाम मिलाकर ही डाउनलोड करें।
- छिड़काव और कटाई से पहले Meghdoot या Mausam से मौसम देख लें, बिजली की चेतावनी के लिए Damini काम आता है।
- ओटीपी किसी से साझा न करें और पैसा मांगने वाले नकली ऐप को तुरंत हटा दें।
स्रोत: caneup.in, pib.gov.in, pmkisan.gov.in
