FRP ₹365 तय हो गया, SAP अटका है: इस सत्र में आपके गन्ने का असली भाव क्या होगा

मिल के गेट पर ट्रॉली खड़ी करके किसान सबसे पहला सवाल यही पूछता है कि इस बार भाव क्या लगेगा। पेराई सत्र 2026-27 शुरू हो चुका है, लेकिन इस सवाल का पूरा जवाब अभी किसी के पास नहीं है। एक भाव तय हो चुका है, दूसरा अटका हुआ है।
केंद्र का भाव तय: FRP ₹365 प्रति क्विंटल
केंद्र सरकार ने चीनी सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य, यानी FRP, ₹365 प्रति क्विंटल तय किया है। पीआईबी की 5 मई 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह दर 10.25 प्रतिशत की बुनियादी चीनी रिकवरी पर लागू है और 1 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए सत्र में गन्ना खरीद पर लागू होगी। पिछले सत्र 2025-26 में FRP ₹355 प्रति क्विंटल था, यानी इस बार ₹10 की बढ़ोतरी हुई है।
FRP वह न्यूनतम मूल्य है जिससे नीचे कोई चीनी मिल किसान से गन्ना नहीं खरीद सकती। इसे कृषि लागत और मूल्य आयोग की सिफारिश पर आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति तय करती है। सरकार के अनुसार 2026-27 के लिए गन्ने की उत्पादन लागत (A2+FL) ₹182 प्रति क्विंटल आंकी गई है, और ₹365 का FRP इस लागत से 100.5 प्रतिशत अधिक है।
रिकवरी का हिसाब: हर 0.1 प्रतिशत पर ₹3.56 का फर्क
FRP एक सीधी दर नहीं है, इसके साथ रिकवरी का गुणा-भाग जुड़ा है। रिकवरी का मतलब है कि 100 किलो गन्ने से कितनी चीनी निकलती है। तय फॉर्मूले के अनुसार रिकवरी 10.25 प्रतिशत से हर 0.1 प्रतिशत ऊपर जाने पर ₹3.56 प्रति क्विंटल प्रीमियम मिलता है, और हर 0.1 प्रतिशत नीचे जाने पर इतनी ही कटौती होती है।
एक उदाहरण से समझें। अगर किसी मिल की रिकवरी 11 प्रतिशत रही तो FRP बनेगा करीब ₹391.70 प्रति क्विंटल। वहीं रिकवरी 10 प्रतिशत रहने पर भाव घटकर करीब ₹356.10 प्रति क्विंटल रह जाएगा। एक राहत यह भी है कि जिन मिलों की रिकवरी 9.5 प्रतिशत से कम है, वहां कोई कटौती नहीं होगी और वहां के किसानों को ₹338.30 प्रति क्विंटल मिलेगा। तौल पर्ची पर सिर्फ वजन ही नहीं, भाव से जुड़ी जानकारी भी ध्यान से देखें।
यूपी का SAP: पिछले सत्र का भाव, नए सत्र का इंतजार
उत्तर प्रदेश में कहानी थोड़ी अलग है। यहां राज्य सरकार अपना राज्य परामर्श मूल्य, यानी SAP, घोषित करती है। जहां SAP लागू है, वहां मिल को SAP देना होता है क्योंकि वह FRP से अधिक होता है। पेराई सत्र 2025-26 के लिए यूपी का SAP अगेती किस्म के लिए ₹400 प्रति क्विंटल, सामान्य किस्म के लिए ₹390 प्रति क्विंटल और अनुपयुक्त किस्म के लिए ₹355 प्रति क्विंटल था।
साफ बात यह है कि 2026-27 का SAP अभी घोषित नहीं हुआ है। नवभारत टाइम्स की 30 अक्टूबर के आसपास की रिपोर्ट के अनुसार पेराई शुरू होने के बावजूद सरकार ने अभी गन्ने का मूल्य घोषित नहीं किया है। किसान संगठन लंबे समय से भाव बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कुछ संगठन ₹500 से ₹600 प्रति क्विंटल तक की मांग उठा चुके हैं, और एक वर्ग FRP की कानूनी गारंटी के साथ ₹575 प्रति क्विंटल की मांग कर रहा है। केंद्र ने इस मुद्दे पर विचार के लिए एक उच्चस्तरीय समिति भी बनाई है।
यह सब अभी मांग और विचार के स्तर पर है। जब तक राज्य सरकार की अधिसूचना नहीं आती, किसी बढ़े हुए आंकड़े को पक्का भाव न मानें। पिछले सत्र का ₹400 वाला भाव इस सत्र का भाव नहीं है।
किसान पर असर: पर्ची, तौल और भुगतान की तीन जांच
भाव की घोषणा का इंतजार करते हुए किसान के हाथ में तीन चीजें हैं। पहली, पर्ची और सट्टा का अभिलेख दुरुस्त रखें। पर्ची सर्वे और सट्टे के आधार पर मिलती है, इसलिए पंजीकृत मोबाइल नंबर और गांव का अभिलेख समिति में अभी जांच लें। गलत नंबर पर पर्ची की सूचना देर से पहुंचती है।
दूसरी, तौल के समय पर्ची पर वजन, किस्म और भाव तीनों की जांच करें। वजन में कटौती या गलत किस्म दर्ज होने पर उसी समय केंद्र पर आपत्ति दर्ज कराएं, बाद में सबूत जुटाना मुश्किल हो जाता है।
तीसरी, भुगतान की समयसीमा। नियम के अनुसार मिल को गन्ना खरीदने के 14 दिन के भीतर भुगतान करना होता है। देरी हो तो तौल रसीद संभालकर रखें और गन्ना समिति तथा जिला गन्ना अधिकारी से संपर्क करें। सत्यापित हेल्पलाइन नंबर हैं: टोल-फ्री 1800-121-3203 और 1800-180-5129, और सरकारी एसएमएस शॉर्टकोड 51969। पर्ची, बैंक खाता या ओटीपी किसी अनजान नंबर पर साझा न करें।
तो इस सत्र में कितना मिलेगा
आज की तारीख में पक्का आंकड़ा सिर्फ FRP का है: ₹365 प्रति क्विंटल, 10.25 प्रतिशत रिकवरी के आधार पर। यूपी के किसान को मिलने वाला अंतिम भाव राज्य सरकार के SAP की घोषणा के बाद तय होगा। घोषणा आते ही तौल पर्ची पर दर्ज भाव से मिलान कर लें।
मुख्य बातें
- 2026-27 के लिए FRP ₹365 प्रति क्विंटल तय है (10.25% रिकवरी पर), पिछले सत्र के ₹355 से ₹10 अधिक।
- यूपी का 2026-27 SAP अभी घोषित नहीं हुआ है; पिछले सत्र का SAP अगेती ₹400 और सामान्य ₹390 प्रति क्विंटल था, उसे इस सत्र का भाव न मानें।
- रिकवरी के हर 0.1% पर ₹3.56 प्रति क्विंटल घटता-बढ़ता है; 9.5% से कम रिकवरी पर किसानों को ₹338.30 प्रति क्विंटल मिलेगा।
स्रोत: पीआईबी (5 मई 2026), नवभारत टाइम्स (30 अक्टूबर 2026 के आसपास), दैनिक जागरण (19 अक्टूबर 2026)
