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ब्रिक्स 18 पहुंचा तो कटाई पक्की: 1 छोटा मीटर गलत कटाई का नुकसान रोक देगा

✍️ GannaUP डेस्क · 🗓 28 Oct 2026 · ⏱ 5 मिनट में पढ़ें

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ब्रिक्स 18 पहुंचा तो कटाई पक्की: 1 छोटा मीटर गलत कटाई का नुकसान रोक देगा

पिछले सीजन में पड़ोस के एक किसान ने मिल का पर्ची मैसेज आते ही कटाई शुरू कर दी। गन्ना लंबा और भारी दिख रहा था, इसलिए किसी को शक नहीं हुआ। पर जब मिल में जांच हुई तो चीनी की मात्रा उम्मीद से कम निकली। वजन तो मिला, पर मिठास अधूरी थी। असल में गन्ना अभी पका ही नहीं था। बाहर से हरा-भरा दिखने वाला गन्ना अंदर से कच्चा भी हो सकता है, और यही फर्क किसान की जेब पर पड़ता है।

कटाई का सही समय तय करने का सबसे भरोसेमंद तरीका ब्रिक्स जांच है। हाथ में पकड़ने वाला एक छोटा सा यंत्र, जिसे हैंड रिफ्रैक्टोमीटर या ब्रिक्स मीटर कहते हैं, गन्ने के रस की एक बूंद से बता देता है कि फसल पकी है या नहीं।

ब्रिक्स असल में क्या बताता है

ब्रिक्स रस में घुले हुए ठोस पदार्थों का माप है। इसमें चीनी के साथ कुछ और घुले पदार्थ भी शामिल होते हैं, इसलिए यह सीधे चीनी का आंकड़ा नहीं है, पर चीनी की मात्रा का सबसे अच्छा अंदाजा इसी से लगता है।

कृषि विश्वविद्यालयों की सलाह के मुताबिक गन्ने की कटाई के लिए 18 से 20 प्रतिशत ब्रिक्स को सही परिपक्वता माना जाता है। इससे कम रीडिंग का मतलब है कि गन्ने में चीनी अभी पूरी तरह नहीं बनी है। जल्दी कटाई पर वजन भले ही मिल जाए, पर रिकवरी कम रहने से किसान को असली कीमत नहीं मिल पाती।

मीटर कैसा लें और उसे कैसे संभालें

हैंड रिफ्रैक्टोमीटर आमतौर पर 0 से 32 प्रतिशत तक की रेंज में आता है। गन्ने के लिए यही रेंज काफी है। खरीदते समय यह देख लें कि मीटर में तापमान के असर को खुद ठीक करने वाली सुविधा हो, जिसे एटीसी कहते हैं।

मीटर को संभालना आसान है। जांच के बाद उसकी कांच की प्लेट को साफ पानी से धोकर नरम कपड़े से पोंछ दें। रस सूखकर प्लेट पर जम जाए तो अगली रीडिंग गलत आएगी।

खेत में रीडिंग लेने का सही तरीका

रीडिंग लेने से पहले मीटर को साफ पानी की एक बूंद से जांच लें। साफ पानी पर रीडिंग शून्य आनी चाहिए। अगर शून्य न आए तो मीटर के साथ दिए गए छोटे पेंच से उसे ठीक करें। यह एक मिनट का काम है, पर इसके बिना सारी रीडिंग बेकार हो सकती है।

अब खेत से गन्ने चुनें। एक ही जगह या एक ही कतार से सारे गन्ने मत लें। खेत के अलग-अलग कोनों और बीच से पांच से छह गन्ने चुनें। हर गन्ने के बीच वाले हिस्से से थोड़ा रस निकालें। प्लेट पर रस की एक-दो बूंद डालें, ढक्कन बंद करें और मीटर को रोशनी की ओर करके देखें।

रीडिंग लेते समय एक बात का ध्यान रखें। सुबह ओस में भीगा गन्ना या बारिश के तुरंत बाद लिया गया नमूना सही आंकड़ा नहीं देगा, क्योंकि पानी मिलने से रस पतला हो जाता है। इसलिए सूखे समय में नमूना लेना बेहतर रहता है।

पांच-छह गन्नों की रीडिंग का औसत निकालें। किसी एक गन्ने की रीडिंग पर फैसला मत करें, क्योंकि एक गन्ना बीमार या अलग किस्म का भी हो सकता है।

