दवा छिड़कते वक्त 1 गलती जान पर भारी: 7 सुरक्षाएं जो हर गन्ना किसान करे

सुबह का खेत है। गन्ना कमर से ऊपर निकल चुका है और किसान पीठ पर स्प्रेयर टांगकर पंक्तियों के बीच घुसता है। दवा की महीन बूंदें पत्तियों से टकराकर वापस भी आती हैं, कुछ चेहरे पर, कुछ बाजुओं पर। उस वक्त कुछ महसूस नहीं होता। शाम को सिर भारी लगता है, आंखों में जलन होती है, जी मिचलाता है। किसान इसे थकान समझकर सो जाता है। यही वह चूक है जो धीरे धीरे सेहत खा जाती है।
छिड़काव से पहले: लेबल पढ़ना सबसे पहला काम
दवा का डिब्बा खोलने से पहले उसका लेबल पढ़ें। लेबल पर लिखा होता है कि दवा किस कीट के लिए है, कितनी मात्रा में मिलानी है और छिड़काव के बाद कितने दिन तक फसल नहीं काटनी है। मात्रा अपनी मर्जी से बढ़ाना समझदारी नहीं है। ज्यादा दवा से खर्च बढ़ता है, फसल पर अवशेष बढ़ता है और शरीर पर खतरा भी बढ़ता है। मापने वाले कप से ही मात्रा नापें, अंदाजे से नहीं। दवा मिलाने का काम खाना, पीने के पानी और पशुओं के चारे से दूर, हवादार जगह पर करें। साफ पानी इस्तेमाल करें, हाथ सीधे दवा में न डालें और डिब्बा खोलते समय मुंह दूसरी तरफ रखें।
शरीर की सुरक्षा: ये सात चीजें छिड़काव की असली किट हैं
दवा शरीर पर तीन रास्तों से पहुंचती है: त्वचा, आंख और सांस। सुरक्षा भी तीनों रास्तों को बंद करने वाली होनी चाहिए। पूरी बाजू की कमीज और पूरी पैंट पहनें, क्योंकि गन्ने की ऊंची फसल में पत्तियां बाजुओं और चेहरे से रगड़ खाती हैं। रबड़ या प्लास्टिक के दस्ताने पहनें, कपड़े के दस्ताने दवा सोख लेते हैं। साधारण चश्मा काफी नहीं होता, ऐसा चश्मा पहनें जो आंखों को चारों तरफ से ढके। कपड़े का गमछा बांधना मास्क नहीं है, दवा की बारीक बूंदें गमछे से निकल जाती हैं। छिड़काव के लिए बना मास्क या रेस्पिरेटर पहनें। टोपी से सिर ढकें, चप्पल के बजाय बंद जूते पहनें और खेत में हाथ धोने के लिए साफ पानी और साबुन साथ रखें।
हवा और मौसम का हिसाब
छिड़काव करते समय हवा की दिशा सबसे बड़ा फैसला है। हमेशा इस तरह चलें कि हवा पीठ की तरफ से आ रही हो, ताकि बूंदें आगे जाएं, चेहरे की तरफ वापस न आएं। तेज हवा में छिड़काव न करें, क्योंकि तब दवा पड़ोसी के खेत में और पानी के स्रोत में उड़कर जाती है। बारिश से ठीक पहले भी छिड़काव बेकार जाता है, क्योंकि दवा धुल जाती है। सर्दियों में ओस सूखने के बाद, हल्की धूप में छिड़काव करें।
छिड़काव के बीच: ये काम बिल्कुल न करें
छिड़काव के दौरान खाना खाना, पानी पीना, बीड़ी पीना या मुंह पर हाथ लगाना खतरनाक है, क्योंकि हाथों पर लगी दवा सीधे मुंह में पहुंच जाती है। प्यास लगे तो पहले हाथ साबुन से धोएं, तब पानी पिएं। नोजल जाम हो जाए तो उसे मुंह से फूंककर साफ करने की गलती कभी न करें। नोजल साफ करने के लिए पतली तार या पानी का इस्तेमाल करें। छिड़काव करते समय बच्चे और पशु खेत से दूर रहें।
काम खत्म होने के बाद: नहाना और सफाई