आंकड़ा क्या कह रहा है, इसे ऐसे पढ़ें

अगर औसत ब्रिक्स 18 से 20 के बीच है और ऊपर-नीचे का अनुपात 1 के करीब है तो कटाई का समय आ गया है। मिल को गन्ना देने की तैयारी शुरू कर सकते हैं।

अगर रीडिंग 15 से नीचे है तो गन्ना अभी कच्चा है। कुछ दिन रुकना फायदेमंद रहेगा। इस दौरान देर से दिया गया पानी और नाइट्रोजन मिठास बनने की रफ्तार धीमी कर सकता है।

अगर रीडिंग 20 से ऊपर जा रही है और गन्ना सूखने भी लगा है तो देर मत करें। ज्यादा पका गन्ना खेत में सूखकर वजन खोने लगता है और कीट-रोग का खतरा भी बढ़ जाता है।

आंख से भी परिपक्वता की पहचान करें

मीटर सबसे पक्का तरीका है, पर आंख से दिखने वाले लक्षण भी काम के हैं। पका गन्ना पूरी फसल के पीले पड़ने, बढ़वार रुकने और आंखों के फूलने से पहचाना जाता है। गन्ने को नाखून से ठोकने पर धातु जैसी आवाज आना भी पकने का संकेत माना जाता है। गन्ने को तिरछा काटकर धूप में देखने पर पके गन्ने के रस में हल्की चमक दिखती है, जबकि कच्चे गन्ने की कटान ज्यादा पानीदार लगती है।

उम्र का हिसाब भी साथ रखें। अगेती किस्में आमतौर पर 10 से 11 महीने में और मध्य-देर वाली किस्में 11 से 12 महीने में पकती हैं।

कटाई से पहले के 15 दिन सबसे अहम हैं

कटाई से करीब 10 से 15 दिन पहले सिंचाई बंद कर देनी चाहिए। इस दौरान हल्का सूखा गन्ने में चीनी जमा करने में मदद करता है। लगातार पानी देते रहने से गन्ना बढ़ता तो रहता है, पर मिठास नहीं बढ़ती।

कटा हुआ गन्ना ज्यादा देर खेत में मत छोड़ें। कटाई के 24 घंटे के अंदर गन्ना मिल तक पहुंचाना सबसे अच्छा माना जाता है। देर होने पर गन्ना सूखता है, वजन घटता है और चीनी की मात्रा भी कम होने लगती है। इसलिए कटाई का दिन तभी तय करें जब ट्रॉली, मजदूर और मिल का पर्ची कार्यक्रम तीनों तैयार हों। खेत के हर हिस्से की ब्रिक्स अलग हो सकती है, इसलिए हर हिस्से की अलग जांच करें और पके हिस्से को पहले काटें।

छोटे मीटर का बड़ा फायदा

ब्रिक्स मीटर कोई दिखावटी यंत्र नहीं है। यह किसान को अंदाजे की जगह आंकड़ा देता है। एक बार आदत पड़ जाए तो पूरी जांच में दस मिनट भी नहीं लगते। कटाई का फैसला जब आंकड़े पर होगा तो न जल्दी कटाई का नुकसान होगा और न देर से कटाई का।

मुख्य बातें

  • गन्ना पकने पर ब्रिक्स 18 से 20 प्रतिशत के बीच होना चाहिए, और ऊपर-नीचे के हिस्सों का अनुपात 1 के करीब होना चाहिए।
  • खेत के अलग-अलग हिस्सों से पांच-छह गन्नों की रीडिंग लेकर औसत निकालें, किसी एक गन्ने पर फैसला न करें।
  • कटाई से 10 से 15 दिन पहले सिंचाई बंद करें और कटा गन्ना 24 घंटे के अंदर मिल तक पहुंचाएं।

स्रोत: तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) गन्ना उत्पादन सलाह; एग्रीस्कैन गन्ना परिपक्वता मापदंड।

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Aamir Raza
लेखक

GannaUP के संस्थापक एवं मुख्य संपादक। UP गन्ना उद्योग, पर्ची प्रणाली, SAP/FRP मूल्य नीति और किसान अधिकारों पर 10+ वर्षों का जमीनी अनुभव।

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