छिड़काव खत्म होते ही काम खत्म नहीं होता। सबसे पहले स्प्रेयर को साफ पानी से धोएं, क्योंकि गंदा स्प्रेयर अगली बार दूसरी दवा के साथ मिलकर फसल को नुकसान पहुंचा सकता है। छिड़काव वाले कपड़ों को घर के बाकी कपड़ों के साथ न धोएं, उन्हें अलग से साबुन से धोएं और धूप में सुखाएं। दस्ताने, चश्मा और मास्क भी धोकर रखें। खुद साबुन से अच्छी तरह नहाएं। आंखों में दवा चली जाए तो आंखों को साफ पानी से धीरे धीरे 15 से 20 मिनट तक धोएं।
खाली डिब्बों का सही निपटान और भंडारण
दवा खत्म होने के बाद खाली डिब्बा कूड़ा नहीं, खतरा है। खाली डिब्बों को तीन बार साफ पानी से धोएं और उस पानी को खेत में ही डालें, नाली या तालाब में नहीं। फिर डिब्बे में छेद कर दें ताकि कोई उसे दोबारा इस्तेमाल न कर सके। खाली डिब्बे में कभी तेल, अनाज या पानी न रखें। दवाएं हमेशा ताले वाली जगह में रखें, बच्चों, पशुओं और खाद्यान्न से दूर। रसोई या अनाज वाले कमरे में दवा रखना कभी ठीक नहीं है।
दवा शरीर पर लग जाए तो तुरंत क्या करें
सावधानी के बाद भी अगर दवा शरीर पर लग जाए तो घबराने के बजाय तुरंत कदम उठाएं। दवा लगी जगह के कपड़े उतारें और त्वचा को साबुन वाले पानी से अच्छी तरह धोएं। अगर दवा सांस के जरिए अंदर गई लगे तो व्यक्ति को तुरंत खुले, हवादार जगह पर ले जाएं और कपड़े ढीले कर दें। चक्कर आना, उल्टी होना, बहुत पसीना आना, पुतलियां सिकुड़ना, धुंधला दिखना या सांस लेने में तकलीफ, ये दवा के असर के लक्षण हो सकते हैं। ऐसा कुछ दिखे तो व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर या नजदीकी अस्पताल ले जाएं और साथ में दवा का डिब्बा या उसका लेबल जरूर ले जाएं। बेहोश व्यक्ति को कुछ पिलाने या जबरदस्ती उल्टी कराने की कोशिश न करें।
गन्ने की फसल लंबी चलती है और छिड़काव का काम सीजन में कई बार करना पड़ता है। हर बार वही सात आदतें दोहरानी हैं: लेबल पढ़ना, पूरी किट पहनना, हवा देखना, बीच में खाना पीना नहीं, बाद में नहाना और सफाई, खाली डिब्बों का सही निपटान और भंडारण में ताला। किसान की सेहत ही उसकी सबसे बड़ी पूंजी है।
मुख्य बातें
- छिड़काव से पहले लेबल पढ़ें, मात्रा मापकर मिलाएं और दवा मिलाने का काम खाने पीने की चीजों से दूर करें।
- पूरी बाजू के कपड़े, दस्ताने, ढका हुआ चश्मा, मास्क, टोपी और बंद जूते पहनें और हवा पीठ की तरफ रखकर चलें।
- काम के बाद साबुन से नहाएं, कपड़े अलग धोएं, खाली डिब्बे तीन बार धोकर छेद करें और दवा लगने के लक्षण दिखें तो डिब्बा साथ लेकर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
स्रोत: कृषि विस्तार लेखों और विशेषज्ञ सलाह के आधार पर: कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग के दिशा निर्देश, सर्दियों में छिड़काव संबंधी सलाह और कीटनाशक लगने पर प्राथमिक उपचार संबंधी कृषि विज्ञान केंद्रों के लेख। दवा विशेष की मात्रा और प्रतीक्षा अवधि के लिए संबंधित उत्पाद के लेबल को ही अंतिम मानें।
